रायपुर 25 अगस्त : राज्य सरकार ने श्रमिकों के कल्याण और उनके बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को लेकर एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी पहल की है। राजधानी रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित ‘अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना’ के भव्य सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्रमिक परिवारों के प्रतिभावान बच्चों को सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर आत्मीयता से भोजन किया, उनके जीवन के अनुभव साझा किए और कहा कि “आपकी सफलता ही हमारी सबसे बड़ी खुशी है।”

कार्यक्रम के दौरान राज्य शासन ने विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के तहत 1 लाख 45 हजार 841 श्रमिकों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से 39 करोड़ 67 लाख रुपये से अधिक की सहायता राशि सीधे अंतरित की।
प्रतिष्ठित स्कूलों में मिल रही मुफ्त और उच्चस्तरीय शिक्षा
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि श्रमिक हमारे विकास की मजबूत नींव हैं। उनके परिश्रम से ही सड़कें, भवन और विशाल संरचनाएं खड़ी होती हैं। इन परिवारों के बच्चों को जीवन में आगे बढ़ने के समान अवसर देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
- योजना का विस्तार: अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना की शुरुआत पिछले वर्ष मात्र 100 बच्चों के साथ की गई थी। इस वर्ष इसका दायरा बढ़ाते हुए 200 बच्चों को इसका लाभ दिया जा रहा है।
- शीर्ष संस्थान: प्रदेश के सभी 33 जिलों से चयनित प्रतिभावान बच्चे अब राजकुमार कॉलेज, दिल्ली पब्लिक स्कूल और रुंगटा पब्लिक स्कूल जैसे प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में कक्षा 6वीं से 12वीं तक पूरी तरह निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
- आत्मविश्वास की उड़ान: आज जब श्रमिक परिवारों के बच्चे व्यवस्थित यूनिफॉर्म में धाराप्रवाह अंग्रेजी में संवाद करते और खेलकूद में उत्कृष्टता दिखाते हैं, तो यह इस बात का प्रमाण है कि उचित अवसर मिलने पर कोई भी परिस्थिति प्रतिभा को नहीं रोक सकती।
पिछले ढाई वर्षों में 774 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता
श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए निरंतर नई योजनाएं लाई जा रही हैं।
- श्रम विभाग के तीन मंडलों के माध्यम से वर्तमान में 67 प्रकार की कल्याणकारी योजनाएं संचालित हो रही हैं।
- पिछले ढाई वर्षों में डीबीटी के माध्यम से 774 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि श्रमिकों के खातों में पहुंचाई जा चुकी है।
- बदलते रोजगार परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए पार्सल डिलीवरी से जुड़े श्रमिकों को वाहन खरीदने और चरवाहों को आर्थिक सहायता देने जैसी नई योजनाओं पर भी तेजी से काम चल रहा है।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में खुल रहे शिक्षा के नए द्वार
मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ के विकास का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों से नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता मिली है। जिन क्षेत्रों में कभी शिक्षा की पहुंच असंभव थी, वहां अब ओरछा और जगरगुंडा जैसी एजुकेशन सिटी के माध्यम से विकास और शिक्षा के नए द्वार खुल रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि बस्तर से लेकर प्रदेश के दूरस्थ अंचलों तक के बच्चों को महानगरों जैसी उच्चस्तरीय शिक्षा मिल सके।
बच्चों ने साझा किए अपने सपने और अनुभव
समारोह के दौरान बच्चों के चेहरों पर एक नया आत्मविश्वास साफ झलक रहा था।
- बीजापुर के अतीश (जो राजनांदगांव के डीपीएस में अध्ययनरत हैं) ने मुख्यमंत्री के सामने आईएएस अधिकारी बनकर देश और प्रदेश की सेवा करने का अपना सपना साझा किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि उन्हें इतने बड़े स्कूल में पढ़ने का अवसर मिलेगा।
- कबीरधाम की छात्रा इशिका डाहरे (रुंगटा पब्लिक स्कूल) ने बताया कि नए स्कूल के बेहतरीन शैक्षणिक वातावरण ने अंग्रेजी बोलने के उनके डर को दूर कर उनका आत्मविश्वास कई गुना बढ़ा दिया है।
आत्मीयता की अनूठी मिसाल: बच्चों के साथ किया भोजन
समारोह का सबसे भावुक और यादगार पल वह था जब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रोटोकॉल तोड़कर श्रमिक परिवारों के बच्चों के बीच बैठकर उनके साथ दोपहर का भोजन किया। बच्चों ने मुख्यमंत्री से उनके बचपन, पसंदीदा भोजन और संघर्षों के बारे में खुलकर सवाल पूछे। एक छात्र ने बेहद उत्साह से कहा, “मुख्यमंत्री जी हमारे सबसे अच्छे टीचर जैसे हैं, जो हर सवाल का बड़े प्यार से जवाब देते हैं।”
इस गरिमामयी कार्यक्रम में सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री योगेश दत्त मिश्रा, उपाध्यक्ष श्री किशोर महानंद और श्रम विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, अभिभावक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
