ओखर गौधाम त्रासद मामला: बिलासपुर कलेक्टर के सख्त निर्देश पर उतरी प्रशासनिक टीम, जलभराव के बीच 3 दिनों में 6 पशुओं की मौत से हड़कंप

मुख्य बातें (Highlights):
- कलेक्टर का कड़ा रुख: बिलासपुर कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने ओखर गौधाम मामले में तुरंत जांच के आदेश दिए, जिसके बाद पशु चिकित्सा विभाग ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।
- मौतों की पुष्टि: बीते तीन दिनों के भीतर गौधाम परिसर में कुल 6 पशुओं की मौत हुई है, जिसमें 4 की मौत वृद्धावस्था और 2 की मौत अन्य कारणों से होने की बात सामने आई है।
- जलभराव बना मुख्य कारण: भारी बारिश के चलते गौधाम परिसर में जलभराव और कीचड़ की गंभीर स्थिति बन गई थी, जिससे मवेशियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
- बड़ा प्रशासनिक फैसला: ग्राम पंचायत ओखर के सरपंच की सहमति से अब गौधाम में मौजूद सभी 300 पशुओं को सुरक्षित और सूखे स्थान पर शिफ्ट करने के आदेश जारी किए गए हैं।
विस्तृत ग्राउंड रिपोर्ट:
बिलासपुर (मस्तूरी) 28 अगस्त : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के मस्तूरी विकासखंड अंतर्गत ग्राम ओखर स्थित गौधाम में पशुओं की मौत का मामला तूल पकड़ने के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बिलासपुर कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने इसे अत्यंत गंभीरता से लिया और तत्काल वस्तुस्थिति की जांच के आदेश जारी किए। कलेक्टर के निर्देश के बाद संयुक्त संचालक (पशु चिकित्सा सेवाएं) डॉ. गोपाल शरण सिंह के कुशल नेतृत्व में विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक उच्चस्तरीय टीम ने तुरंत ग्राम ओखर पहुंचकर गौधाम का मैदानी निरीक्षण किया।
विशेषज्ञ टीम ने मौके पर पहुंचकर न सिर्फ हालात का जायजा लिया, बल्कि मृत पशुओं का विधिवत पोस्टमार्टम भी करवाया ताकि मौतों के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सके। पशु चिकित्सा विभाग द्वारा तैयार कर बिलासपुर कलेक्टर को सौंपी गई जांच प्रतिवेदन के अनुसार, गौधाम में पिछले तीन दिनों के अंतराल में कुल 6 पशुओं की मृत्यु की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि इन मृत मवेशियों में से 4 की मौत अत्यधिक वृद्धावस्था के कारण हुई है, जबकि शेष 2 पशुओं की मृत्यु के अन्य कारण रहे हैं।
भारी बारिश और जलभराव ने बढ़ाई मवेशियों की मुश्किलें
जांच रिपोर्ट के तकनीकी पहलुओं पर गौर करें तो यह बात सामने आई है कि हाल ही के दिनों में हुई मूसलाधार और अत्यधिक बारिश के कारण ओखर गौधाम परिसर के भीतर भारी जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। जलभराव और कीचड़ के कारण पशुओं के रहने के लिए अनुकूल माहौल नहीं बचा था।
आपको बता दें कि इस गौधाम में गत 21 अगस्त 2026 को ही पशुओं को विस्थापित कर लाया गया था, जहाँ वर्तमान समय में ग्राम पंचायत ओखर के लगभग 300 मवेशी मौजूद हैं। अचानक हुई बारिश और जलभराव के प्रबंधन में आई दिक्कतों के कारण पशुओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही थी, जिसे प्रशासन ने समय रहते भांप लिया।
सरपंच की सहमति से सभी 300 पशुओं को किया जा रहा है शिफ्ट
पशुधन की सुरक्षा, संरक्षा और उनके उत्तम स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने अब एक बड़ा और दूरगामी निर्णय लिया है। ग्राम पंचायत ओखर के सरपंच की पूर्ण सहमति से यह तय किया गया है कि गौधाम में रह रहे सभी 300 पशुओं को तत्काल प्रभाव से किसी अन्य सुरक्षित, सूखे और सुविधाजनक स्थान पर स्थानांतरित (Shift) किया जाएगा। इसके साथ ही मवेशियों को बेहतर चारा उपलब्ध कराने के लिए उन्हें बाहर चराने ले जाने के भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
फिलहाल, जिला प्रशासन और पशु चिकित्सा विभाग की संयुक्त टीमें ओखर गौधाम और विस्थापन स्थलों पर पूरी तरह मुस्तैद हैं। पशुओं के स्वास्थ्य पर लगातार 24 घंटे कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी अन्य मवेशी को किसी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या का सामना न करना पड़े। इस त्वरित प्रशासनिक और संवेदनशीलता से भरे कदम के बाद स्थानीय स्तर पर राहत की सांस ली जा रही है।
प्रशासन की चेतावनी और प्रतिबद्धता: जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि पशुओं की सुरक्षा और उनके रखरखाव में किसी भी स्तर पर लापरवाही या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गौधामों में व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए मैदानी अधिकारियों को लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।
