अन्नदाताओं के चेहरों पर आई मुस्कान: छत्तीसगढ़ सरकार ने 30.74 करोड़ की लागत से दी 7 बड़ी सिंचाई योजनाओं की सौगात

रायपुर 7 सितम्बर | छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने किसानों की समृद्धि और कृषि क्षेत्र को नई रफ्तार देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। जल संसाधन विभाग ने राज्य के दो प्रमुख जिलों—रायपुर और बलौदाबाजार-भाटापारा—में सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ और आधुनिक बनाने के लिए 30 करोड़ 74 लाख 39 हजार रुपए की भारी-भरकम राशि की प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। इस महत्वपूर्ण पहल से अंचल के हजारों हेक्टेयर बंजर या कम पानी वाले खेतों तक अब पानी की निर्बाध धारा पहुंचेगी।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं: आधुनिकीकरण पर जोर
पारंपरिक सिंचाई प्रणालियों में सुधार लाने के लिए इस स्वीकृत राशि का उपयोग बेहद आधुनिक तकनीकों के जरिए किया जाएगा। योजनाओं के तहत मुख्य रूप से निम्नलिखित कार्य किए जाएंगे:
- नहरों का जीर्णोद्धार एवं रिमॉडलिंग: पुरानी और जर्जर हो चुकी नहरों को नया स्वरूप देना।
- सीसी लाइनिंग (CC Lining): पानी के रिसाव को रोकने और उसकी गति बढ़ाने के लिए कंक्रीट लाइनिंग।
- भूमिगत पाइपलाइन निर्माण: पानी की बर्बादी और अवैध निकासी रोकने के लिए पाइपलाइन बिछाना।
- बेहतर आवागमन के लिए सड़कें: केनाल सर्विस रोड पर डामर, कंक्रीट और मुरमीकरण सड़कों का निर्माण, जिससे किसानों को आवाजाही में आसानी हो।
जिलावार एवं परियोजनावार स्वीकृत राशि का विस्तृत विवरण
| क्र. | जिला / क्षेत्र | परियोजना / नहर का नाम | स्वीकृत कार्य का विवरण | राशि (करोड़ में) | लाभान्वित क्षेत्र / उद्देश्य |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | बलौदाबाजार-भाटापारा | बलौदा शाखा नहर (वितरक 11 एवं 12) | रिमॉडलिंग, सीसी लाइनिंग एवं पक्के निर्माण कार्य | ₹4.99 करोड़ | 339.05 हेक्टेयर क्षेत्र में सुनिश्चित सिंचाई |
| 2 | बलौदाबाजार-भाटापारा | सोंढूर परियोजना (बेन्द्री वितरक नहर) | भाटापारा शाखा नहर के अंतर्गत रिमॉडलिंग व सीसी लाइनिंग | ₹4.82 करोड़ | 355 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को सीधा लाभ |
| 3 | रायपुर (धरसींवा) | महानदी परियोजना (भाटापारा शाखा नहर) | विभिन्न ढांचागत सुधार एवं जीर्णोद्धार कार्य | ₹4.20 करोड़ | जल प्रबंधन और बहाव में सुधार |
| 4 | रायपुर (धरसींवा) | मांढ़र शाखा नहर (वितरक 14) | आर.डी. 2700 से 3500 मी. तक ह्यूम पाइप से भूमिगत मार्ग | ₹4.90 करोड़ | पानी की बर्बादी रोकना |
| 5 | रायपुर (धरसींवा) | मांढ़र ब्रांच केनाल सर्विस रोड | आर.डी. 31600 से 32900 मी. तक डामर रोड निर्माण | ₹1.90 करोड़ | सुगम यातायात और परिवहन सुविधा |
| 6 | रायपुर (धरसींवा) | मांढ़र शाखा नहर (वितरक 8 व माइनर 1) | भूमिगत पाइपलाइन तथा कंक्रीट व मुरमीकरण रोड निर्माण | ₹4.92 करोड़ | आधुनिक सिंचाई और आवागमन |
| 7 | रायपुर (धरसींवा) | मांढ़र शाखा नहर (वितरक III, 13, 14 आदि) | महानदी परियोजना समूह के तहत व्यापक जीर्णोद्धार | ₹4.97 करोड़ | टेल एरिया तक पानी की उपलब्धता |
‘टेल एरिया’ तक पहुंचेगा पानी, बढ़ेगी किसानों की आय
“सिंचाई के क्षेत्र में ये सात योजनाएं गेम-चेंजर साबित होंगी। अक्सर देखने को मिलता है कि नहरों के अंतिम छोर (टेल एरिया) तक पानी नहीं पहुंच पाता, जिससे वहां के किसान सूखे की मार झेलते हैं। इन योजनाओं में भूमिगत पाइपलाइनों और सीसी लाइनिंग के प्रावधान से यह समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।”
विशेषज्ञों का मानना है कि इन विकास कार्यों से जल प्रबंधन बेहद चुस्त-दुरुस्त होगा। रायपुर के धरसींवा विकासखंड और बलौदाबाजार-भाटापारा के किसानों को अब फसलों की बुआई के समय पानी की कमी से नहीं जूझना पड़ेगा। समय पर पानी मिलने से धान के साथ-साथ अन्य मौसमी फसलों और बागवानी की पैदावार में भी भारी उछाल आएगा, जिससे सीधे तौर पर किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
