बहतराई स्टेडियम में गूंजा तीजा तिहार का उल्लास: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बहनों संग साझा की पर्व की खुशियां
- छत्तीसगढ़ी संस्कृति और नारी शक्ति का भव्य संगम, पारंपरिक वेशभूषा में उमड़ी माताओं-बहनों की भारी भीड़।
- चोरहादेवरी गांव अब कहलाएगा ‘रामदेवरी’, बेलतरा महोत्सव के लिए 30 लाख रुपए की बड़ी घोषणा।
- प्रदेश की 13.85 लाख से अधिक महिलाएं बनीं ‘लखपति दीदी’, आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रही मातृशक्ति।

रायपुर, 6 सितंबर 2026: तीजा तिहार के पारंपरिक उल्लास और छत्तीसगढ़ी लोकसंस्कृति के सतरंगी रंगों से आज बिलासपुर का बहतराई स्टेडियम पूरी तरह सराबोर नजर आया। अवसर था ‘कमल सखी परिवार’ द्वारा आयोजित भव्य तीजा मिलन समारोह का, जहां पारंपरिक वेशभूषा में सजी हजारों माताओं-बहनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के साथ तीजा तिहार की खुशियां साझा कीं। मुख्यमंत्री ने इस पावन अवसर पर भगवान शिव और माता पार्वती से प्रदेश की सभी बहनों के सुखी, समृद्ध और खुशहाल जीवन की कामना की।
1. तीजा हमारी समृद्ध लोकसंस्कृति और आत्मीय रिश्तों का पावन पर्व
समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि तीजा हमारी समृद्ध लोकसंस्कृति का अत्यंत पवित्र पर्व है, जिसमें माताओं-बहनों का अगाध प्रेम, अटूट आस्था और परिवार की खुशहाली की कामना समाहित है। उन्होंने कहा कि विवाहित बेटियों के मायके आने और परिवार के साथ पर्व मनाने की यह परंपरा हमारी पीढ़ियों की थाती है। ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक जड़ों को जीवंत रखने के साथ समाज के आत्मीय रिश्तों को भी और अधिक मजबूत बनाते हैं।
2. सनातन संस्कृति में नारी शक्ति को सर्वोच्च सम्मान
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सनातन संस्कृति में नारी शक्ति को सदैव सर्वोच्च स्थान मिला है। देश और प्रदेश में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं।
- महतारी वंदन योजना: छत्तीसगढ़ में इस क्रांतिकारी योजना के माध्यम से 68 लाख से अधिक माताओं-बहनों को नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है, जिसकी अब तक 31 किश्तों का सफल भुगतान किया जा चुका है। यह योजना महिलाओं को छोटी-बड़ी आवश्यकताओं के लिए आर्थिक रूप से स्वावलंबी बना रही है।
3. आत्मनिर्भरता की नई मिसाल: 13.85 लाख से अधिक महिलाएं बनीं ‘लखपति दीदी’
मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ घोषणा की कि आज छत्तीसगढ़ की महिलाएं केवल सरकारी योजनाओं की लाभार्थी नहीं, बल्कि राज्य की विकास यात्रा की मुख्य संचालक हैं।
- लखपति दीदी योजना: प्रदेश में 13 लाख 85 हजार से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़कर बहनें आजीविका गतिविधियों के जरिए परिवार की आर्थिक मजबूती का मुख्य आधार बन रही हैं।
- आधुनिक तकनीक और उद्यमिता: ‘ड्रोन दीदी’ आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर कृषि क्षेत्र में नया बदलाव ला रही हैं और प्रतिदिन अच्छी आय अर्जित कर रही हैं। इसके अलावा सेंटरिंग प्लेट व्यवसाय, ई-रिक्शा संचालन और अन्य लघु उद्योगों से जुड़कर बस्तर से बिलासपुर तक की महिलाएं सफलता की नई कहानियां लिख रही हैं।
4. विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में मातृशक्ति की केंद्रीय भूमिका
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के साथ ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के निर्माण का संकल्प दोहराते हुए कहा कि इस महान लक्ष्य में मातृशक्ति की भूमिका सबसे अहम होगी। जब प्रदेश की हर बहन शिक्षित, सुरक्षित और आर्थिक रूप से सशक्त होगी, तभी परिवार और प्रदेश की तीव्र प्रगति सुनिश्चित होगी।
5. मुख्यमंत्री की बड़ी सौगातें और घोषणाएं
क्षेत्रवासियों को महत्वपूर्ण सौगातें देते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने दो बड़ी घोषणाएं कीं, जिनका सभा में मौजूद जनसमूह ने जोरदार स्वागत किया:
- गांव का नाम परिवर्तन: बिल्हा विकासखंड के चोरहादेवरी गांव का नाम बदलकर अब ‘रामदेवरी’ कर दिया गया है।
- सांस्कृतिक प्रोत्साहन: माघी पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित होने वाले प्रसिद्ध बेलतरा महोत्सव के भव्य आयोजन के लिए 30 लाख रुपए की अनुदान राशि प्रदान करने की घोषणा की गई।
6. विशिष्ट अतिथियों के विचार
- उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि तीजा छत्तीसगढ़ की माटी और परंपरा से जुड़ा ऐसा पर्व है, जो समाज में आत्मीयता और आपसी जुड़ाव को प्रगाढ़ करता है।
- महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
- बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने कहा कि ऐसे भव्य आयोजन हमारी लोकसंस्कृति और संस्कारों को भावी पीढ़ी तक पहुंचाने का सबसे सशक्त माध्यम हैं।
7. झूले, मेहंदी और पारंपरिक उल्लास से महका बहतराई स्टेडियम
बहतराई स्टेडियम में आयोजित इस समारोह में छत्तीसगढ़ी संस्कृति का अनूठा और भव्य संगम देखने को मिला। पारंपरिक साज-सज्जा, आकर्षक झूले, हाथों पर रची मेहंदी और सांस्कृतिक धुनों ने पूरे माहौल को उत्सवी बना दिया। भोजन, उपहार और मनोरंजन की विशेष व्यवस्था ने माताओं-बहनों के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री राजा पांडे, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, संभागायुक्त श्री सुनील जैन, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एसएसपी श्री रजनेश सिंह, नगर निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे, जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल सहित अनेक गणमान्य जनप्रतिनिधि और भारी संख्या में माताएं-बहनें उपस्थित रहीं।
