विशेष प्रतिनिधि, भुवनेश्वर 21 सितम्बर ।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर स्थित लोक भवन में ओडिशा के माननीय राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कंभमपति से शिष्टाचार भेंट की। दो राज्यों के शीर्ष नेतृत्व के बीच हुई इस उच्च स्तरीय मुलाकात को क्षेत्रीय विकास और अंतराज्यीय समन्वय के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बेहद सौहार्दपूर्ण और आत्मीय माहौल में हुई इस बैठक के दौरान दोनों दिग्गजों के बीच कई समसामयिक और नीतिगत विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
सार्थक संवाद: विकास और सहयोग पर महामंथन
मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक, सामाजिक और भौगोलिक संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ करने पर बल दिया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्यपाल डॉ. कंभमपति के साथ दोनों राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास, नक्सल उन्मूलन की दिशा में संयुक्त प्रयासों, और जनजातीय कल्याण से जुड़ी योजनाओं पर गंभीर विमर्श किया। इसके साथ ही, बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर), कृषि और खनिज संसाधनों के बेहतर दोहन के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने को लेकर भी दोनों नेताओं के बीच सकारात्मक सहमति बनी।

मुख्यमंत्री ने साझा कीं छत्तीसगढ़ की उपलब्धियां
चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जनहित और सुशासन के क्षेत्र में किए जा रहे अभिनव प्रयासों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि कैसे छत्तीसगढ़ आज विकास के नए प्रतिमान गढ़ रहा है और समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाया जा रहा है। राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कंभमपति ने छत्तीसगढ़ सरकार की कल्याणकारी नीतियों और मुख्यमंत्री की प्रशासनिक कार्यशैली की सराहना की।

भविष्य के नए आयाम
राजनीतिक और प्रशासनिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की इस ओडिशा यात्रा और महामहिम राज्यपाल से हुई इस शिष्टाचार भेंट के दूरगामी परिणाम सामने आएंगे। यह मुलाकात न केवल दोनों राज्यों के बीच व्यापारिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करेगी, बल्कि मध्य-पूर्वी भारत के इस पूरे कॉरिडोर में समृद्धि और सुरक्षा के एक नए युग का सूत्रपात करेगी।

मुलाकात के समापन पर मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्यपाल को छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक कला और संस्कृति का प्रतीक चिह्न भेंट कर उनका अभिवादन किया, वहीं राज्यपाल ने भी मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से आभार व्यक्त किया।

