यमुना एक्सप्रेस-वे पर दर्दनाक हादसा: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ग्रेटर नोएडा बस दुर्घटना पर जताया गहरा दुख, शोकाकुल परिवारों के प्रति व्यक्त की संवेदनाएं
रायपुर/ग्रेटर नोएडा 24 सितम्बर : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर एक निजी स्लीपर बस में आग लगने की हृदयविदारक दुर्घटना में हुई जनहानि पर गहरा शोक व्यक्त किया है. मुख्यमंत्री ने इस कठिन और पीड़ादायक घड़ी में अपनी गहरी संवेदनाएं दिवंगतजनों के शोकाकुल परिवारों के साथ साझा की हैं. उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की है कि वे दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और उनके परिजनों को यह अपार दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें. इसके साथ ही, उन्होंने दुर्घटना में घायल हुए सभी लोगों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की भी कामना की है.
चीख-पुकार के बीच धूं-धूं कर जली बस, दम घुटने और झुलसने से 9 की मौत
यह भीषण और दर्दनाक हादसा 23 सितंबर 2026 की देर रात करीब 11 बजे यमुना एक्सप्रेस-वे पर जेवर टोल प्लाजा के पास (33वें किलोमीटर के मील के पत्थर के पास) हुआ. दिल्ली के कश्मीरी गेट से उत्तर प्रदेश के महोबा (झांसी जिला) जा रही एक निजी स्लीपर बस में अचानक भीषण आग लग गई. आग इतनी तेजी से फैली कि पूरी बस देखते ही देखते आग के गोले में तब्दील हो गई.
बस के अंदर धुआं भरने और आग की लपटों के कारण यात्रियों को बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिला. इस खौफनाक हादसे में 9 यात्रियों की दम घुटने और बुरी तरह झुलसने के कारण मौत हो गई, जिनमें एक महिला भी शामिल है. हादसे के वक्त बस में करीब 35 से 40 यात्री सवार थे.
लापरवाही की इंतहा: “मरते हो तो मर जाओ, बस नहीं रुकेगी”
इस हादसे के पीछे बस ड्राइवर और कंडक्टर की अमानवीय लापरवाही सामने आई है. जीवित बचे यात्रियों द्वारा दर्ज कराई गई के अनुसार, बस चलने के कुछ देर बाद ही ड्राइवर के केबिन से कुछ जलने की बदबू आ रही थी. यात्रियों ने इसकी शिकायत ड्राइवर और कंडक्टर से की और बस रोकने की गुहार लगाई.
आरोप है कि शिकायत को नजरअंदाज करते हुए कंडक्टर ने बेहद संवेदनहीनता से कहा, “मरते हो तो मर जाओ, गाड़ी नहीं रुकेगी” और वे केबिन के अंदर बीड़ी/सिगरेट पीते रहे. कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप ले लिया और यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गैर-इरादतन हत्या (Culpable Homicide) के मामले में ड्राइवर और कंडक्टर दोनों को गिरफ्तार कर लिया है.
राहत और बचाव कार्य, मुआवजे का ऐलान
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय जेवर पुलिस और फायर ब्रिगेड की 8 से 10 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं. दमकलकर्मियों और पुलिस की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद खिड़कियां तोड़कर करीब 25 से 30 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला. घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत गंभीर बनी हुई है.
इस राष्ट्रीय त्रासदी पर देश के शीर्ष नेतृत्व ने भी शोक जताया है:
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है.
- मुआवजे की घोषणा: प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) और उत्तर प्रदेश सरकार दोनों की तरफ से मृतकों के आश्रितों को 2 2 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया गया है.
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के इस संदेश ने एक बार फिर देश के किसी भी कोने में रहने वाले नागरिकों के प्रति संवेदनशीलता और एकजुटता को प्रदर्शित किया है. पूरा देश इस समय शोकाकुल परिवारों के साथ खड़ा है.
