छत्तीसगढ़ से उठी ‘सेवा संकल्प’ की महा-आंधी: सीएम विष्णु देव साय ने 60 जांबाज युवाओं की ऐतिहासिक ‘वडनगर से काशी’ बाइक यात्रा को दिखाई हरी झंडी; पीएम मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 गौरवशाली वर्ष पूरे होने पर पूरे देश में महा-उत्सव

रायपुर 15 सितम्बर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज छत्तीसगढ़ की पावन धरा से राष्ट्रभक्ति और जनसेवा के एक नए अध्याय की शुरुआत की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन—गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानसेवक तक—के 25 वैभवशाली और निष्कलंक वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर समूचा देश इसे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के रूप में मना रहा है। इसी महा-अभियान के तहत मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के 60 शेरदिल युवाओं की एक अभूतपूर्व और प्रेरक बाइक यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह महा-यात्रा प्रधानमंत्री जी के जन्मस्थल वडनगर (गुजरात) से शुरू होकर उनके संसदीय क्षेत्र और आध्यात्मिक कर्मस्थली काशी, वाराणसी (उत्तर प्रदेश) तक का सफर तय करेगी, जो देश के युवाओं में राष्ट्र निर्माण का नया जोश फूंकेगी।
राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष: छत्तीसगढ़ के युवाओं का ‘शंखनाद’, बुलेट की रफ्तार पर सवार होकर देश नापेंगे छत्तीसगढ़ के 60 जांबाज
- ‘सेवा पखवाड़ा’ बना ‘सेवा संकल्प अभियान’: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जांबाज राष्ट्रभक्तों का तिलक लगाकर किया हौसला बुलंद
- वडनगर की मिट्टी से काशी के घाटों तक गूंजेगा छत्तीसगढ़ का जयघोष, पीएम मोदी के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाएगी यह प्रेरक यात्रा
- 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक सेवा का महाकुंभ; रक्तदान, महा-स्वच्छता और ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने की भावुक अपील
- भारत के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। हमारे देश के यशस्वी, तपस्वी और वैश्विक क्षितिज पर भारत का मान बढ़ाने वाले प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के सार्वजनिक जीवन में जनसेवा के शानदार 25 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। एक मुख्यमंत्री और फिर एक प्रधानमंत्री के रूप में बिना एक भी दिन छुट्टी लिए, राष्ट्र को ‘विश्वगुरु’ बनाने के संकल्प में रमे नरेंद्र मोदी जी के इस अद्वितीय कार्यकाल को पूरा देश ‘सेवा संकल्प अभियान’ के रूप में मना रहा है।
छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने इस अवसर को ऐतिहासिक बनाने के लिए आज एक ऐसी राष्ट्रभक्ति महा-यात्रा का आगाज़ किया है, जिसकी गूंज पूरे देश में सुनाई देगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी के हृदय स्थल पर आयोजित एक विशाल, भव्य और ऊर्जा से ओतप्रोत समारोह में प्रदेश के 60 जांबाज युवाओं की टोली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह कोई आम बाइक यात्रा नहीं है, बल्कि यह प्रधानमंत्री जी के जन्मस्थल वडनगर की पावन माटी को उनकी आध्यात्मिक कर्मस्थली काशी (वाराणसी) से जोड़ने वाली एक ‘वैचारिक और सांस्कृतिक महा-यात्रा’ है। मुख्यमंत्री ने स्वयं सभी युवाओं की कलाई पर रक्षा-सूत्र बांधा, माथे पर तिलक लगाया और भारत माता की जय के गगनभेदी उद्घोष के बीच उन्हें रवाना किया।
“यह सिर्फ कार्यकाल नहीं, राष्ट्र निर्माण की 25 वर्षों की महा-तपस्या है” — मुख्यमंत्री साय
