नारी शक्ति के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन से ही गढ़ेगा समृद्ध छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

– राजधानी रायपुर के अटल बिहारी वाजपेयी सभागृह में भव्य ‘नारी शक्ति सम्मान समारोह’ संपन्न – महतारी गौरव वर्ष के तहत चिकित्सा, शिक्षा, खेल, पत्रकारिता और उद्यमिता समेत विभिन्न क्षेत्रों की विशिष्ट महिलाएं सम्मानित – प्रदेश में 13.85 लाख से अधिक महिलाएं बनीं ‘लखपति दीदी’, 481 ‘महतारी सदनों’ का हो रहा निर्माण

रायपुर, 30 अगस्त 2026: “जब नारी शक्ति आगे बढ़ती है, तो उसके साथ परिवार, समाज और पूरा देश आगे बढ़ता है। महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा, समान अवसर और आर्थिक स्वावलंबन प्रदान करना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। हमारा यह स्पष्ट संकल्प है कि छत्तीसगढ़ की हर बेटी को अपने सपने पूरे करने का अवसर मिले और हर महिला आत्मविश्वास एवं आत्मसम्मान के साथ समाज में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए।”
यह उद्गार मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय परिसर के अटल बिहारी वाजपेयी सभागृह में आयोजित ‘नारी शक्ति सम्मान समारोह’ को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के तत्वावधान में आयोजित इस भव्य समारोह में मुख्यमंत्री श्री साय ने चिकित्सा, शिक्षा, खेल, साइबर सुरक्षा, पत्रकारिता, कला एवं संस्कृति, कृषि, महिला उद्यमिता, सामाजिक सेवा और महिला सुरक्षा जैसे विभिन्न चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में अनुकरणीय और उत्कृष्ट योगदान देने वाली प्रदेश की चुनिंदा महिलाओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने ‘नारी शक्ति सम्मान समारोह’ पर केंद्रित विशेष ब्रोशर का भी औपचारिक विमोचन किया।

