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- राजधानी रायपुर के इनडोर स्टेडियम में आयोजित हुआ ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम
- नक्सली मुठभेड़ में वीरगति को प्राप्त उप निरीक्षक युगल किशोर वर्मा की धर्मपत्नी ने बांधी कलाई पर राखी
- मुख्यमंत्री ने कहा— शहीदों के परिवार कभी अकेले नहीं, उनके सुख-दुःख की चिंता करना हमारा आत्मीय कर्तव्य

रायपुर, 25 अगस्त 2026 : रक्षाबंधन के पावन पर्व से ठीक पहले राजधानी रायपुर के बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में एक ऐसा आत्मीय और भावुक क्षण देखने को मिला, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। यह सिर्फ भाई-बहन के स्नेह का पारंपरिक पर्व नहीं था, बल्कि यह मातृभूमि के लिए शहादत देने वाले एक वीर योद्धा के सम्मान और नक्सल हिंसा का दंश झेलने वाले परिवारों के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक बन गया। कार्यक्रम के दौरान नक्सली मुठभेड़ में वीरगति को प्राप्त उप निरीक्षक स्वर्गीय श्री युगल किशोर वर्मा की धर्मपत्नी श्रीमती माधुरी वर्मा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा। इस मार्मिक दृश्य को देखकर मुख्यमंत्री भी भावुक हो उठे।
“मुझे सगी बहन से बढ़कर बहन मिली है”
राखी बंधवाने के पश्चात मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बेहद भावुक स्वर में अपने मन की बात साझा की। उन्होंने कहा, “मेरी कोई सगी बहन नहीं है। हम लोग भाई ही भाई हैं। आज माधुरी जी ने मेरी कलाई पर राखी बांधी है। मुझे सगी बहन से भी बढ़कर बहन मिली है।”
मुख्यमंत्री के इन आत्मीय शब्दों ने वहां मौजूद हर एक व्यक्ति को भाव-विभोर कर दिया। एक तरफ वह वीर नारी थीं, जिन्होंने देश और प्रदेश की सुरक्षा के खातिर अपने जीवनसाथी को खोया था, तो दूसरी तरफ प्रदेश के मुखिया थे, जिन्होंने उस राखी को महज़ एक धागा नहीं, बल्कि जीवनभर के लिए एक भाई के पवित्र कर्तव्य के रूप में स्वीकार किया।
शहीदों के परिवारों के साथ खड़ी है सरकार
श्रीमती माधुरी वर्मा को आश्वस्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शहीद उप निरीक्षक युगल किशोर वर्मा का परिवार उनका अपना परिवार है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शहीदों के परिवार कभी खुद को अकेला न समझें। उनके जीवन के हर सुख-दुःख, उनके सम्मान और उनके भविष्य की चिंता करना सरकार का दायित्व ही नहीं, बल्कि हम सबका सर्वोच्च आत्मीय कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि आज बहन माधुरी द्वारा राखी बांधे जाने के बाद एक भाई के रूप में इस परिवार के प्रति उनकी जिम्मेदारियां और अधिक गहरी हो गई हैं।
छत्तीसगढ़ अपने वीर जवानों का सदैव ऋणी
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने शहीद उप निरीक्षक श्री युगल किशोर वर्मा के सर्वोच्च बलिदान को कोटि-कोटि नमन किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ महती माटी अपने वीर जवानों और उनके परिजनों के इस त्याग की सदैव ऋणी रहेगी। हमारे इन वीर सपूतों ने अपना आज इसलिए सहर्ष न्योछावर किया, ताकि छत्तीसगढ़ की आने वाली पीढ़ियों का कल पूरी तरह सुरक्षित हो सके।
‘स्नेह की डोर’ के इस ऐतिहासिक आयोजन ने यह साबित कर दिया कि छत्तीसगढ़ सरकार और पूरा प्रशासन विषम परिस्थितियों से जूझने वाले इन परिवारों के संबल बनकर पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़ा है।
