महा-राजनीतिक घमासान: सीएम विष्णु देव साय के दो टूक प्रहार से हिला कांग्रेस का खेमा!

रायपुर, 25 सितंबर 2026: छत्तीसगढ़ की राजनीतिक फिजा में उस वक्त भूचाल आ गया, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर ऐसा सियासी बाण चलाया कि विपक्षी खेमे में खलबली मच गई। जनहित, लोकतंत्र और संवैधानिक मर्यादाओं के मुद्दों पर मुख्यमंत्री का यह अब तक का सबसे आक्रामक, बेबाक और दो टूक अंदाज वाला बयान सामने आया है, जिसने राष्ट्रीय और प्रांतीय दोनों स्तरों पर राजनीतिक गलियारों की सरगर्मी को चरम पर पहुंचा दिया है।
1. राहुल गांधी के आरोपों पर महा-पलटवार: “हार की कुंठा में संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ी कर रही है कांग्रेस”
नई दिल्ली में आयोजित एक हाई-प्रोफाइल प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग पर सवाल उठाने और मध्य प्रदेश तथा छत्तीसगढ़ के जनादेश पर संदेह जताने के बाद से सियासत गरमाई हुई है। इस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बेहद कड़े शब्दों में तीखा पलटवार किया है।
- आत्ममंथन से भागती कांग्रेस: सीएम साय ने दो टूक कहा कि देश की आम जनता द्वारा पूरी तरह नकारे जा चुकी और अपना खोया हुआ जनादेश तलाशने में नाकाम साबित हो रही कांग्रेस पार्टी, अपनी अंदरूनी विफलताओं को छुपाने के लिए बहाने ढूंढ रही है।
- दोहरे मापदंड और अवसरवादी राजनीति: मुख्यमंत्री ने कटाक्ष करते हुए कहा कि लोकतंत्र का यह अजीब विरोधाभास है कि जब चुनाव परिणामों में कांग्रेस को विजय मिलती है, तब उन्हें ईवीएम, चुनाव आयोग और पूरी लोकतांत्रिक प्रणाली दूध की धुली नजर आती है; लेकिन जैसे ही जनता उन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाती है, वे इन्हीं पावन संस्थाओं पर कीचड़ उछालना शुरू कर देते हैं।
- जनादेश का सीधा अपमान: मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश की महान जनता ने पूरी परिपक्वता और विश्वास के साथ भाजपा के पक्ष में मुहर लगाई है। कांग्रेस द्वारा बार-बार चुनाव आयोग और जनादेश पर सवाल उठाना सीधे तौर पर जनता के फैसले का अपमान है।
2. भूपेश बघेल पर सबसे बड़ा सियासी हमला: “पंजाब से किक आउट हुए नेता, पहले अपनी गिरती साख संभालें!”
पत्रकारों द्वारा छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा भाजपा की नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी श्रीमती स्मृति ईरानी पर की गई अमर्यादित और राजनीतिक रूप से प्रेरित टिप्पणियों के बारे में पूछे जाने पर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूरी आक्रामकता के साथ पलटवार किया।
- पंजाब के आईने में हकीकत: सीएम साय ने पूर्व मुख्यमंत्री पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि भूपेश बघेल को दूसरों के घर पर उंगली उठाने से पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। जिन नेताजी को पंजाब की सूझबूझ भरी जनता ने स्पष्ट रूप से “किक आउट” (बाहर का रास्ता) कर दिया हो, उनकी साख और राजनीतिक वजन आज किस स्तर पर पहुंच चुका है, यह जगजाहिर है।
- खुद की राजनीतिक जमीन खो चुके हैं बघेल: मुख्यमंत्री ने तंज कसा कि छत्तीसगढ़ से लेकर अन्य राज्यों तक अपनी खोई हुई प्रासंगिकता और विफलता से घबराए हुए भूपेश बघेल अब केवल सुर्खियां बटोरने के लिए अनर्गल बयानबाजी का सहारा ले रहे हैं। उन्हें दूसरों की चिंता करने के बजाय अपनी खुद की राजनीतिक जमीन बचाने की फिक्र करनी चाहिए।
3. लोकतंत्र, जनता का विश्वास और भाजपा की सुशासन नीति
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार का एकमात्र एजेंडा राज्य का चौतरफा विकास और जनता के जीवन स्तर को ऊंचा उठाना है।
- जनता सर्वोपरि: उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता ही जनार्दन है। जिसे जनादेश मिलता है, वह जनता की सेवा करता है और जिसे अस्वीकार किया जाता है, उसे अहंकार छोड़कर जनता के बीच जाकर प्रायश्चित करना चाहिए। बार-बार बहानों की राजनीति से जनता का विश्वास कभी हासिल नहीं किया जा सकता।
📌 एक नजर में: मुख्य राजनीतिक बिंदु
- राहुल गांधी पर करारा तंज: ‘जीतें तो व्यवस्था सही, हारें तो आयोग पर सवाल’ – यह कांग्रेस का चरित्र बन चुका है।
- जनता के जनादेश का सम्मान: छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश की जनता ने कांग्रेस की नीतियों को पूरी तरह नकार दिया है।
- भूपेश बघेल को कड़ा जवाब: पंजाब में नकारे जाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री पूरी तरह हताश हो चुके हैं।
- राजनीतिक तापमान: सीएम साय के इस आक्रामक तेवर ने आगामी दिनों में छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक नए और बड़े संघर्ष की पटकथा लिख दी है।
यह बयान न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के पट्ठों पर भी एक बड़ा वैचारिक प्रहार है, जो आने वाले दिनों में कांग्रेस के लिए एक बड़ी राजनीतिक चुनौती साबित होने वाला है।
