अंतर-राज्यीय विकास को मिलेगी नई रफ्तार: दो दिवसीय ओडिशा प्रवास पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, सीएम मोहन चरण मांझी से करेंगे उच्च स्तरीय चर्चा

रायपुर/भुवनेश्वर 20 सितम्बर ।
छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच विकास, सुरक्षा और सांस्कृतिक संबंधों का एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज से दो दिवसीय अत्यंत महत्वपूर्ण ओडिशा प्रवास पर हैं। इस हाई-प्रोफाइल दौरे के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय, ओडिशा के नवनियुक्त मुख्यमंत्री श्री मोहन चरण मांझी से शिष्टाचार व कार्यमंत्रणा मुलाकात करेंगे। दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच होने वाली इस उच्च स्तरीय बैठक में मध्य भारत के इन दो प्रमुख पड़ोसी राज्यों से जुड़े विभिन्न रणनीतिक विषयों पर बेहद गंभीर और दूरगामी चर्चा होगी।
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, यह दौरा छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच पारस्परिक सहयोग को एक नए शिखर पर ले जाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वयं सोशल मीडिया पर इस प्रवास की पुष्टि करते हुए कहा, “2 दिन का ओडिशा का प्रवास है, इस दौरान वहाँ के मुख्यमंत्री श्री मोहन चरण मांझी जी से मुलाकात कर विभिन्न विषयों पर चर्चा करेंगे।”
इन प्रमुख एजेंडों पर केंद्रित रहेगी महाबैठक
राजनैतिक और प्रशासनिक गलियारों से छनकर आ रही खबरों के मुताबिक, दोनों राज्यों के मुखियाओं के बीच होने वाली इस द्विपक्षीय वार्ता में निम्नलिखित अहम मुद्दों पर विस्तृत रणनीति तैयार की जा सकती है:
- नक्सल उन्मूलन और आंतरिक सुरक्षा: छत्तीसगढ़ और ओडिशा की सीमाएं एक-दूसरे से सटी हुई हैं। माओवादी इन सीमाओं का फायदा उठाकर सुरक्षा बलों को चकमा देने की कोशिश करते हैं। बैठक में दोनों राज्यों के बीच ‘जॉइंट इंटेलिजेंस शेयरिंग’ और संयुक्त पुलिस अभियानों को और अधिक मजबूत करने पर आम सहमति बन सकती है।
- जल संसाधन और महानदी विवाद: दोनों राज्यों के बीच महानदी के जल बंटवारे का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में रहा है। डबल इंजन सरकार (दोनों राज्यों में भाजपा की सरकार) होने के कारण उम्मीद जताई जा रही है कि दोनों मुख्यमंत्री आपसी संवाद के जरिए इस जटिल विषय का कोई सर्वमान्य और सकारात्मक समाधान निकालेंगे।
- सड़क और रेल कनेक्टिविटी: बस्तर और ओडिशा के सीमावर्ती जिलों के बीच परिवहन व्यवस्था को सुगम बनाने, राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार और नई रेल लाइनों के विकास पर बात होगी, जिससे दोनों राज्यों के व्यापार को गति मिले।
- सांस्कृतिक और पर्यटन विकास: छत्तीसगढ़ और ओडिशा का सांस्कृतिक ताना-बाना सदियों पुराना है। भगवान जगन्नाथ की संस्कृति और छत्तीसगढ़ के जनजातीय गौरव को एक साथ जोड़कर पर्यटन सर्किट विकसित करने की योजनाओं पर भी विचार-विमर्श संभावित है।
राजनीतिक मायनों में बेहद खास है यह दौरा
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के साथ-साथ अब छत्तीसगढ़ और ओडिशा दोनों ही राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की सरकारें हैं। ऐसे में यह दौरा केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं है, बल्कि यह ‘डबल इंजन की रफ्तार’ को धरातल पर उतारने की एक सोची-समझी रणनीति है। दोनों राज्यों में समान विचारधारा की सरकार होने से दशकों पुराने लंबित मामलों को आपसी टेबल-टॉक से सुलझाना अब बेहद आसान हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का यह ओडिशा दौरा दोनों राज्यों के आर्थिक और सामाजिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
भुवनेश्वर में होगा भव्य स्वागत
अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय भुवनेश्वर में कई अन्य कार्यक्रमों में भी शामिल हो सकते हैं। ओडिशा की राजधानी में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं। इस दौरे में छत्तीसगढ़ के कुछ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी मुख्यमंत्री के साथ मौजूद हैं, ताकि चर्चा के दौरान तय होने वाले बिंदुओं पर तुरंत विभागीय कार्ययोजना बनाई जा सके।