जनसभा में उमड़े जनसैलाब को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का अंदाज बेहद आक्रामक, गौरवमयी और भावुक था। उन्होंने कहा, “हर साल हम 17 सितंबर (आदरणीय प्रधानमंत्री जी के जन्मदिन) से लेकर 2 अक्टूबर (पूज्य बापू की जयंती) तक ‘सेवा पखवाड़ा’ मनाते थे। लेकिन इस बार का अवसर युग-परिवर्तनीय है। एक गरीब परिवार से निकलकर, गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में जनता के आंसुओं को पोंछने से लेकर आज दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के प्रधानसेवक के रूप में देश की 140 करोड़ जनता को ‘विकसित भारत’ का संकल्प दिलाने तक, मोदी जी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे हो रहे हैं। यह 25 साल किसी पद का उपभोग नहीं, बल्कि माँ भारती के चरणों में खुद को समिधा बना देने वाली महा-तपस्या है।”
बुलेट पर सवार छत्तीसगढ़ के ‘दूत’, हर राज्य में बिखेरेंगे छत्तीसगढ़िया संस्कृति की महक
मुख्यमंत्री ने यात्रा पर निकल रहे 60 युवाओं की पीठ थपथपाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के ये युवा हमारे राज्य के सांस्कृतिक दूत हैं। जब इनकी बाइक्स विभिन्न राज्यों से होकर गुजरेंगी, तो ये पीएम मोदी के अंत्योदय, सुशासन, और आत्मनिर्भर भारत के विजन को जन-जन तक पहुंचाएंगे। यह यात्रा युवाओं में राष्ट्र के प्रति सर्वस्व न्योछावर करने की भावना को जगाएगी। वडनगर से काशी तक का यह सफर देश की एकता और अखंडता का एक जीवंत सेतु बनेगा।
जन-जन से अपील: 17 सितंबर की शाम थमेगा छत्तीसगढ़, हर चौखट पर खिलेगा ‘आशीर्वाद का दीया’
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता से एक बेहद असरकारक और भावनात्मक अपील की। उन्होंने कहा कि मोदी जी ने अपना पूरा जीवन देश के गरीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं के लिए समर्पित कर दिया है। छत्तीसगढ़ की पौने तीन करोड़ जनता के प्रति उनकी अगाध आस्था है। इसलिए, आगामी 17 सितंबर को जब प्रधानमंत्री जी का जन्मदिन होगा, तो छत्तीसगढ़ का हर नागरिक अपने घर की चौखट पर ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाए। यह दीया सिर्फ रोशनी नहीं करेगा, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की जनता की तरफ से प्रधानमंत्री जी की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और भारत को विश्वगुरु बनाने के उनके संकल्प को शक्ति देने वाला महा-आशीर्वाद होगा।
छत्तीसगढ़ में सेवा का महा-शंखनाद: महीने भर होंगे ये पांच बड़े कार्य
इस अभियान के तहत 17 सितंबर से लेकर अक्टूबर के प्रथम सप्ताह तक पूरे छत्तीसगढ़ को ‘सेवा धाम’ में बदल दिया जाएगा। सरकार और संगठन मिलकर निम्नलिखित कड़े और बड़े कदम उठाने जा रहे हैं:
- 1. महा-रक्तदान अभियान (जीवन दान): राज्य के सभी जिला अस्पतालों में युवाओं द्वारा रिकॉर्ड तोड़ स्वैच्छिक रक्तदान शिविर लगाए जाएंगे, ताकि कोई भी गरीब खून की कमी से न जूझे।
- 2. ‘एक पेड़ माँ के नाम’ (पर्यावरण क्रांति): प्रधानमंत्री जी के आह्वान पर छत्तीसगढ़ के हर गांव, हर शहर में लाखों की संख्या में फलदार और छायादार पौधे रोपे जाएंगे।
- 3. सीमांत क्षेत्रों में ‘निःशुल्क महा-चिकित्सा शिविर’: बस्तर से लेकर सरगुजा तक के दूरस्थ वनांचलों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीमें भेजी जाएंगी, जहाँ मुफ्त दवाइयाँ और इलाज मुहैया कराया जाएगा।
- 4. प्लास्टिक मुक्त छत्तीसगढ़ (महा-स्वच्छता): सार्वजनिक स्थलों, नदियों के घाटों और ऐतिहासिक स्मारकों पर जन-भागीदारी से ‘सिंगल यूज प्लास्टिक’ के खिलाफ जंग छेड़ी जाएगी।
- 5. दिव्यांग और वृद्धजन सेवा: प्रदेश के सभी वृद्धाश्रमों और अनाथालयों में सहायक उपकरणों का वितरण और भोजन-वस्त्र सेवा का व्यापक कार्यक्रम चलेगा।
नारों से गूंज उठा आसमान, युवाओं का जोश सातवें आसमान पर:
जैसे ही मुख्यमंत्री ने हरी झंडी लहराई, पूरा माहौल देशभक्ति के तराने और ‘नरेंद्र मोदी जिंदाबाद’, ‘भारत माता की जय’ और ‘जय जोहार’ के गगनभेदी नारों से गूंज उठा। आधुनिक और बुलेट मोटरसाइकिलों पर सवार छत्तीसगढ़ के युवाओं की आंखों में देश के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा साफ दिखाई दे रहा था। युवाओं ने संकल्प लिया कि वे छत्तीसगढ़ की माटी की खुशबू और प्रधानमंत्री जी के सुशासन के संदेश को वडनगर से लेकर काशी तक के चप्पे-चप्पे पर फैलाएंगे।
