नवा रायपुर में आज सजेगा खनिजों का बाजार: महत्वपूर्ण और रणनीतिक मिनरल ब्लॉक्स की 8वीं किश्त पर बड़ा रोड शो कल, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे शुभारंभ

प्रमुख बिंदु (At a Glance)
- आयोजन स्थल: मेफेयर लेक रिजॉर्ट, नवा रायपुर
- मुख्य अतिथि: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
- विशिष्ट अतिथि: केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू और श्री सतीश चंद्र दुबे
- मुख्य आकर्षण: टिन पोर्टल और ‘ई-रेत सांगवारी पोर्टल’ का डिजिटल लोकार्पण, साथ ही कई रणनीतिक एमओयू (MoU)।
छत्तीसगढ़ बनेगा देश का नया मिनरल हब: नवा रायपुर में रणनीतिक खनिजों पर महामंथन
रायपुर 30 अगस्त।खनिज संपदा से समृद्ध छत्तीसगढ़ की धरती पर देश के औद्योगिक और तकनीकी भविष्य को नई दिशा देने वाला एक ऐतिहासिक आयोजन होने जा रहा है। भारत सरकार के खान मंत्रालय द्वारा क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल ब्लॉक्स (Critical and Strategic Mineral Blocks) की 8वीं किश्त के तहत एक भव्य रोड शो का आयोजन कल 31 अगस्त को नवा रायपुर के मेफेयर लेक रिजॉर्ट में किया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय आयोजन के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू तथा कोयला एवं खान राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे करेंगे। इसके अलावा सीएमडीसी के अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह, राज्य के मुख्य सचिव, खान मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और देश-विदेश के जाने-माने खनन विशेषज्ञ तथा उद्योग जगत के दिग्गज इस महाकुंभ में शिरकत करेंगे।
क्यों खास है यह 8वीं किश्त? देश की ऊर्जा और तकनीक सुरक्षा की कुंजी
भारत सरकार द्वारा महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिजों की इस 8वीं किश्त के अंतर्गत कुल 20 खनिज ब्लॉक्स को नीलामी के मैदान में उतारा गया है।
- ब्लॉक्स का स्वरूप: इसमें 3 माइनिंग लीज (ML) और 17 कंपोजिट लाइसेंस (CL) ब्लॉक्स शामिल हैं।
- खनिजों की फेहरिस्त: इन क्षेत्रों में ग्रेफाइट, रेयर अर्थ एलिमेंट्स (REE), रेयर मेटल्स, वैनेडियम, गैलियम, टाइटेनियम, मोलिब्डेनम और टंगस्टन जैसे दुर्लभ और बेहद कीमती खनिज प्रचुर मात्रा में निहित हैं।
- रणनीतिक महत्व: ये खनिज आज के दौर में आधुनिक तकनीक (जैसे इलेक्ट्रिक वाहन, मोबाइल, सेमीकंडक्टर), स्पेस टेक्नोलॉजी, रक्षा उपकरणों और देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए ऑक्सीजन की तरह अनिवार्य हैं।
डिजिटल क्रांति: ‘टिन पोर्टल’ और ‘ई-रेत सांगवारी पोर्टल’ का होगा शुभारंभ
छत्तीसगढ़ में खनिज प्रशासन को पूरी तरह पारदर्शी, आधुनिक और भ्रष्टाचार-मुक्त बनाने के लिए इस रोड शो के दौरान कई क्रांतिकारी डिजिटल पहलों की शुरुआत की जाएगी:
- टिन पोर्टल (Tin Portal): टिन अयस्क के प्रबंधन और व्यापार को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए समर्पित पोर्टल।
- ई-रेत सांगवारी पोर्टल (E-Ret Sangwari Portal): आम जनता और रेत ठेकेदारों के लिए रेत उत्खनन और परिवहन को सुगम बनाने वाला डिजिटल माध्यम।
महत्वपूर्ण समझौते (MoU) और विमोचन:
- CMDC और इंडियन ओवरसीज बैंक के बीच वित्तीय सहयोग और निवेश को बढ़ावा देने हेतु समझौता।
- पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के साथ ‘कोरन्डम कटिंग एवं पॉलिशिंग’ के विशेष प्रशिक्षण हेतु एमओयू।
- माइनर मिनरल्स पर आधारित विशेष पुस्तक का विमोचन।
- राज्य में चूना पत्थर (लाइमस्टोन) के तीन नए माइनिंग लीज ब्लॉक्स के लिए एनआईटी (NIT) जारी करने की प्रक्रिया।
कार्यक्रम की रूपरेखा (Schedule Overview)
- प्रातः 10:30 बजे: पंजीयन और आत्मीय चाय-पान के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ।
- दोपहर 12:00 बजे: मुख्य अतिथियों का आगमन, दीप प्रज्ज्वलन, वंदे मातरम् और स्वागत उद्बोधन (खनिज संसाधन विभाग सचिव एवं खान मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त सचिव द्वारा)।
- उच्चस्तरीय संबोधन: खान सचिव (भारत सरकार), मुख्य सचिव (छत्तीसगढ़ शासन), सीएमडीसी अध्यक्ष, केंद्रीय राज्य मंत्रियों (श्री तोखन साहू एवं श्री सतीश चंद्र दुबे) का मार्गदर्शन।
- मुख्य आकर्षण: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का प्रेरणास्पद मुख्य आतिथ्य उद्बोधन।
- दोपहर 02:00 बजे: तकनीकी सत्र (Technical Session) – जिसमें MECL द्वारा खनिज ब्लॉक्स का प्रेजेंटेशन, SBI Caps द्वारा ऑक्शन प्रक्रिया और MSTC द्वारा ई-ऑक्शन की बारीकियों पर विस्तृत चर्चा होगी। साथ ही उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ खुला संवाद (Open House Discussion) होगा।
- अपराह्न समीक्षा बैठक: नीलाम हो चुके खनिज ब्लॉक्स के ‘ऑपरेशनलाइजेशन’ (संचालन) की प्रगति की समीक्षा और माइन विजिट।
निष्कर्ष: छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया पंख
यह रोड शो न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि संपूर्ण भारत के औद्योगिक परिदृश्य में मील का पत्थर साबित होगा। केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतरीन तालमेल और उद्योग जगत की सक्रिय भागीदारी से राज्य में नए निवेश के द्वार खुलेंगे, रोजगार के हज़ारों अवसर सृजित होंगे और देश आत्मनिर्भर भारत की राह पर और तेजी से आगे बढ़ेगा।