सम्मानित महिलाएं हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत
मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न क्षेत्रों में परचम लहराने वाली सभी सम्मानित महिलाओं को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इन माताओं-बहनों ने अपनी अटूट मेहनत, असाधारण प्रतिभा, साहस और बुलंद हौसलों के बल पर समाज में एक नई मिसाल कायम की है।
उनकी ये उपलब्धियां मात्र व्यक्तिगत सफलता की कहानियां नहीं हैं, बल्कि उन लाखों बेटियों के लिए मार्गदर्शिका और प्रेरणा हैं, जो जीवन में बड़े सपने देखने और उन्हें सच साबित करने के लिए निरंतर संघर्षरत हैं। मुख्यमंत्री ने भारतीय संस्कृति के गौरवशाली मूल्यों का स्मरण करते हुए कहा कि हमारे शास्त्रों में सदैव यह उद्घोषित किया गया है—“यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः।” हमारी सांस्कृतिक चेतना में नारी को हमेशा से शक्ति, करुणा, सृजन और सर्वोच्च संस्कारों का आधार माना गया है। राज्य सरकार इसी महान भारतीय परंपरा को अपनी नीतियों और योजनाओं के माध्यम से धरातल पर पूरी निष्ठा से उतार रही है।
महिला आयोग न्याय के साथ-साथ जागरूकता का भी बने सशक्त माध्यम
राज्य महिला आयोग की नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. ममता साहू को उनकी इस नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए बधाई देते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास जताया कि उनके दीर्घावधि के सामाजिक जीवन के अनुभव, कानून की गहरी समझ और शैक्षणिक योग्यता से आयोग को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि महिला आयोग का दायरा केवल शिकायतों के निपटारे तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे प्रदेश के सुदूर गाँवों, अंचलों और जनजातीय बस्तियों तक पहुँचना चाहिए। आयोग को महिलाओं को उनके कानूनी तथा संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने का एक प्रभावी मंच बनना चाहिए, ताकि प्रदेश की हर पीड़ित और जरूरतमंद महिला यह विश्वास रख सके कि शासन और उसकी संस्थाएं हर परिस्थिति में उनके साथ पूरी संवेदनशीलता से खड़ी हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नारी शक्ति को मिले अभूतपूर्व अवसर
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश भर में मातृशक्ति को एक नई पहचान और अनंत अवसर मिले हैं। ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ जैसे क्रांतिकारी अभियान ने बेटियों के प्रति समाज की पारंपरिक सोच में एक सकारात्मक और ऐतिहासिक बदलाव ला दिया है।
उन्होंने गर्व के साथ कहा कि आज देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का आसीन होना समस्त देशवासियों और विशेषकर नारी शक्ति के लिए अत्यंत गौरव का क्षण है। प्रधानमंत्री श्री मोदी का यह स्पष्ट मत है कि एक सशक्त और ‘विकसित भारत’ के निर्माण का संकल्प महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना अधूरा है। इसी विजन के साथ छत्तीसगढ़ सरकार भी मातृशक्ति को विकास की मुख्य धारा की अग्रिम पंक्ति में खड़ा कर रही है।
महतारी वंदन योजना और ‘लखपति दीदी’ अभियान से बदल रही है तकदीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के बिना वास्तविक विकास संभव नहीं है। ‘महतारी वंदन योजना’ के माध्यम से आज प्रदेश की 68 लाख से अधिक पात्र महिलाओं के बैंक खातों में प्रतिमाह 1,000 रुपये की सम्मान राशि अंतरित की जा रही है। अब तक इस योजना की 31 किस्तें सफलतापूर्वक जारी की जा चुकी हैं, जो महिलाओं के आत्मसम्मान और उनकी निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत कर रही हैं।
इसके साथ ही, स्व-सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं ने आर्थिक आत्मनिर्भरता की एक नई इबारत लिख दी है। आज पारंपरिक सिलाई-कढ़ाई से लेकर कृषि, वनोपज प्रसंस्करण, लघु उद्योगों और यहाँ तक कि आधुनिक ड्रोन संचालन जैसे तकनीकी क्षेत्रों में भी छत्तीसगढ़ की महिलाएं सफलता के झंडे गाड़ रही हैं। प्रदेश में अब तक 13.85 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनकर आत्मनिर्भरता की पर्याय बन चुकी हैं।
वर्ष 2026: ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में समर्पित
राज्य सरकार की दूरगामी पहलों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि वर्ष 2026 को ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है। यह वर्ष राज्य की मातृशक्ति के अतुलनीय योगदान को समर्पित है।
उन्होंने बताया कि बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ‘सरस्वती साइकिल योजना’ का विस्तार किया गया है, वहीं ‘मेरी बेटी, मेरा अभिमान’ पहल के तहत प्रदेश भर के विद्यालयों में 6,671 बालिका शौचालयों के निर्माण को स्वीकृति दी गई है। इसके अतिरिक्त, महिला स्व-सहायता समूहों की बैठकों और व्यावसायिक गतिविधियों के सुचारू संचालन के लिए 481 अत्याधुनिक ‘महतारी सदनों’ का निर्माण युद्धस्तर पर किया जा रहा है। साथ ही, महिलाओं के नाम पर संपत्तियों के पंजीयन में दी जा रही विशेष रियायतों से उनका आर्थिक आधार और अधिक मजबूत हो रहा है।
विशिष्ट अतिथियों के संबोधन
- केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि महिला आयोग पीड़ित महिलाओं के लिए एक मजबूत संबल है। उन्होंने विश्वास जताया कि डॉ. ममता साहू के नेतृत्व में आयोग महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और उनके समग्र उत्थान के लिए ऐतिहासिक कार्य करेगा।
- उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में छत्तीसगढ़ देश का एक अग्रणी, खुशहाल और आत्मनिर्भर राज्य बनने की दिशा में तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है।
- महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के 25 वर्ष (रजत जयंती) पूर्ण होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं ने प्रदेश की महिलाओं के जीवन में क्रांतिकारी सकारात्मक परिवर्तन लाए हैं।
इस अवसर पर राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायकगण श्री पुरंदर मिश्रा व श्री मोतीलाल साहू, रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे, अंबिकापुर की महापौर श्रीमती मंजूषा भगत, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में विभिन्न क्षेत्रों से आई प्रबुद्ध महिलाएं उपस्थित थीं।
“जब एक बेटी शिक्षित होती है, तो पूरी पीढ़ी संवर जाती है और जब एक महिला आत्मनिर्भर बनती है, तो पूरा परिवार आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ता है। नारी शक्ति के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन से ही ‘समृद्ध छत्तीसगढ़’ का हमारा सपना साकार हो रहा है।” — श्री विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़
