इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में परीक्षा निरस्त: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर 5 सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति गठित, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

रायपुर 20 अगस्त : इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में आयोजित परीक्षा को लेकर मचे बवाल के बाद आखिरकार प्रशासन ने परीक्षा निरस्त कर दी है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन कर दिया है।
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, समिति जल्द ही परीक्षा में हुई गड़बड़ियों के हर पहलू की बारीकी से जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। मुख्यमंत्री कार्यालय से साफ कर दिया गया है कि इस लापरवाही के पीछे जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रमुख बिंदु:
- परीक्षा तत्काल प्रभाव से निरस्त: छात्रों के भविष्य और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय की विवादित परीक्षा को रद्द कर दिया गया है।
- 5 सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति: मामले की तह तक जाने और अनियमितताओं के कारणों का पता लगाने के लिए विशेष जांच दल का गठन किया गया है।
- शून्य सहनशीलता की नीति: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया है कि युवाओं और शिक्षा व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
- दोषियों पर कड़ी कार्रवाई: जांच रिपोर्ट सामने आते ही दोषियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कानूनी व प्रशासनिक कदम उठाए जाएंगे।
“इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा निरस्त कर दी है और पांच सदस्यीय समिति का भी गठन किया गया है। इस मामले की जांच होगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।” — श्री विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़
इस त्वरित और कड़े कदम से परीक्षार्थियों को न्याय मिलने की उम्मीद जाग गई है, वहीं शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया है।
