नेपाल आपदा: रायपुर की मोनिका यादव नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन के बाद लापता, छत्तीसगढ़ सरकार ने कसी कमर
प्रशासन और केंद्रीय एजेंसियों द्वारा युद्ध स्तर पर खोजबीन जारी

रायपुर 27 अगस्त : नेपाल में कुदरत का कहर इन दिनों अपने चरम पर है। वहां आए विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है, जिसकी चपेट में छत्तीसगढ़ के नागरिक भी आ गए हैं। राजधानी रायपुर के डी.डी. नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत महादेव घाट की रहने वाली मोनिका यादव नेपाल आपदा के बाद से लापता हो गई हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मोनिका यादव गत 22 अगस्त 2026 को नेपाल प्रवास पर गई थीं। आपदा के बाद से उनका अपने परिजनों से संपर्क पूरी तरह टूट गया है। इस दुखद और गंभीर स्थिति को संज्ञान में लेते हुए छत्तीसगढ़ शासन ने कड़े कदम उठाए हैं। राज्य सरकार नेपाल में सक्रिय केंद्रीय एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर उनकी सुरक्षित खोजबीन के लिए लगातार समन्वय बनाए हुए है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर प्रशासनिक मशीनरी सक्रिय
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पूरे मामले की कमान खुद अपने हाथों में ली है। उनके स्पष्ट निर्देशों के बाद राज्य के सभी जिलों में नेपाल गए नागरिकों का डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। शासन स्तर पर एक विशेष मॉनिटरिंग सेल का गठन किया गया है जो पल-पल की स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए है।
“नेपाल में फंसे या प्रभावित हुए हमारे प्रदेश के हर एक नागरिक की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। लापता मोनिका यादव की तलाश के लिए सभी संभव प्रयास किए जा रहे हैं। संकट की इस घड़ी में सरकार पीड़ित परिवार के साथ पूरी संवेदनशीलता और मजबूती से खड़ी है।” — श्री विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़
सरकार की नागरिकों से अपील और জরুরি हेल्पलाइन नंबर
प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि किसी भी व्यक्ति के पास नेपाल में रह रहे छत्तीसगढ़ के किसी भी नागरिक के संबंध में कोई भी सूचना या अपडेट हो, तो वे तुरंत प्रशासन को सूचित करें।
परिवारों की मदद और त्वरित सहायता के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने 24 घंटे सक्रिय रहने वाले हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं:
- टोल-फ्री नंबर: 1070
- कंट्रोल रूम नंबर: 0771-2223471
राज्य शासन ने स्पष्ट किया है कि नेपाल में फंसे छत्तीसगढ़ के नागरिकों की सुरक्षित वापसी और उनके परिजनों को हरसंभव संबल प्रदान करने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।
