मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का जन-सरोकार और सहज संवाद; तेलीबांधा मरीन ड्राइव पर मीरा के पसरे से खरीदा ‘आशीर्वाद का दीया’

रायपुर, 15 सितंबर 2026: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के व्यस्ततम तेलीबांधा मरीन ड्राइव पर आज एक ऐसा दृश्य उभरा, जिसने आधुनिक राजनीति में सहजता, संवेदनशीलता और जन-संवाद की एक नई और अनूठी मिसाल पेश की। सामान्य दिनों की तरह सड़क किनारे छोटा-सा पसरा सजाकर मिट्टी के दीये बेच रही महिला मीरा के लिए यह दोपहर किसी सपने के सच होने जैसी थी। बिना किसी पूर्व निर्धारित प्रोटोकॉल या प्रशासनिक तामझाम के, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का काफिला अचानक उसके छोटे से स्टॉल के सामने आकर रुक गया।
मुख्यमंत्री का यह अप्रत्याशित आगमन केवल एक राजनीतिक दौरा नहीं था, बल्कि यह मेहनतकश वर्ग के श्रम, स्वावलंबन और आत्मसम्मान को राज्य के सर्वोच्च पद से दिया गया खुला समर्थन और ससम्मान संबल था।
आत्मीय मुलाकात: जब मुख्यमंत्री ने खुद थामा ‘आशीर्वाद का दीया’
जब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वाहन से उतरकर मीरा के पसरे का रुख किया, तो वहां मौजूद आम लोग और राहगीर अछंभित रह गए। मुख्यमंत्री ने बेहद सामान्य नागरिक की तरह नीचे झुककर पसरे पर सजे दीयों को देखा। उन्होंने ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित होने वाले विशेष ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के लिए मीरा के हाथों से एक मिट्टी का दीया खरीदा।
मुख्यमंत्री ने केवल सांकेतिक खरीदारी नहीं की, बल्कि मीरा के श्रम और उसकी जीवटता का सम्मान करते हुए उसे एक हजार रुपए प्रदान किए। मुख्यमंत्री का यह आत्मीय भाव यह संदेश दे गया कि लोकतंत्र में शासन और जनता के बीच की दूरियां तब मिट जाती हैं, जब नेतृत्व सीधे जनता की चौखट पर संवाद के लिए खड़ा होता है।
योजनाओं की जमीनी हकीकत: जमीनी स्तर पर उतरीं कल्याणकारी योजनाएं
खरीददारी के दौरान मुख्यमंत्री ने एक अभिभावक की तरह मीरा के परिवार और उसके कामकाज का कुशलक्षेम जाना। बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने सहजता से पूछा कि उसे केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल रहा है या नहीं।
मीरा ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि:
- प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत उसका बैंक खाता सुगमता से खुल चुका है, जिससे बैंकिंग प्रणाली तक उसकी सीधी पहुंच बन गई है।
- छत्तीसगढ़ सरकार की बहुप्रतीक्षित और महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना के अंतर्गत उसे हर महीने नियमित रूप से एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है।
महिला के मुंह से योजनाओं के सीधे लाभ की बात सुनकर मुख्यमंत्री श्री साय ने गहरी संतुष्टि और प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की सार्थकता फाइलों में नहीं, बल्कि योजनाओं के धरातल पर उतरने और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के जीवन में आने वाले सकारात्मक बदलाव से आंकी जाती है।
‘आशीर्वाद का दीया’ और सेवा संकल्प अभियान का वृहद परिप्रेक्ष्य
मीरा के पसरे से खरीदा गया यह साधारण सा मिट्टी का दीया अब केवल एक वस्तु नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ में ‘सेवा संकल्प अभियान’ और जनभागीदारी का एक शक्तिशाली प्रतीक बन गया है।
- 25 वर्षों की राष्ट्रसेवा का पर्व: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक देश भर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ का आयोजन किया जा रहा है। यह अभियान गरीब कल्याण, सुशासन और जनसेवा की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।
- स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती: मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे अपनी हर छोटी-बड़ी खरीदारी में स्थानीय कुम्हारों, कारीगरों और छोटे दुकानदारों को प्राथमिकता दें। जब नागरिक लोकल फॉर वोकल की भावना अपनाते हैं, तो इससे ग्रामीण और कुटीर उद्योगों को नई संजीवनी मिलती है।
- सामूहिक सहभागिता का संकल्प: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सेवा का दायरा बहुत व्यापक है—चाहे वह स्वच्छता अभियान हो, पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधे लगाना हो, या किसी जरूरतमंद की मदद करना हो। हर नागरिक का छोटा प्रयास बड़े परिवर्तन की नींव रखता है।
श्रम का सम्मान ही सुशासन की असली पहचान
इस पूरी घटना ने यह सिद्ध कर दिया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की कार्यशैली में जनता के प्रति संवेदनशीलता सर्वोपरि है। तेलीबांधा मरीन ड्राइव के उस छोटे से स्टॉल से शुरू हुई यह यात्रा छत्तीसगढ़ के करोड़ों नागरिकों तक यह संदेश पहुंचा गई कि सरकार हर उस नागरिक के साथ खड़ी है, जो अपनी मेहनत, ईमानदारी और पसीने से अपना भविष्य गढ़ रहा है।
इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक श्री पुरंदर मिश्रा की विशेष उपस्थिति ने इस जन-संवाद के महत्व को और अधिक प्रगाढ़ कर दिया। यह समाचार केवल एक प्रशासनिक मुलाकात नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की प्रगतिशील सांस्कृतिक चेतना और मानवीय मूल्यों का जीवंत दस्तावेज बन गया है।
