बेमेतरा: हेमाबंद में पशुओं पर अमानवीयता करने वाले पिता-पुत्र गिरफ्तार, प्रशासन की ताबड़तोड़ बुलडोजर और निलंबन कार्रवाई

रायपुर / बेमेतरा 25 अगस्त : छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले की दाढ़ी तहसील अंतर्गत ग्राम हेमाबंद में मूक-पशुओं के साथ घिनौनी क्रूरता और अनाधिकृत कैद का मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने लोहे के हाथों से सख्ती दिखाई है। प्रशासन ने महज कुछ ही घंटों के भीतर त्वरित और कठोर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है, साथ ही उनके अवैध साम्राज्य पर बुलडोजर चलाकर शासकीय भूमि को मुक्त करा लिया है।
🚨 प्रशासन की बड़ी और सख्त कार्रवाइयां एक नजर में:
- फास्ट-ट्रैक गिरफ्तारी: मुख्य आरोपी दिलीप राय (55) और उसके पुत्र संजय राय (35) को पुलिस ने धर दबोचा है। दोनों पर बीएनएस (BNS) की गंभीर धाराओं, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
- अतिक्रमण पर चला प्रशासन का बुलडोजर: आरोपियों द्वारा शासकीय भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर बनाए गए ठिकानों को जमींदोज कर दिया गया है। साथ ही, इस अवैध कृत्य में इस्तेमाल किए गए ट्रैक्टर को राजसात करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
- 126 बेकसूर पशुओं का रेस्क्यू: बंधक बनाए गए सभी 126 मवेशियों को मुक्त कराकर जिले की सुरक्षित गौशालाओं में भिजवाया गया है। इन पशुओं के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी के लिए विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की विशेष टीम तैनात की गई है।
- लापरवाह पंचायत सचिव निलंबित: प्रशासनिक उदासीनता पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए ग्राम पंचायत हेमाबंद के सचिव प्रकाश कोशले को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
- मौतों की होगी उच्चस्तरीय मेडिकल जांच: गांव की सीमा पर मिले कुछ मृत पशुओं की मौत के रहस्यों से पर्दा उठाने के लिए तीन सदस्यीय पशु चिकित्सकों की विशेष मेडिकल टीम गठित कर दी गई है, जो हर एक पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।
⚖️ क्या है पूरा मामला?
ग्राम हेमाबंद में आवारा और घुमंतू पशुओं को अमानवीय तरीके से अनाधिकृत रूप से बंधक बनाकर रखने की गंभीर शिकायतें मिली थीं। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने फौरन एक्शन मोड अपनाते हुए मौके पर पशु चिकित्सकों का दल भेजा। जांच में मामला शत-प्रतिशत सही पाए जाने के बाद प्रशासन ने बिना कोई विलंब किए ताबड़तोड़ कानूनी और प्रशासनिक हथौड़े चलाए।
प्रशासन का कड़ा संदेश: “बेमेतरा जिले में मूक-पशुओं के प्रति क्रूरता, सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा या कर्तव्य के प्रति किसी भी प्रकार की कोताही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के खिलाफ ऐसी नजीर पेश की जाएगी, जो भविष्य में सबक बने।”
