मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कड़ा बयान: “सुप्रीम कोर्ट के आदेश का होना चाहिए सम्मान, थाने में 7 घंटे का धरना महज एक नाटक”
रायपुर 22 agast: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने हालिया राजनीतिक घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि जब देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) ने पूरी घटना की जांच के लिए घोषणा कर दी है, तो ऐसे समय में इस प्रकार का धरना-प्रदर्शन और राजनीति करना पूरी तरह से अनुचित है।
मुख्यमंत्री साय ने अपने आधिकारिक बयान में दो टूक शब्दों में कहा:
“सुप्रीम कोर्ट ने पूरी घटना की जांच के लिए घोषणा कर दी है, तो ऐसे समय में मैं नहीं समझता कि इनका यह नाटक जरूरी था कि थाने में जाकर 7 घंटे धरना दें। माननीय सुप्रीम कोर्ट का सम्मान होना चाहिए।”
युवाओं और जेन-जी (Gen-Z) के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता
एक तरफ जहां राजनीतिक गतिरोध और धरने-प्रदर्शनों पर तीखा हमला बोला गया है, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य की युवा पीढ़ी (Gen-Z) के हितों के प्रति सरकार के विजन को पूरी मजबूती से सामने रखा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार हर कदम पर युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी है।
मुख्यमंत्री ने कहा:
“सरकार जेन-जी के साथ हमेशा से खड़ी है, चाहे उनकी शिक्षा का मामला हो, चाहे रोजगार का मामला हो।”
- न्यायपालिका सर्वोपरि: सुप्रीम कोर्ट द्वारा जांच के आदेश के बाद विरोध प्रदर्शनों और धरनों को मुख्यमंत्री ने “नाटक” करार दिया।
- सम्मान की अपील: न्यायपालिका की गरिमा और माननीय सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का सभी को सम्मान करने की नसीहत दी।
- युवा केंद्रित शासन: छत्तीसगढ़ सरकार की प्राथमिकता में जेन-जी की शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसर सृजित करना सबसे ऊपर है।
