– ‘सेवा मेरा योगदान’ और ‘दान उत्सव’ के जरिए प्रदेशभर में रचे जाएंगे सेवा और समर्पण के नए इतिहास
– अंगदान करने वाले परिवारों का होगा विशेष सम्मान, हर जिले में लगेंगे मेगा हेल्थ और सेवा सेतु शिविर

रायपुर, 21 सितंबर 2026: छत्तीसगढ़ शासन द्वारा राज्य में सुशासन, संवेदनशीलता और जनभागीदारी की संस्कृति को एक नई और विराट ऊंचाई देने के लिए ‘सेवा संकल्प अभियान’ का शंखनाद कर दिया गया है। यह अभियान मात्र एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग को एक-दूसरे की मदद करने और सहभागिता का अहसास कराने वाला एक अभूतपूर्व सामाजिक आंदोलन बन चुका है।
इसी कड़ी में आज मंत्रालय महानदी भवन से मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में राज्य के सभी संभागायुक्तों और जिला कलेक्टरों की एक उच्चस्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले इस महाअभियान की हर एक गतिविधि की सूक्ष्मता से समीक्षा की गई और इसे और अधिक असरकारक व परिणाममूलक बनाने के लिए कड़े व स्पष्ट निर्देश दिए गए।
1. “आप जिले के लीडर हैं”: मुख्य सचिव की दो टूक, परिणाम आधारित हो कार्य
बैठक के दौरान मुख्य सचिव श्री विकासशील ने सभी जिला कलेक्टरों को पूरी ऊर्जा और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा, “आप अपने जिले के लीडर हैं, इसलिए हर अभियान का प्रभावी नेतृत्व करते हुए धरातल पर उत्कृष्ट परिणाम सुनिश्चित करें।” उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अभियान को महज एक औपचारिकता न समझा जाए, बल्कि यह सुनिश्चित किया जाए कि शासन की योजनाएं अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक बिना किसी रुकावट के पहुंचें।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी जिलों में प्रभारी मंत्रियों के मार्गदर्शन में ब्लॉक और तहसील स्तर पर शिविर आयोजित किए जाएं, जिनमें केंद्र शासन की 26 प्रमुख चिन्हित योजनाओं को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।
2. सेवा मेरा योगदान और दान उत्सव: 23 सितंबर से 8 अक्टूबर तक जगेगी सेवा की अलख
प्रदेश में जनभागीदारी के इस यज्ञ को और व्यापक रूप देने के लिए दो चरणों में विशेष उत्सव आयोजित किए जा रहे हैं:
- पहला चरण (23 से 25 सितंबर): प्रदेश के सभी नगरीय निकाय क्षेत्रों में ‘सेवा संकल्प एवं दान उत्सव’ का भव्य आगाज होगा।
- दूसरा चरण (2 से 8 अक्टूबर): गांधी जयंती से लेकर आगामी एक सप्ताह तक पूरे प्रदेश में ‘सेवा मेरा योगदान’ उत्सव के तहत महा-अभियान चलाए जाएंगे।
इन आयोजनों के तहत प्रदेशभर में सेवा एवं स्वच्छता, अन्न एवं वस्त्र दान, विद्या दान एवं शिक्षा सहयोग, कौशल एवं ज्ञान दान, हरित छत्तीसगढ़ व पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य एवं रक्तदान, अंगदान व देहदान, सामाजिक सुरक्षा जागरूकता, तथा स्थानीय उत्पादन व महिला सशक्तिकरण से जुड़े अनगिनत सेवा कार्य संपादित किए जाएंगे। एनसीसी, एनएसएस, स्वयंसेवक, स्व-सहायता समूह, युवा संगठन और ‘माई भारत’ (My Bharat) पोर्टल पर इन सभी गतिविधियों की फोटोग्राफ्स के साथ लाइव मॉनिटरिंग और डेटा अपलोड करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
3. मानवता की मिसाल: अंगदान और देहदान करने वाले परिवार होंगे सम्मानित
इस अभियान का सबसे मानवीय और दिल को छू लेने वाला पहलू अंगदान और देहदान को बढ़ावा देना है। मुख्य सचिव ने सभी कलेक्टरों को निर्देशित किया कि जिन परिवारों के मृत परिजनों द्वारा अपने अंगों का दान कर दूसरों को जीवनदान दिया गया है, उन महान परिवारों को सार्वजनिक रूप से विशेष सम्मान दिया जाए।
