छत्तीसगढ़ में खाद्य एवं पोषण सुरक्षा के ऐतिहासिक कीर्तिमान: 87% आबादी को मिल रहा राशन, ‘ग्रेन एटीएम’ और ‘स्मार्ट-पीडीएस’ से डिजिटल क्रांति

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने राज्य में खाद्य सुरक्षा और किसानों के कल्याण को लेकर अपनी ऐतिहासिक उपलब्धियों का ब्यौरा जारी किया है। विभाग की ओर से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में 18 अगस्त 2026 तक के दमदार आंकड़े पेश किए गए, जो यह साफ दर्शाते हैं कि राज्य सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक पौष्टिक आहार पहुंचाने और किसानों को उनकी उपज का सर्वाधिक मूल्य देने के लिए पूरी ताकत से काम कर रही है।
मुख्य बिंदु
1. राशन वितरण में अभूतपूर्व बढ़त (87% आबादी सुरक्षित)
- मजबूत नेटवर्क: वर्तमान में राज्य की 87 प्रतिशत जनसंख्या (कुल 83.36 लाख राशनकार्ड धारक) को खाद्य सुरक्षा का सीधा लाभ मिल रहा है।
- राशनकार्ड का नवीनीकरण: जनवरी 2024 में प्रचलित 77.10 लाख राशनकार्डों में से 73.94 लाख कार्डों का सफलतापूर्ण नवीनीकरण किया जा चुका है, जिससे पूरा डेटाबेस पूरी तरह पारदर्शी (त्रुटिरहित) हो गया है।
- नई दुकानें: राशन वितरण को और आसान बनाने के लिए राज्य में कुल 14,182 उचित मूल्य दुकानें संचालित हैं, जिनमें पिछले 3 वर्षों में 445 नई दुकानें खोली गई हैं।
2. पोषण सुरक्षा: बस्तर में गुड़ और देश में धान का सर्वाधिक दाम
- मुफ्त चावल: अंत्योदय और प्राथमिकता श्रेणी के परिवारों को पात्रता के अनुसार मुफ्त चावल दिया जा रहा है, जबकि सामान्य श्रेणी को सिर्फ 10 रुपये किलो में चावल मिल रहा है।
- बस्तर को विशेष सुरक्षा: बस्तर संभाग के 7.97 लाख परिवारों में आयरन की कमी दूर करने के लिए ₹17 किलो की रियायती दर पर प्रति माह 2 किलो गुड़ बांटा जा रहा है।
- चना और नमक: अनुसूचित और माडा क्षेत्रों में प्रोटीन की कमी दूर करने के लिए ₹5 प्रति किलो की दर पर 2 किलो चना और सभी को निःशुल्क आयोडीन नमक मिल रहा है।
3. डिजिटल क्रांति: छत्तीसगढ़ देश का पांचवा ‘ग्रेन एटीएम’ राज्य बना
- 24×7 राशन सुविधा: रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में छत्तीसगढ़ के पहले 3 अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम शुरू किए गए हैं। उत्तराखंड, ओडिशा, गुजरात और मेघालय के बाद छत्तीसगढ़ यह सुविधा देने वाला देश का पांचवा राज्य बन गया है।
- लाइन से मुक्ति: अब हितग्राही बिना किसी लाइन के, सिर्फ अपना आधार या राशनकार्ड नंबर डालकर बायोमेट्रिक पहचान से दिन-रात कभी भी अपना राशन निकाल सकते हैं।
4. किसानों की बल्ले-बल्ले: देश में धान का सबसे ज्यादा मूल्य
- ऐतिहासिक दाम: सरकार ने धान उपार्जन की सीमा बढ़ाकर 21 क्विंटल प्रति एकड़ कर दी है। कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों को ₹3100 प्रति क्विंटल का भुगतान किया जा रहा है, जो पूरे देश में सबसे अधिक है।
- बंपर खरीदी: खरीफ सत्र 2024-25 में 25.49 लाख किसानों से रिकॉर्ड तोड़ 149.25 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया, जो राज्य गठन के बाद से अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है।
- सीधे खाते में पैसा: धान खरीदी के महज 48 घंटे के भीतर पैसे सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजे जा रहे हैं।
5. रसोई गैस और उज्ज्वला योजना में बड़ी कामयाबी
- शहरी गैस वितरण (CGD): राज्य में पाइपलाइन के जरिए घरों तक सीधे गैस (PNG) पहुंचाने का काम शुरू हो चुका है। वर्तमान में रायपुर और मनेंद्रगढ़ के घरों में सप्लाई चालू है। वर्ष 2030 तक 42 लाख घरों को इससे जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
- उज्ज्वला योजना 3.0: महिलाओं को प्रदूषण मुक्त ईंधन देने के लिए अब तक 39 लाख से अधिक महिलाओं को निःशुल्क गैस कनेक्शन दिए जा चुके हैं। इस योजना के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ पूरे देश में चौथे स्थान पर है।
आगामी 2 वर्षों का मास्टर प्लान (कार्ययोजना)
- स्मार्ट-पीडीएस: राशनकार्ड प्रबंधन और सप्लाई चेन को पूरी तरह ऑनलाइन और सेंट्रलाइज्ड (केन्द्रीकृत) करने के लिए ‘स्मार्ट-पीडीएस/सार्थक पीडीएस योजना’ को 2026 तक पूरी तरह लागू किया जाएगा।
- रिमोट एरिया ऑनलाइन: नेटवर्क विहीन और दूरस्थ क्षेत्रों की 704 ऑफलाइन दुकानों को नेटवर्क कनेक्टिविटी से जोड़कर ऑनलाइन किया जाएगा।
- ग्रेन एटीएम का विस्तार: रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर की सफलता के बाद राज्य के अन्य जिलों में भी नए ग्रेन एटीएम खोले जाएंगे।
- गोदामों का निर्माण: आगामी समय में 2.71 लाख टन क्षमता के नए गोदामों का निर्माण किया जाएगा ताकि अनाज का सुरक्षित भंडारण हो सके।
