मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बलरामपुर में किया बाबा कर्मेश्वर का रुद्राभिषेक, ग्राम कर्रा में मंगल भवन की घोषणा

बलरामपुर-रामानुजगंज 26 अगस्त : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के विकासखंड राजपुर अंतर्गत ग्राम कर्रा में आयोजित भव्य श्री महारुद्र यज्ञ एवं शिव पुराण कथा में सहभागिता की। इस दौरान उन्होंने पावन प्राचीन बाबा कर्मेश्वर धाम में विधि-विधान से भगवान शिव का रुद्राभिषेक कर प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और उत्तरोत्तर प्रगति की कामना की। कार्यक्रम में क्षेत्र के विकास को गति देते हुए मुख्यमंत्री ने ग्राम कर्रा में मंगल भवन के निर्माण की घोषणा की।
अध्यात्म और विकास का अनूठा संगम: मुख्यमंत्री के मुख्य बिंदु
- शक्तिपीठों का धार्मिक कॉरिडोर: मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत को सहेजने के लिए राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है। प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों को धार्मिक कॉरिडोर के रूप में जोड़ा जा रहा है, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
- रामलला दर्शन योजना: मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ साझा किया कि राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के माध्यम से अब तक लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं ने अयोध्या जाकर प्रभु श्रीराम के अलौकिक दर्शन किए हैं।
- तीर्थ दर्शन योजना: वरिष्ठ नागरिकों की आस्था का सम्मान करते हुए शुरू की गई इस योजना के अंतर्गत देश के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन की सुविधा है, जिससे अब तक लगभग 10 हजार श्रद्धालु लाभान्वित हो चुके हैं।
- शांति और विकास की राह पर बस्तर: मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा कर्मेश्वर के आशीर्वाद और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में बस्तर अब नक्सलवाद से मुक्ति पाकर शांति और विकास के नए स्वर्णिम दौर में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत रोपा रुद्राक्ष
प्रकृति संरक्षण और पर्यावरण के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बाबा कर्मेश्वर धाम परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम 3.0’ अभियान के अंतर्गत अपनी आदरणीय माता श्रीमती जसमनी देवी साय के नाम पर रुद्राक्ष का पौधा रोपा। इस अवसर पर संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने भी बेल का पौधा लगाकर प्रदेशवासियों को पर्यावरण संवर्धन का प्रेरक संदेश दिया।
ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक महत्व का केंद्र: बाबा कर्मेश्वर धाम
ग्राम कर्रा स्थित बाबा कर्मेश्वर धाम इस क्षेत्र की अगाध लोक आस्था का प्रमुख केंद्र है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, यहां विराजमान शिवलिंग प्राकृतिक रूप से प्रकट हुआ है। जनश्रुतियों के मुताबिक, लगभग नौवीं-दसवीं शताब्दी में साल के वृक्ष के खोल में इस पावन शिवलिंग की उत्पत्ति हुई थी। बारिश की कामना से जुड़ी यहां की प्राचीन लोक परंपराएं आज भी इस क्षेत्र की सांस्कृतिक विशिष्टता को संजोए हुए हैं।
इस अवसर पर संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, आईजी श्री दीपक झा, सरगुजा संभागायुक्त श्री नरेंद्र दुग्गा, कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक श्री वैभव बैंकर सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
