बहनों के जीवन में खुशियों का पर्व: रक्षाबंधन पर ‘विष्णु भैया’ की सौगात ने बदली बहन देवेंद्र कुमारी की तकदीर
रायपुर, 24 अगस्त: रक्षाबंधन के पावन पर्व से ठीक पहले छत्तीसगढ़ की माताओं-बहनों के लिए एक बार फिर खुशियों का पिटारा खुला है। प्रदेश में महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रही ‘महतारी वंदन योजना’ की 30वीं किस्त ने इस बार रक्षाबंधन के त्योहार को बहनों के लिए और भी अधिक खास बना दिया है। इस योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता ने गौरेला विकासखंड के ग्राम मेढूका निवासी बहन देवेंद्र कुमारी समेत प्रदेश की लाखों बहनों के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी है।

त्योहार के इस उल्लासपूर्ण माहौल में जब 30वीं किस्त की राशि सीधे बैंक खातों में पहुंची, तो महिलाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।
‘विष्णु भैया’ का स्नेहिल उपहार: रक्षाबंधन की तैयारी हुई आसान
बहन देवेंद्र कुमारी बताती हैं कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को प्रदेश की महिलाएं स्नेह से ‘विष्णु भैया’ कहकर पुकारती हैं। महतारी वंदन योजना के जरिए हर महीने मिलने वाली यह सहायता राशि उनके लिए किसी भाई के स्नेह, विश्वास और सहयोग से कम नहीं है।
रक्षाबंधन जैसे पवित्र पर्व से ठीक पहले खाते में राशि आ जाने से उन्हें त्योहार की तैयारियों में अभूतपूर्व सहूलियत मिली है। इस राशि का उपयोग उन्होंने राखियों और त्योहार से जुड़ी जरूरी वस्तुओं की खरीदारी में किया है। उनका कहना है कि यह राशि उनके लिए केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि ‘विष्णु भैया’ की ओर से भेजा गया एक स्नेहिल उपहार है।
अब खुद ले सकती हैं आर्थिक फैसले, बढ़ा आत्मविश्वास
महतारी वंदन योजना ने ग्रामीण और शहरी अंचल की महिलाओं को एक नया संबल दिया है। बहन देवेंद्र कुमारी ने साझा किया कि पहले छोटी-छोटी आवश्यकताओं और व्यक्तिगत खर्चों के लिए भी उन्हें परिवार के अन्य सदस्यों पर निर्भर रहना पड़ता था। लेकिन अब इस नियमित आर्थिक सहायता के बल पर महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और अपनी जरूरतें स्वयं पूरा कर रही हैं।
इस बदलाव ने महिलाओं के भीतर गहरा आत्मसम्मान और आत्मविश्वास पैदा किया है। अब वे केवल घरेलू कामकाज तक सीमित नहीं हैं, बल्कि परिवार के आर्थिक निर्णयों में भी अपनी मजबूत भागीदारी निभा रही हैं।
महिलाओं के जीवन में बदलाव की मजबूत तस्वीर
प्रदेश सरकार की यह योजना केवल डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) के माध्यम से पैसे भेजने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह माताओं-बहनों के सामाजिक और आर्थिक संबल का सशक्त मंच बन चुकी है। बच्चों की पढ़ाई, घर की छोटी जरूरतें, व्यक्तिगत खर्च और अब त्योहारों की रौनक—हर जगह इस योजना का सकारात्मक असर साफ दिखाई दे रहा है।
बहन देवेंद्र कुमारी के चेहरे पर खिली यह मुस्कान इस बात की जीवंत मिसाल है कि जब शासन स्तर पर नीतियां जनहित और संवेदनशीलता के साथ लागू होती हैं, तो आम नागरिकों के जीवन में किस तरह के सकारात्मक बदलाव आते हैं। ‘विष्णु भैया’ के भरोसे और स्नेह के साए में छत्तीसगढ़ की बहनें आज आत्मविश्वास के साथ आत्मनिर्भरता की नई उड़ान भर रही हैं।
