117 वर्षों का इतिहास, अगाध आस्था और अलौकिक उल्लास: रायपुर के ऐतिहासिक गोल बाजार में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने की विघ्नहर्ता गणेश की आराधना
“गणेशोत्सव हमारी केवल परंपरा नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक समरसता की वह जीवंत धारा है, जो हर पीढ़ी को एकजुट करती है।” — श्री विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़

रायपुर, 15 सितंबर 2026 — विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश के आगमन से इन दिनों पूरा छत्तीसगढ़ भक्ति के सागर में गोते लगा रहा है। गणेश चतुर्थी के पावन पर्व पर राजधानी रायपुर के हृदयस्थल कहे जाने वाले ऐतिहासिक गोल बाजार का कोना-कोना दिव्यता और उत्सव के उल्लास से जगमगा उठा। इस गौरवशाली उत्सव में चार चांद लगाने और 117 वर्षों से चली आ रही स्वर्णिम परंपरा को नमन करने स्वयं प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय गोल बाजार पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने यहां श्री बजरंग नवयुवक मित्र मंडल गणेशोत्सव समिति द्वारा विराजित प्रथम पूज्य भगवान गणेश के दरबार में शीश नवाकर प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और निरंतर प्रगति का आशीर्वाद मांगा।
भक्ति और जन-उल्लास का अद्भुत ज्वार: मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत
रात्रि के समय जैसे ही मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय गोल बाजार के गणेशोत्सव पंडाल पहुंचे, पूरा इलाका “गणपति बप्पा मोरया” और “जय श्री गणेश” के गगनभेदी नारों से गूंज उठा।
- पारंपरिक आत्मीय अभिनंदन: ढोल-नगाड़ों की मंगलध्वनि, शंखनाद और पुष्पवर्षा के बीच समिति के पदाधिकारियों, स्थानीय व्यापारियों तथा हजारों की संख्या में उपस्थित उत्साही नागरिकों ने मुख्यमंत्री का अभूतपूर्व स्वागत किया। समिति की ओर से उन्हें पारंपरिक गजमाला पहनाकर सम्मानित किया गया।
- दिव्य पूजन और अर्चन: मुख्यमंत्री ने हनुमान मंदिर के समीप सजे भव्य और अलौकिक पंडाल में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने गणपति बप्पा को मुकुट पहनाया, रोली-अक्षत से तिलक किया और मंत्रोच्चार के बीच भव्य आरती उतारी।
- जन-कल्याण की कामना: मुख्यमंत्री ने विघ्नविनायक से प्रार्थना की कि उनकी कृपा दृष्टि से छत्तीसगढ़ का प्रत्येक नागरिक स्वस्थ, संपन्न और प्रसन्नचित्त रहे तथा राज्य विकास के नित नए आयाम गढ़े।
117 वर्षों की गौरवगाथा: पीढ़ियों से सहेजी गई संस्कृति
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने गोल बाजार के व्यापारियों और समिति की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि पिछले 117 वर्षों से लगातार इस परंपरा को जीवंत रखना कोई साधारण बात नहीं है।
उन्होंने कहा कि गोल बाजार की यह गणेशोत्सव समिति पीढ़ियों से हमारी सांस्कृतिक विरासत, भाईचारे और सामाजिक मूल्यों को सहेजने का कार्य कर रही है। यह इस बात का प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक जड़ें कितनी गहरी और मजबूत हैं। यहां स्थापित होने वाली गणेश प्रतिमा अपनी भव्यता और सुंदरता के कारण पूरे प्रदेश के आकर्षण का केंद्र रहती है, जो हर साल लाखों श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींचती है।
150 वर्ष पुराने प्राचीन हनुमान मंदिर में टेका माथा
गणेश पूजन के उपरांत, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की आस्था और श्रद्धा का यह क्रम गोल बाजार के ही एक अन्य ऐतिहासिक केंद्र तक पहुंचा। वे गोल बाजार में स्थित 150 वर्ष से अधिक पुराने प्राचीन हनुमान मंदिर पहुंचे।
यहां उन्होंने संकटमोचन हनुमान के चरणों में अपनी हाजिरी लगाई, विधि-विधान से पूजा-संपन्न की और प्रदेशवासियों के जीवन में आने वाले सभी संकटों को दूर करने की प्रार्थना की। इस दौरान राजधानी की इस प्राचीन धार्मिक धरोहर के संरक्षण और उसकी दिव्यता को देखकर उन्होंने गहरी प्रसन्नता व्यक्त की।
गरिमामयी उपस्थिति
इस ऐतिहासिक और भव्य आयोजन के दौरान राजधानी के तमाम दिग्गज नेता, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने मुख्यमंत्री के साथ मिलकर बप्पा के दर्शन किए। प्रमुख रूप से उपस्थित महानुभावों में शामिल हैं:
- श्री बृजमोहन अग्रवाल (सांसद, रायपुर)
- श्री श्रीचंद सुंदरानी (वरिष्ठ नेता एवं जनप्रतिनिधि)
- श्री केदार गुप्ता (विधायक/प्रमुख नेता)
- श्री छगन मूंदड़ा
- श्री अमरजीत छाबड़ा
इसके अतिरिक्त, गणेशोत्सव समिति के सभी सक्रिय पदाधिकारी, गोल बाजार व्यापारी संघ के सदस्य, स्थानीय पार्षद और भारी संख्या में धर्मप्रेमी जनता उपस्थित रही, जिससे यह कार्यक्रम एक ऐतिहासिक जन-उत्सव में बदल गया।
