छत्तीसगढ़ में आफत की बारिश: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संभाली कमान, सभी कलेक्टर्स को चौबीसों घंटे ‘हाई अलर्ट’ पर रहने के सख्त निर्देश
“जनता को रत्ती भर भी न हो परेशानी, अधिकारी खुद उतरें मैदान में” — मुख्यमंत्री साय का कड़ा रुख
मौसम विभाग की भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी के बाद एक्शन में सरकार; राहत और बचाव तंत्र पूरी तरह मुस्तैद
विशेष संवाददाता, रायपुर (25 सितंबर):
छत्तीसगढ़ में मानसून के सक्रिय होने और ओडिशा-आंध्र प्रदेश तट से उठे मौसम तंत्र (डिप्रेशन) के असर से प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश को देखते हुए राज्य सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। प्रदेश में बाढ़ और जलभराव जैसी संभावित स्थितियों से निपटने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने खुद कमान संभाल ली है।
मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों (SPs) को सख्त हिदायत जारी करते हुए कहा है कि पूरा प्रशासनिक अमला चौबीसों घंटे हाई अलर्ट पर रहे। मुख्यमंत्री ने साफ लफ्जों में चेतावनी दी है कि आपदा की इस स्थिति में “आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।”
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• मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी जिलों के कलेक्टर्स को दिए '24x7 अलर्ट' रहने के निर्देश।
• जलभराव और नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर पर लगातार निगरानी रखने का आदेश।
• राहत और बचाव सामग्री (SDRF/NDRF) को संवेदनशील इलाकों में तैनात रहने के निर्देश।
• निचली बस्तियों और बाढ़ संभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं, अधिकारी खुद करें मॉनिटरिंग
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने कड़े संदेश में कहा कि अधिकारी केवल दफ्तरों में बैठकर रिपोर्ट न लें, बल्कि खुद संवेदनशील इलाकों का दौरा कर जमीनी हकीकत का जायजा लें। उन्होंने जलभराव वाले क्षेत्रों, नदी, नालों और तालाबों के बढ़ते जलस्तर पर लगातार नजर रखने को कहा है। मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया है कि यदि किसी भी क्षेत्र में जलभराव या बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होती है, तो वहां तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया जाए और प्रभावितों के लिए भोजन, दवाइयां तथा साफ पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
यातायात और जलभराव पर विशेष नजर
मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग (PWD) और नगरीय निकायों को भी सक्रिय रहने को कहा है। बारिश के कारण जर्जर सड़कों या निर्माणाधीन पुल-पुलियों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। नदी-नालों के ऊपर से पानी बहने की स्थिति में वहां बैरिकेडिंग कर तत्काल आवागमन रोकने और पुलिस बल तैनात करने की हिदायत दी गई है।
मौसम विभाग की चेतावनी: 27 सितंबर तक रहें बेहद सतर्क
भारत का मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण ओडिशा और उससे लगे छत्तीसगढ़ के ऊपर बना चक्रवातीय दबाव उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है, जिसके कारण प्रदेश के अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम वैज्ञानिकों ने वज्रपात (बिजली गिरने) और तेज हवाएं चलने की भी आशंका जताई है। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने ग्रामीण इलाकों में विशेष मुनादी कराने और लोगों को आकाशीय बिजली से बचने के प्रति जागरूक करने को कहा है।
कंट्रोल रूम चालू, सहायता के लिए हेल्पलाइन तैयार
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम को सक्रिय कर दिया गया है। बाढ़ या किसी भी आपातकालीन स्थिति में आम नागरिक स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं। और होमगार्ड की टीमों को किसी भी आपात स्थिति के लिए ‘स्टैंडबाय’ पर रखा गया है।