- जिन गंभीर मरीजों में उन अंगों का प्रत्यारोपण हुआ है, उनके परिवारों को भी इस समारोह से जोड़ा जाए और उनकी त्वरित प्रतिक्रिया (Feedback) ली जाए।
- इस कार्य को केवल अभियान तक सीमित न रखकर निरंतर जागरूकता के रूप में आगे बढ़ाने की रूपरेखा तैयार की गई है, ताकि अंगदान के प्रति लोगों की हिचकिचाहट पूरी तरह समाप्त हो सके।
4. ‘एक पेड़ मां के नाम’ से खिलेगा हरा-भरा छत्तीसगढ़: 10 हजार पौधों का रोपण
पर्यावरण संरक्षण और जलवायु संतुलन को प्राथमिकता देते हुए ‘हरित छत्तीसगढ़ अभियान’ के अंतर्गत ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल को जोड़ा गया है। इसके तहत स्थानीय प्रजातियों के 10 हजार से अधिक पौधे रोपे जाएंगे और उनकी सुरक्षा की जवाबदेही तय की जाएगी। इसके अलावा जल संरक्षण, जल स्त्रोतों की साफ-सफाई और प्लास्टिक मुक्त अभियान को भी युद्ध स्तर पर चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
5. सेवा सेतु शिविरों में आवेदनों का होगा समयबद्ध और पारदर्शी समाधान
ग्रामीण और शहरी अंचलों में लगने वाले ‘सेवा सेतु शिविरों’ को लेकर मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि वहां प्राप्त होने वाले प्रत्येक आवेदन का त्वरित परीक्षण कर तय समय-सीमा में शत-प्रतिशत निराकरण किया जाए। अधिकारियों को प्रोएक्टिव (Proactive) होकर कार्य करने को कहा गया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी के तहत लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि नागरिकों को त्वरित न्याय और राहत मिल सके।
6. गिरदावरी सर्वे की शुद्धता और जल जीवन मिशन में तेजी के कड़े निर्देश
बैठक के दौरान किसानों और बुनियादी विकास से जुड़े दो अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी गंभीर मंथन हुआ:
- फसल गिरदावरी सर्वे: मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि फसलों के गिरदावरी सर्वे में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। तहसीलदारों और पटवारियों को इसकी शुद्धता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए लगातार फील्ड मॉनिटरिंग करनी होगी।
- जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन: 15 अक्टूबर तक तय लक्ष्यों के अनुरूप हर घर नल कनेक्शन और उन्हें क्रियाशील बनाने के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। उप-अभियंता (Sub-Engineers) की कमी वाले क्षेत्रों में अन्य निर्माण विभागों के इंजीनियरों की ड्यूटी लगाकर व्यवस्था सुदृढ़ करने को कहा गया है।
शानदार समन्वय और व्यापक प्रशासनिक उपस्थिति
इस उच्चस्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंस में शासन के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों ने अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई। इस दौरान सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री अविनाश चम्पावत, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, और आयुक्त जनसंपर्क श्री रजत बंसल सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी मंत्रालय से जुड़े रहे। वहीं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के सभी संभागायुक्त, जिला कलेक्टर और जिलों के प्रमुख मैदानी अधिकारी शामिल हुए।
छत्तीसगढ़ सरकार का यह ‘सेवा संकल्प अभियान’ राज्य को विकास के पथ पर अग्रणी, प्रोएक्टिव और फ्रंट-रनर राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम साबित होने जा रहा है।
: इस महाअभियान से जुड़ी हर एक गतिविधि की पल-पल की जानकारी गूगल शीट में दर्ज की जा रही है, जिससे शासन स्तर पर इसकी पारदर्शिता और प्रगति की सटीक मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो सके।
