विष्णु देव साय सरकार का ऐतिहासिक ‘सेवा संकल्प अभियान’: रक्तदान में महिलाओं ने रचा इतिहास, छत्तीसगढ़ में उमड़ा सेवा का महासैलाब

रायपुर, 23 सितंबर। छत्तीसगढ़ के दूरदर्शी मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश इस समय सेवा और समर्पण की एक नई इबारत लिख रहा है। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आज राजधानी में एक विशाल और अभूतपूर्व ‘सेवा सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन ने न केवल मानवीय संवेदनाओं की नई मिसाल पेश की, बल्कि प्रदेश की नारी शक्ति के साहस और संकल्प को भी एक नया मुकाम दिया।
2,500 रक्तदान का महा-लक्ष्य, मानवता की सेवा में टूटे रिकॉर्ड
इस भव्य सेवा सम्मेलन में आज मानवता की रक्षा के लिए एक बहुत ही बड़ा और संवेदनशील लक्ष्य तय किया गया था। सम्मेलन के दौरान कुल 2,500 लोगों के स्वैच्छिक रक्तदान का महा-लक्ष्य रखा गया। जैसे ही अभियान की शुरुआत हुई, छत्तीसगढ़ की जनता ने अपनी चिरपरिचित सहृदयता का परिचय देते हुए बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। शिविर में रक्तदाताओं का उत्साह देखते ही बनता था, जहाँ हर वर्ग के लोग कतारों में खड़े होकर दूसरों को नया जीवन देने के लिए आतुर दिखे।
नारी शक्ति का शंखनाद: 1,100 से अधिक महिलाओं ने पहली बार किया रक्तदान
इस पूरे महा-अभियान की सबसे गौरवमयी और ऐतिहासिक तस्वीर तब सामने आई, जब प्रदेश की माताओं और बहनों ने रूढ़ियों को तोड़कर आगे कदम बढ़ाया। इस सम्मेलन में 1,100 से अधिक महिलाओं ने अपने जीवन में पहली बार (First Time) रक्तदान किया। यह आंकड़ा सिर्फ एक संख्या नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ की सशक्त, जागरूक और संवेदनशील नारी शक्ति का शंखनाद है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महिलाओं के इस जज्बे को सलाम करते हुए कहा कि जब आधी आबादी इस तरह मानवता की रक्षा के लिए आगे आती है, तो समाज में एक युगांतकारी परिवर्तन की शुरुआत होती है।
देहदान का महा-संकल्प: 21 जागरूक नागरिकों ने लिया अमरता का व्रत
रक्तदान के इस महा-यज्ञ के साथ ही आज समाज को नई दिशा देने वाला एक और अत्यंत भावुक और प्रेरणादायी क्षण आया। सम्मेलन में उपस्थित 21 जागरूक और वीर नागरिकों ने अपनी मृत्यु के पश्चात ‘देहदान’ (Body Donation) का ऐतिहासिक संकल्प लिया। चिकित्सा विज्ञान की प्रगति और मानव कल्याण के लिए अपना सर्वस्व दान करने का यह फैसला इस बात का प्रतीक है कि छत्तीसगढ़ की जनता का सोच अब कितना व्यापक और आधुनिक हो चुका है। इन 21 दानवीरों ने जीते जी तो समाज की सेवा की ही, लेकिन मृत्यु के बाद भी वे दूसरों के काम आ सकेंगे।
एक महीने का ‘सेवा संकल्प’, बदलेगी प्रदेश की सूरत
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों का आभार जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी के जन्मदिन से शुरू हुआ यह 17 अक्टूबर तक चलने वाला ‘सेवा संकल्प अभियान’ छत्तीसगढ़ के कोने-कोने में सेवा की अलख जगा रहा है। सरकार का लक्ष्य सिर्फ विकास के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना नहीं है, बल्कि समाज में अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक करुणा, प्रेम और मदद का हाथ बढ़ाना है।
आज का यह सम्मेलन इस बात का जीता-जागता प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ की जनता अपने मुख्यमंत्री के एक आह्वान पर जन-कल्याण के लिए पूरी ताकत से खड़ी हो जाती है। यह आयोजन इतिहास के पन्नों में छत्तीसगढ़ के स्वर्णिम और संवेदनशील चेहरे के रूप में हमेशा याद रखा जाएगा।
