राजनांदगांव, 4 अगस्त: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के साइंटिस्ट, इंजीनियर्स एवं आर्किटेक्ट प्रभाग के तत्वावधान में स्थानीय ज्ञान मानसरोवर परिसर में पर्यावरण संरक्षण एवं आपदा प्रबंधन विषय पर एक भव्य एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में वक्ताओं ने एक स्वर में इस बात पर जोर दिया कि केवल बाहरी उपायों से पर्यावरण समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो सकता, इसके लिए आंतरिक चेतना और आध्यात्मिक मूल्यों का विकास अत्यंत आवश्यक है।

मुख्य वक्ताओं के विचार: आंतरिक परिवर्तन ही वास्तविक समाधान
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में पानीपत से पधारे प्रख्यात राजयोगी भ्राता भारत भूषण ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज मानव ने अपने स्वार्थ और भौतिक सुख-सुविधाओं की अंधी दौड़ में प्रकृति का अत्यधिक दोहन किया है। जिसका परिणाम हमारे सामने जलवायु परिवर्तन और विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं के रूप में आ रहा है।

उन्होंने स्पष्ट किया:
“केवल वृक्षारोपण, जल संरक्षण या प्रदूषण नियंत्रण जैसे बाहरी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। जब तक मनुष्य अपने मन और स्वभाव की प्रकृति को नहीं बदलेगा, तब तक बाहरी प्रकृति संतुलित नहीं हो सकती। मनुष्य के विचार, संस्कार और कर्म ही पर्यावरण की दिशा तय करते हैं।”
दिल्ली से पधारे राजयोगी भ्राता पीयूष ने विज्ञान और आध्यात्मिकता के समन्वय पर बल देते हुए कहा कि आपदा प्रबंधन केवल तकनीकी उपायों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए मानसिक दृढ़ता और आत्मबल की भी उतनी ही आवश्यकता है।
हैदराबाद से पधारी राजयोगिनी अंजली दीदी ने संयमित जीवनशैली और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने उपस्थित सभी श्रोताओं को राजयोग मेडिटेशन का विशेष अभ्यास कराया, जिससे पूरा सभागार आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता से सराबोर हो गया।

विभिन्न संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम और संकल्प
सेवाकेंद्र संचालिका ब्रह्माकुमारी पुष्पा दीदी ने स्वागत उद्बोधन देते हुए पर्यावरण संरक्षण को प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी बताया।
सोमवार को इस अभियान के तहत शहर के चार प्रमुख संस्थानों—
- डेंटल कॉलेज
- नगर निगम
- एबीस फैक्ट्री
- कमल साल्वेंट
—में भी विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें विद्यार्थियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और शहर के गणमान्य नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पर्यावरण संरक्षण के साथ आध्यात्मिक जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।
गरिमामयी उपस्थिति और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डोंगरगांव के विधायक भ्राता दलेश्वर साहू ने इस अनूठी पहल की भूरी-भूरी प्रशंसा की। अभियंता संघ के अध्यक्ष इंजीनियर राजेश साहू ने अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं। कार्यक्रम का शुभारंभ नन्हीं बालिका शिवांशी के आकर्षक स्वागत नृत्य से हुआ। माउंट आबू से पधारे धनंजय भाई ने सभी को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई, तथा मंच का कुशल संचालन ब्रह्माकुमारी प्रभा बहन ने किया।
इस अवसर पर इंजीनियर महेंद्र साहू, विनोद पांडे, संजीव देवांगन, तरुण साहू, राकेश ठाकुर, अमलेन्दु हाजरा, प्रो. कृष्णकुमार द्विवेदी, पार्षद शिव वर्मा, पार्षद प्रियंका कुरुंजरेकर, और दिनेश भट्टर सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
