रावघाट-ताड़ोकी नई रेल लाइन पर आज दौड़ेगी ‘स्पीड ट्रायल’ स्पेशल ट्रेन; रेलवे की हाई-अलर्ट अपील- ट्रैक से दूर रहें आमजन, मवेशियों को बचाएं
कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (CRS) आज करेंगे इस बेहद महत्वपूर्ण सिंगल लाइन विद्युतीकृत ब्रॉडगेज सेक्शन का अंतिम निरीक्षण, दुर्ग से सुबह 06:30 बजे रवाना हुई स्पेशल ट्रेन

रायपुर/दुर्ग, 22 सितम्बर 2026
छत्तीसगढ़ के रेल विकास में आज का दिन एक बेहद ऐतिहासिक और निर्णायक मोड़ लेने जा रहा है। के रायपुर रेल मंडल के अंतर्गत आने वाली बहुप्रतीक्षित दल्लीराजहरा–रावघाट नई रेल लाइन परियोजना का काम अब अपने अंतिम चरण में है। इसी कड़ी में आज, 22 सितम्बर 2026 को ताड़ोकी–रावघाट सिंगल लाइन विद्युतीकृत ब्रॉडगेज सेक्शन का अंतिम सुरक्षा निरीक्षण कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (CRS) द्वारा किया जा रहा है। [
इस हाई-प्रोफाइल निरीक्षण के दौरान सबसे संवेदनशील चरण दोपहर में होने वाला ‘स्पीड ट्रायल’ होगा। रेलवे प्रशासन ने ट्रैक के आसपास रहने वाले आम नागरिकों और पशुपालकों के लिए एक गंभीर चेतावनी और सतर्कता अपील जारी की है, क्योंकि स्पीड ट्रायल के दौरान ट्रेन अपनी सामान्य गति से कई गुना अधिक रफ्तार से पटरियों पर दौड़ेगी।
पल-पल का शेड्यूल: कब और कहाँ क्या होगा?
- सुबह 06:30 बजे (निरीक्षण की शुरुआत): कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (CRS) आज तड़के दुर्ग रेलवे स्टेशन से ‘सीआरएस स्पेशल ट्रेन’ द्वारा पूरे दलबल के साथ रवाना हो चुके हैं। वे दुर्ग से रावघाट तक के पूरे सेक्शन और विशेष रूप से ताड़ोकी से रावघाट रेल खंड की बारीकियों को परखेंगे।
- दोपहर 13:00 से 14:00 बजे (सबसे महत्वपूर्ण ‘स्पीड ट्रायल’): ताड़ोकी से रावघाट के बीच बिछी नई रेल लाइन पर दोपहर ठीक 1 बजे से 2 बजे के बीच हाई-स्पीड ट्रायल रन किया जाएगा। इस दौरान ट्रेन की रफ्तार इतनी तेज होगी कि पलक झपकते ही ट्रेन आँखों के सामने से ओझल हो जाएगी।
रेलवे की आमजन से ‘असरकारक अपील’: जरा सी लापरवाही बन सकती है जानलेवा
रेलवे प्रशासन ने इस रूट के आसपास आने वाले सभी गांवों, कस्बों और रिहायशी इलाकों के नागरिकों से साहसी और सुरक्षात्मक सहयोग की अपील की है। मुख्य सुरक्षा बिंदु निम्नलिखित हैं:
- ट्रैक से बनाएँ पर्याप्त दूरी: स्पीड ट्रायल के दौरान स्पेशल ट्रेन अत्यधिक तीव्र गति से चलेगी। हवा के दबाव और अचानक आने वाली ट्रेन के कारण ट्रैक के पास खड़ा होना सीधे मौत को दावत देने जैसा है। नागरिक रेलवे ट्रैक, समपार (क्रॉसिंग) एवं ट्रैक के आसपास के क्षेत्र में अनावश्यक रूप से प्रवेश न करें।
- पशुपालकों के लिए विशेष हिदायत: ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले पशुपालकों से हाथ जोड़कर अनुरोध किया गया है कि वे भूलकर भी अपने गाय, भैंस, बकरी या अन्य मवेशियों को रेलवे ट्रैक की तरफ न जाने दें। हाई-स्पीड ट्रेन के सामने मवेशियों की मौजूदगी न सिर्फ उन बेजुबानों के लिए बल्कि ट्रेन में सवार अधिकारियों के लिए भी अत्यंत जोखिमपूर्ण और जानलेवा साबित हो सकती है।
- अनधिकृत प्रवेश है कानूनी अपराध और जानलेवा: रेलवे ट्रैक पर अनधिकृत रूप से जाना या पटरियों को शॉर्टकट के रूप में पार करना पूरी तरह प्रतिबंधित है। अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए निर्धारित सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करें।
क्यों खास है यह परियोजना?
दल्लीराजहरा–रावघाट रेल परियोजना बस्तर और छत्तीसगढ़ के दूरदराज के क्षेत्रों को मुख्य रेल नेटवर्क से जोड़ने का एक बड़ा जरिया है। ताड़ोकी-रावघाट सेक्शन के चालू होने से न सिर्फ यात्री ट्रेनों की आवाजाही सुगम होगी, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी। आज का यह CRS निरीक्षण और स्पीड ट्रायल इस रूट पर यात्री ट्रेनों के परिचालन को हरी झंडी देने का अंतिम और सबसे बड़ा कदम है। [2]
“रेलवे प्रशासन सभी नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोपरि मानता है। आपका संयम, सतर्कता और सहयोग ही इस ऐतिहासिक ट्रायल को सफल बनाएगा। कृपया सुरक्षित रहें और दूसरों को भी जागरूक करें।”
