विकसित छत्तीसगढ़ 2047: स्टील, ऊर्जा और असीम संभावनाओं के साथ देश का नया ग्रोथ इंजन बन रहा छत्तीसगढ़ – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

- विजन 2047: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप ‘विकसित छत्तीसगढ़ 2047’ के तहत मिशन मोड में कार्य जारी।
- बृहत निवेश: नई औद्योगिक नीति के तहत अब तक 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त।
- औद्योगिक लक्ष्य: वर्ष 2030 तक छत्तीसगढ़ में स्टील उत्पादन का लक्ष्य 45 मिलियन टन करना।
- बस्तर का कायाकल्प: नक्सलवाद के साए से बाहर निकलकर बस्तर अब शांति, विश्वास, इको-टूरिज्म और विकास का नया वैश्विक केंद्र।
नवा रायपुर में ‘विकसित छत्तीसगढ़ कॉन्क्लेव 2026’ का भव्य आयोजन
रायपुर, 19 सितंबर 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने में छत्तीसगढ़ राज्य एक मजबूत और निर्णायक भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है। नवा रायपुर में ‘इकोनॉमिक टाइम्स’ द्वारा आयोजित विकसित छत्तीसगढ़ कॉन्क्लेव 2026 में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि राज्य के पास देश की तरक्की को गति देने वाले सभी आवश्यक संसाधन, उच्च गुणवत्ता के बहुमूल्य खनिज, भरपूर बिजली और कुशल मानव संसाधन (स्किल्ड वर्कफोर्स) मौजूद हैं।

फौलादी इरादों से गढ़ा जा रहा ‘विकसित भारत’
मुख्यमंत्री श्री साय ने जोर देकर कहा कि विकसित भारत की भव्य इमारत स्टील से तैयार होगी, और इस फौलादी विकास में छत्तीसगढ़ की हिस्सेदारी सबसे अहम है।
- वर्तमान में छत्तीसगढ़ देश का 20 प्रतिशत स्टील उत्पादित करता है। चिनाब नदी पर बना देश का सबसे ऊंचा पुल भी छत्तीसगढ़ के ही फौलादी स्टील से तैयार हुआ है।
- सरकार ने वर्ष 2030 तक राज्य में स्टील उत्पादन को बढ़ाकर 45 मिलियन टन करने का लक्ष्य रखा है।
- देश के ग्रोथ इंजन को ऊर्जा देने के मामले में भी छत्तीसगढ़ अग्रणी है। राज्य देश के 20 प्रतिशत कोयले का उत्पादन करता है और 30,000 मेगावाट बिजली पैदा कर रहा है। हाल ही में आयोजित एनर्जी समिट में साढ़े तीन लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, और आने वाले कुछ वर्षों में विद्युत उत्पादन का यह लक्ष्य 60 हजार मेगावाट पहुंच जाएगा।

नई औद्योगिक नीति और बंपर निवेश
राज्य का कोर सेक्टर तेजी से आगे बढ़ने के पीछे सरकार की नई और आकर्षक औद्योगिक नीति है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पावर, आईटी, स्टील, टेक्सटाइल, फार्मा और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उद्यम लगाने वालों के लिए पूंजी निवेश सब्सिडी, ब्याज सब्सिडी, टेक्नोलॉजी खरीद पर छूट और स्टांप ड्यूटी में बड़ी रियायतें दी जा रही हैं। इन सबका परिणाम है कि आज प्रदेश को 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं।
नक्सलवाद के अंधकार से निकलकर ‘इको-टूरिज्म’ का ग्लोबल डेस्टिनेशन बन रहा बस्तर
कॉन्क्लेव का सबसे महत्वपूर्ण और भावनात्मक केंद्र बस्तर का बदलता स्वरूप रहा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘नक्सल मुक्त भारत’ का स्वप्न साकार हुआ है। लंबे समय तक माओवाद का दंश झेलने वाला बस्तर अब हिंसा के साए से पूरी तरह मुक्त हो चुका है।
- शांति और विश्वास की नई पहचान: बस्तर अब शांति, विकास और पर्यटन का नया पर्याय बन चुका है। सड़क, संचार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार ने क्षेत्र के द्वार खोल दिए हैं।
- पर्यटन से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती: प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध जनजातीय संस्कृति और जैव विविधता से भरपूर बस्तर अब इको-टूरिज्म का नया हब बन रहा है। इससे होटल, होम-स्टे, परिवहन, स्थानीय खान-पान और हस्तशिल्प उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार केार के बंपर अवसर सृजित होंगे।
- मीडिया से अपील: मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मीडिया से आह्वान किया कि वे बस्तर की सकारात्मक कहानियों और उसकी वास्तविक खूबसूरती को दुनिया के सामने लाएं, ताकि लोगों की पुरानी धारणा बदलकर बस्तर एक नए रूप में स्थापित हो सके।
लॉजिस्टिक हब और प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों की सेवा को नमन
छत्तीसगढ़ मध्य भारत में अपनी विशिष्ट भौगोलिक स्थिति, 3500 किलोमीटर से अधिक लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग और तेजी से विकसित हो रहे रेल नेटवर्क के कारण देश का बेहतरीन लॉजिस्टिक हब बन रहा है। यहां से देश के हर कोने में आपूर्ति सबसे आसान है, जिसके लिए विशेष लॉजिस्टिक नीति भी तैयार की गई है।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों की गौरवशाली यात्रा को याद करते हुए कहा कि उनकी यह यात्रा सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और राष्ट्र निर्माण को समर्पित रही है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री आर. कृष्णा दास और जनसंपर्क आयुक्त श्री रजत बंसल सहित प्रदेश के कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
