‘नशामुक्त युवा-विकसित भारत’: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आह्वान, छत्तीसगढ़ को नशामुक्त बनाने के लिए आगे आएं सभी
- मुख्यमंत्री ने युवाओं को बचाने के लिए सामाजिक जन-आंदोलन की जरूरत पर दिया जोर
- कहा- नशा सिर्फ शरीर ही नहीं, बल्कि परिवार और पूरे समाज को अंदर से खोखला कर रहा है

रायपुर / बिलासपुर / दुर्ग 30 अगस्त : देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन ‘नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान को छत्तीसगढ़ में धरातल पर उतारने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने एक बेहद कड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने प्रदेश की जनता, युवाओं और समाज के सभी वर्गों से अपील की है कि वे इस अभियान से जुड़ें और छत्तीसगढ़ को नशामुक्त बनाने की शपथ लें।
मुख्यमंत्री श्री साय ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज नशे की गिरफ्त में हमारी युवा पीढ़ी सबसे अधिक प्रभावित हो रही है, जो कि देश और राज्य के भविष्य के लिए एक बड़ी चुनौती है। इसे रोकने के लिए सिर्फ सरकारी स्तर पर नहीं, बल्कि समाज के हर एक व्यक्ति को मिलकर आगे आना होगा।
नशा विनाश का द्वार: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि नशे की लत केवल एक व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही बर्बाद नहीं करती, बल्कि हँसते-खेलते परिवारों को उजाड़ देती है और पूरे सामाजिक ताने-बाने को कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा:
“नशा सिर्फ युवाओं के शरीर के लिए ही नहीं, बल्कि व्यक्ति, परिवार और समाज के लिए भी अभिशाप और अत्यंत नुकसानदायक है। इसलिए हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है कि इस दीमक को समाज से उखाड़ फेंके।”
शपथ लेकर शुरू करें बदलाव की शुरुआत
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया है कि वे इस दिशा में केवल चर्चा तक सीमित न रहें, बल्कि व्यक्तिगत रूप से संकल्प (शपथ) लें। उन्होंने कहा कि हर जिम्मेदार नागरिक को यह प्रण लेना चाहिए कि वे न केवल खुद नशे से दूर रहेंगे, बल्कि दूसरों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि मुख्यमंत्री के इस सशक्त और समयोचित संदेश से प्रदेश के युवाओं में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा और छत्तीसगढ़ में ‘नशामुक्त युवा’ अभियान एक बड़े जन-आंदोलन का रूप लेगा।
