iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर छत्तीसगढ़ की रैंकिंग में सुधार के लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किए सख्त निर्देश, अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए क्षमता निर्माण योजना अनिवार्य

नया रायपुर 26 अगस्त : केंद्र सरकार के iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर राज्य की रैंकिंग और कार्य-निष्पादन संकेतकों (KPIs) में सुधार लाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों, विभागाध्यक्षों, संभाग आयुक्तों और कलेक्टरों को एक विस्तृत और सख्त दिशा-निर्देश पत्र जारी किया है। जारी रिपोर्ट के अनुसार, श्रेणी ‘B’ (1,00,001 से 5,00,000 तक कर्मचारियों की संख्या वाले राज्य) के अंतर्गत छत्तीसगढ़ वर्तमान में 30.79 कंपोजिट स्कोर के साथ 9वें स्थान पर है, जिसमें सुधार लाने के लिए अब युद्ध स्तर पर प्रशासनिक प्रयास शुरू किए जा रहे हैं।
रैंकिंग सुधार के प्रमुख बिंदु और निर्धारित मानक
कर्मयोगी भारत, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (भारत सरकार) द्वारा तय किए गए मानकों के तहत रैंकिंग के लिए कुल 100 अंक निर्धारित किए गए हैं, जिनका विभाजन इस प्रकार है:
- एआई-बेस्ड कैपेसिटी बिल्डिंग प्लान (CBP): इसके लिए 30 अंक तय किए गए हैं, जो विभागों द्वारा AI-पावर्ड टूल्स के उपयोग और उसकी स्थिति पर आधारित हैं।
- पाठ्यक्रमों का योगदान: राज्य के कार्यक्षेत्र से जुड़े उपयोगी विषयों पर पाठ्यक्रम अपलोड करने के लिए 30 अंक निर्धारित हैं।
- अध्ययनकर्ताओं की प्रगति: पिछले माह में कम से कम 01 घंटे का अध्ययन पूर्ण करने वाले कर्मचारियों के प्रतिशत के आधार पर 40 अंक दिए जाते हैं।
विभागों को दिए गए आवश्यक निर्देश
रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार के लिए शासन ने सभी विभागों को निम्नलिखित कार्रवाई प्राथमिकता से सुनिश्चित करने को कहा है:
- AI आधारित CBP तैयार करना: प्रत्येक विभाग AI-पावर्ड कैपेसिटी बिल्डिंग प्लान क्रिएशन टूल का उपयोग कर अपने कर्मचारियों की भूमिका के अनुरूप क्षमता निर्माण योजना तैयार करेगा।
- कोर्सों का योगदान: प्रत्येक विभाग अपने कार्यक्षेत्र से संबंधित कम से कम 01 कोर्स तैयार कर iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर अपलोड करेगा, और राज्य को अधिकतम अंक दिलाने के लिए कम से कम 10 सक्रिय पाठ्यक्रम (Live Courses) का लक्ष्य रखा गया है।
- प्रति माह 1 घंटे का कोर्स अनिवार्य: सभी विभागों के अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रत्येक माह कम से कम 01 घंटे का कोर्स पूरा करना अनिवार्य किया गया है।
- नियमित समीक्षा: विभागीय स्तर पर इन तीनों बिंदुओं की नियमित रूप से मॉनिटरिंग और समीक्षा की जाएगी तथा प्रगति रिपोर्ट सामान्य प्रशासन विभाग को उपलब्ध कराई जाएगी।
