सादगी, प्रेम और आध्यात्मिकता की मूरत थीं राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि जी: राजनांदगांव में श्रद्धा के साथ मनाई गई 19वीं पुण्यस्मृति
– ब्रह्माकुमारीज़ सेवाकेंद्र ‘ज्ञान मानसरोवर’ और ‘वरदान भवन’ में उमड़ी श्रद्धांजलि देने वालों की भीड़ – विश्वभर में आध्यात्मिक चेतना जगाने वाली दादी जी के जीवन चरित्र पर वक्ताओं ने डाला प्रकाश

राजनांदगांव, 26 अगस्त: ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान की पूर्व मुख्य प्रशासिका, सादगी और विनम्रता की सजीव मूरत राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि जी की 19वीं पुण्यस्मृति राजनांदगांव में पूरी श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाई गई। इस अवसर पर स्थानीय सेवाकेंद्र ‘ज्ञान मानसरोवर’ एवं ‘वरदान भवन’ में एक विशेष भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ब्रह्माकुमारी बहनें और भाई शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत में सेवाकेंद्र संचालिका पुष्पा दीदी, सुषमा दीदी, प्रभा दीदी और रंभा दीदी समेत सभी उपस्थित साधकों ने दादी प्रकाशमणि जी के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान पूरा प्रांगण दादी जी की पावन स्मृतियों और उनके आध्यात्मिक योगदान के स्मरण से सराबोर नजर आया।
लाखों दिलों में आज भी जीवंत हैं दादी जी के आदर्श सभा को संबोधित करते हुए सेवाकेंद्र संचालिका पुष्पा दीदी ने दादी प्रकाशमणि जी के प्रेरणादायी जीवन पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि “दादी जी त्याग, तपस्या, प्रेम और करुणा की प्रतिमूर्ति थीं। उन्होंने अपने अलौकिक जीवन से दुनिया भर के लाखों लोगों को राजयोग, सकारात्मक चिंतन और उच्च नैतिक मूल्यों की प्रेरणा दी।” पुष्पा दीदी ने आगे0 बताया कि दादी जी के कुशल मार्गदर्शन और दूरदर्शिता के कारण ही ब्रह्माकुमारीज़ संस्था ने आज वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई है और मानवता को शांति का संदेश दिया है।
जीवन में आत्मिक मूल्यों को अपनाने का संकल्प श्रद्धांजलि सभा के दौरान उपस्थित सभी भाई-बहनों ने एक स्वर में दादी जी के बताए मार्ग पर चलने और उनके महान आदर्शों को अपने दैनिक जीवन में उतारने का दृढ़ संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन दादी जी की आत्मिक शांति की प्रार्थना और उनकी दिव्य शिक्षाओं को जन-जन तक पहुँचाने के संकल्प के साथ हुआ।
इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक और संस्था से जुड़े साधक उपस्थित रहे, जिन्होंने मौन रखकर दादी जी को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
