रक्षाबंधन पर बहनों के लिए विष्णु भैया का अनूठा उपहार: महतारी वंदन योजना से संवर रही छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति

रायपुर, 22 अगस्त 2026: रक्षाबंधन के पावन पर्व से ठीक पहले छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश की माताओं और बहनों को महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त के रूप में एक बेहद शानदार और आर्थिक संबल देने वाला उपहार दिया है। इस विशेष सौगात के साथ प्रदेश की पात्र महिलाओं के बैंक खातों में अब तक कुल 19,444.33 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे अंतरित की जा चुकी है।
पर्व की खुशियों में चार चांद
- चेहरे पर मुस्कान: भाई-बहन के स्नेह के इस पर्व पर खाते में पहुँची राशि ने महिलाओं के उत्साह को कई गुना बढ़ा दिया है। बहनें इस राशि से अपने भाइयों के लिए राखियां, मिठाइयां और उपहार खरीदने के साथ घर-परिवार की अन्य जरूरी आवश्यकताओं को पूरा कर रही हैं।
- स्वावलंबन का आधार: महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में यह योजना अब महिलाओं के लिए केवल एक वित्तीय सहायता नहीं, बल्कि उनके आत्मसम्मान, स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता का मजबूत स्तंभ बन चुकी है।
बच्चों की पढ़ाई से लेकर स्वास्थ्य तक का संबल
सूरजपुर, बिलासपुर, और कोरबा जैसे जिलों की महिलाओं (जैसे श्रीमती तेज कुमारी, श्रीमती मंजू रजवाड़े और श्रीमती शकुंतला कुर्रे) का कहना है कि हर महीने मिलने वाली यह सहायता उनके परिवारों का बड़ा सहारा बन रही है। इस राशि से वे:
- बच्चों की स्कूली पढ़ाई, कॉपी-किताबें और पौष्टिक भोजन का खर्च उठा रही हैं।
- अपनी बेटियों के भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना जैसी योजनाओं में सुरक्षित निवेश कर रही हैं।
बचत से स्वरोजगार तक की नई उड़ान
महतारी वंदन योजना की राशि ने महिलाओं को केवल घरेलू जरूरतों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उनमें उद्यमिता की भावना को भी जागृत किया है:
- श्रीमती अनीता गंधर्व (मुंगेली): योजना की राशि बचाकर मनिहारी और सिलाई की दुकान शुरू की, जिससे वे प्रतिदिन अच्छी आय अर्जित कर रही हैं।
- श्रीमती शबीना बेगम (जांजगीर-चांपा): चूड़ी दुकान में नया सामान जोड़कर अपनी आमदनी में वृद्धि की।
- श्रीमती गायत्री श्रीवास्तव (मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर) और श्रीमती राशी कँवर (रायगढ़): ने सिलाई मशीनें खरीदकर अपनी आजीविका का नया साधन तैयार किया है।
मातृशक्ति का बढ़ता आत्मविश्वास
महतारी वंदन योजना की निरंतरता ने महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाया है। अब वे अपने घर-परिवार के छोटे-बड़े वित्तीय निर्णय स्वयं लेने में सक्षम हो रही हैं। रक्षाबंधन से पहले मिली यह 30वीं किस्त छत्तीसगढ़ की बहनों के जीवन में एक सुखद बदलाव की तस्वीर पेश कर रही है, जहां हर बहन ‘विष्णु भैया के इस उपहार’ के साथ पूरे उत्साह से पर्व मना रही है।
“महतारी वंदन योजना केवल एक आर्थिक मदद नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति को मिला वह अटूट विश्वास है जो उन्हें आत्मनिर्भरता की नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है।”
