छत्तीसगढ़ में शहरी विकास की नई इबारत: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कड़े तेवर- ‘अमृत मिशन के काम मिशन मोड में हों पूरे, लापरवाही बर्दाश्त नहीं’

रायपुर, 8 सितंबर 2026 — मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की एक उच्चस्तरीय और मैराथन समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया कि शहरों का विकास केवल कागजी आंकड़ों या सतही अधोसंरचना तक सीमित नहीं होना चाहिए। प्रदेश के नागरिकों को शुद्ध पेयजल, अत्याधुनिक स्वच्छता, बेहतर सड़कें, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था और सुगम सार्वजनिक परिवहन जैसी बुनियादी सुविधाएं उच्च गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से मिलनी चाहिए।

बैठक में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, संचालक श्री नीलेश महादेव क्षीरसागर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
📰 प्रमुख आकर्षण
- पेयजल पर सबसे सख्त रुख: अमृत मिशन 2.0 की धीमी रफ्तार पर मुख्यमंत्री का कड़ा असंतोष; कार्यों को युद्धस्तर पर ‘मिशन मोड’ में पूरा करने के निर्देश।
- शिक्षा और युवाओं को सौगात: प्रदेश के 38 निकायों में अत्याधुनिक ‘नालंदा परिसर’ का निर्माण, 31 जगह काम तीव्र गति से प्रगतिरत।
- सार्वजनिक परिवहन में क्रांति: रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में 240 आधुनिक ई-बसों के संचालन की तैयारी, मार्च 2027 से पहले पूरा होगा लक्ष्य।
- स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में बड़ी छलांग: 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में रायपुर देश में छठे स्थान पर रहा।
- ऊर्जा और पर्यावरण की ओर कदम: 800 करोड़ रुपये की लागत से 8 नगरीय निकायों में स्थापित किए जा रहे सीबीजी (कम्प्रेस्ड बायो गैस) प्लांट।
💧 अमृत मिशन की सुस्त चाल पर भड़के मुख्यमंत्री, दिए दो टूक निर्देश
समीक्षा बैठक का सबसे तीखा और अहम हिस्सा अमृत मिशन 2.0 की समीक्षा रहा। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रोजेक्ट्स के क्रियान्वयन में अपेक्षित तेजी न मिलने पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि शहरी क्षेत्रों में शत-प्रतिशत पेयजल आपूर्ति सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी तरह की हीला-हवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के निर्माण में आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करने और उच्च गुणवत्ता बनाए रखने के कड़े निर्देश दिए गए।
📚 युवाओं के लिए वरदान साबित हो रहे हैं ‘नालंदा परिसर’
युवाओं और विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विश्वस्तरीय और शांत वातावरण प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘नालंदा परिसर’ योजना की भी व्यापक समीक्षा की गई। प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने बताया कि तीन वित्तीय वर्षों में 38 नगरीय निकायों में नालंदा परिसरों की स्वीकृति दी गई है, जिनमें से 31 स्थानों पर निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी है। मुख्यमंत्री ने राजधानी रायपुर समेत सभी निर्माणाधीन परिसरों में सीटों की संख्या और सुविधाओं की समीक्षा करते हुए इन्हें शीघ्र लोकार्पित करने के निर्देश दिए।
🌬️ पर्यावरण संरक्षण: ‘स्वच्छ वायु सर्वेक्षण’ में रायपुर ने गाड़ा झंडा
छत्तीसगढ़ ने पर्यावरण और स्वच्छता के मोर्चे पर एक और राष्ट्रीय गौरव हासिल किया है। केंद्रीय योजनाओं और 15वें वित्त आयोग की ग्रांट से हो रहे कार्यों के असर अब धरातल पर दिखने लगे हैं। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में रायपुर ने 189 अंक हासिल कर देशभर में छठा स्थान प्राप्त किया है। इसके अलावा वार्ड स्तर पर भी रायपुर के वार्ड क्रमांक 46 और 30 ने उत्कृष्ट रैंकिंग हासिल की है।
मुख्यमंत्री ने इस शानदार सफलता के लिए विभाग और नगर निगम की पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि साफ-सुथरे शहर के साथ स्वस्थ जीवन के लिए हरित पट्टियों का होना आवश्यक है। उन्होंने हर वार्ड में नए उद्यान विकसित करने और कम हरियाली वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही ठोस अपशिष्ट (Solid Waste) के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए प्रत्येक निकाय में प्रोसेसिंग प्लांट लगाने पर जोर दिया।
🚌 महानगरों की तर्ज पर चार शहरों में दौड़ेंगी 240 पर्यावरण-अनुकूल ‘ई-बसें’
शहरी परिवहन को आधुनिक, सुगम और प्रदूषण-मुक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। योजना के पहले चरण में रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में कुल 240 ई-बसों का संचालन किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक चार्जिंग डिपो और रूट अधोसंरचना का कार्य मार्च 2027 से पहले हर हाल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे नागरिकों को आधुनिक यातायात का लाभ मिलने के साथ कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी।
⚡ अन्य महत्वपूर्ण निर्णय एवं निर्देश
- प्रधानमंत्री आवास योजना: शहरी गरीबों के सपनों को साकार करते हुए पीएम आवास (1.0 और 2.0) के तहत स्वीकृत मकानों का आवंटन और व्यवस्थापन तेज गति से करने के निर्देश दिए गए, ताकि पात्र परिवारों को जल्द से जल्द पक्की छत मिल सके।
- सीबीजी प्लांट से ऊर्जा और आय: परिवहन और औद्योगिक क्षेत्रों को सतत ईंधन देने के लिए 800 करोड़ रुपये की लागत से 8 नगरीय निकायों में कम्प्रेस्ड बायो गैस प्लांट लगाए जा रहे हैं।
- राजस्व वृद्धि और स्वावलंबन: निकायों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रॉपर्टी टैक्स और अन्य करों का संकलन बढ़ाने पर जोर दिया गया। उत्कृष्ट टैक्स वसूली करने वाले निकायों को पुरस्कृत करने की व्यवस्था बनेगी।
- त्वरित जनसुनवाई: मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर मिलने वाली शहरी शिकायतों का निराकरण पूरी संवेदनशीलता और पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही, निकायों को विद्युत देयकों (बिजली बिल) का नियमित भुगतान करने की ताकीद दी गई।
“विकास योजनाओं के परिणाम कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर दिखने चाहिए। नागरिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाना और उन्हें मूलभूत सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।” — श्री विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़
