छत्तीसगढ़ में हरियाली और विकास की बयार: मिशन अमृत 2.0 से अहिवारा, मुंगेली और कांकेर में संवरेंगे सार्वजनिक स्थल

- कुल लागत: 7.29 करोड़ रुपए (7,29,24,000 रुपए) की प्रशासकीय स्वीकृति।
- प्रमुख शहर: अहिवारा, मुंगेली और कांकेर (नगरीय निकाय क्षेत्र)।
- कुल वृक्षारोपण: 8,732 पौधे लगाए जाएंगे।
- विशेष सुविधाएं: ओपन जिम, बच्चों का प्ले-एरिया, पाथवे, गज़ेबो, सोलर लाइट और रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम।
- रख-रखाव: निर्माण एजेंसी द्वारा अगले 5 वर्षों तक संचालन एवं संधारण की अनिवार्य व्यवस्था।
- समयसीमा: 1 वर्ष के भीतर निर्माण कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य।
रायपुर, 20 सितंबर 2026 — छत्तीसगढ़ के नगरीय क्षेत्रों को स्वच्छ, सुंदर, हरित और सर्वसुविधायुक्त बनाने की दिशा में विष्णु देव साय सरकार ने एक और ऐतिहासिक कदम उठाया है। ‘मिशन अमृत 2.0’ के अंतर्गत राज्य के तीन महत्वपूर्ण शहरों—अहिवारा, मुंगेली और कांकेर—में आधुनिक और भव्य उद्यानों (पार्कों) के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इन तीनों परियोजनाओं के लिए राज्य शासन द्वारा कुल 7 करोड़ 29 लाख 24 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के विजन और उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव के सशक्त मार्गदर्शन में इन पार्कों का निर्माण किया जा रहा है। सरकार का मुख्य उद्देश्य शहरी इलाकों में कंक्रीट के जंगलों के बीच सांस लेने के लिए स्वच्छ हरित क्षेत्र विकसित करना है, जिससे हर वर्ग के नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार हो सके।
शहरवार परियोजनाओं का विस्तृत विवरण
1. मुंगेली: सबसे बड़ा हरित परिसर (लागत: 3.52 करोड़ रुपए)
- स्थान: पेंड्राकांपा स्थित महाराणा प्रताप वार्ड।
- क्षेत्रफल: 3.08 एकड़ (क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा)।
- स्वीकृत राशि: 3 करोड़ 52 लाख 32 हजार रुपए।
- विशेषता: इस विशाल परिसर में पर्यावरण संतुलन को ध्यान में रखते हुए लगभग 4,453 पौधे रोपे जाएंगे। बच्चों के लिए हाई-टेक प्ले-एरिया, ओपन जिम, पाथवे, गज़ेबो, प्रकाश व्यवस्था और जल संवर्धन के लिए विशेष रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा।
2. कांकेर: श्रीराम नगर में आधुनिक सुविधाओं से लैस उद्यान (लागत: 1.69 करोड़ रुपए)
- स्थान: वार्ड क्रमांक-09, श्रीराम नगर।
- क्षेत्रफल: 0.72 एकड़।
- स्वीकृत राशि: 1 करोड़ 69 लाख 44 हजार रुपए।
- विशेषता: यहाँ लगभग 2,164 पौधे लगाए जाएंगे। स्थानीय नागरिकों और बुजुर्गों के विश्राम के लिए सुंदर स्थान, बच्चों के लिए खेल उपकरण, स्वास्थ्य प्रेमियों के लिए ओपन जिम, सोलर लाइट और टॉयलेट ब्लॉक की अत्याधुनिक सुविधाएँ विकसित की जा रही हैं।
3. अहिवारा: शीतला मंदिर क्षेत्र में सजेगा आधुनिक पार्क (लागत: 2.07 करोड़ रुपए)
- स्थान: वार्ड क्रमांक-01, शीतला मंदिर क्षेत्र।
- क्षेत्रफल: 0.52 एकड़।
- स्वीकृत राशि: 2 करोड़ 7 लाख 48 हजार रुपए।
- विशेषता: इस खूबसूरत उद्यान में लगभग 2,115 पौधे रोपे जाएंगे। सौर ऊर्जा (सोलर लाइट) आधारित प्रकाश व्यवस्था, पाथवे, गज़ेबो और वर्षा जल संचयन प्रणालियों के साथ यह पार्क अहिवारा के आकर्षण का नया केंद्र बनेगा।
अत्याधुनिक सुविधाओं का समावेश
इन उद्यानों को केवल सामान्य पार्क के रूप में नहीं, बल्कि बहु-उद्देशीय सार्वजनिक स्थलों के रूप में विकसित किया जा रहा है:
- स्वास्थ्य और फिटनेस: युवाओं और नागरिकों के लिए अत्याधुनिक ओपन जिम।
- बाल विकास: बच्चों के सुरक्षित और आनंददायक खेलकूद के लिए आधुनिक प्ले-इक्विपमेंट से लैस क्षेत्र।
- पर्यावरण और जल संरक्षण: व्यापक पौधरोपण के साथ-साथ हर परिसर में वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) की पुख्ता व्यवस्था।
- सुविधाएँ: पाथवे, सिटिंग बेंचेस, गज़ेबो, आधुनिक टॉयलेट ब्लॉक और पर्यावरण-अनुकूल सोलर लाइटिंग।
दीर्घकालिक रख-रखाव और प्रशासनिक प्रतिबद्धता
सरकार ने केवल निर्माण कार्य तक ही अपनी जिम्मेदारी सीमित नहीं रखी है, बल्कि इनकी दीर्घकालिक गुणवत्ता पर भी विशेष जोर दिया है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद अगले 5 वर्षों तक इन उद्यानों का संचालन और संधारण (Maintenance) संबंधित चयनित निर्माण एजेंसी द्वारा ही किया जाएगा, जिससे हरियाली और संरचनाओं की चमक लंबे समय तक बरकरार रहे।
“तेजी से विकसित हो रहे हमारे शहरों में अधोसंरचना के साथ-साथ पर्यावरण और नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता का ध्यान रखना हमारी प्राथमिकता है। मिशन अमृत 2.0 के तहत बनने वाले ये उद्यान बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएंगे।” — श्री विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़
“मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में हमारी सरकार शहरों को संवारने के लिए प्रतिबद्ध है। इन उद्यानों के निर्माण और आगामी पाँच वर्षों तक इनके रखरखाव की पुख्ता व्यवस्था से नागरिकों को लंबे समय तक उच्च स्तरीय सार्वजनिक सुविधाएँ मिलेंगी।” — श्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता मापदंडों के अनुरूप पूरी पारदर्शिता और तय समयसीमा (एक वर्ष) के भीतर पूर्ण किए जाएँ, ताकि जनता को जल्द से जल्द इनका लाभ मिल सके।
