भारी बारिश का कहर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का अल्टीमेटम, ‘जन-धन की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता’

रायपुर, 25 सितंबर 2026: छत्तीसगढ़ में मानसून की मूसलाधार और आफत भरी बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। लगातार हो रही भारी वर्षा के मद्देनजर राज्य शासन ने युद्धस्तर पर कमर कस ली है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कड़े निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि प्रदेश के हर नागरिक की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी जिला कलेक्टरों और प्रशासनिक अमले को 24×7 अलर्ट मोड पर रहने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तुरंत ग्राउंड जीरो पर उतरने का आदेश दिया है।
🚨 प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद: कलेक्टरों को सीधी चेतावनी और निर्देश
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और प्रशासनिक बैठकों के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को स्पष्ट शब्दों में चेताया है।
- तत्काल राहत और बचाव: मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि जहां भी जलभराव, बाढ़ या भूस्खलन जैसी स्थिति बने, वहां बिना एक पल गंवाए तत्काल राहत और सहायता पहुंचाई जाए।
- ग्राउंड मॉनिटरिंग: सभी जिला मुख्यालयों के साथ-साथ ग्रामीण और संवेदनशील इलाकों में भी प्रशासनिक अमला लगातार निगरानी रखेगा।
- संसाधनों की उपलब्धता: रेस्क्यू टीमों, मेडिकल किट्स, भोजन और पेयजल की व्यवस्था को पूरी तरह तैयार रखने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
🛑 मुख्यमंत्री की सीधी अपील: ‘थोड़ी सी लापरवाही पड़ सकती है भारी’
आम जनता के नाम अपने संदेश में मुख्यमंत्री श्री साय ने बेहद भावनात्मक और सख्त लहजे में अपील की है कि आपदा की इस घड़ी में हर नागरिक अत्यधिक संयम और सतर्कता का परिचय दे।
“हमारी सरकार आपकी सुरक्षा के लिए हरसंभव कदम उठा रही है। लेकिन आपकी थोड़ी सी लापरवाही आपके और आपके परिवार के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। कृपया प्रशासन का सहयोग करें और अपनी सुरक्षा को सर्वोपरि रखें।” — विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़
⚠️ जनता के लिए जरूरी और जीवनरक्षक दिशा-निर्देश
- नदी-नालों से रहें कोसों दूर: उफनते नदी-नालों, झरनों और जलस्रोतों के पास बिल्कुल न जाएं। जलस्तर कब और कितनी तेजी से बढ़ जाए, इसका अनुमान लगाना नामुमकिन होता है।
- पार न करें जलमग्न पुल-पुलिया: पानी से डूबी हुई सड़कों या पुलों को पार करने का दुस्साहस भूलकर भी न करें। कई बार पानी के तेज बहाव में वाहन और लोग बह जाते हैं।
- अनावश्यक यात्रा से बचें: जब तक बेहद जरूरी न हो, घर से बाहर न निकलें। विशेष रूप से रात के समय यात्रा करने से पूरी तरह परहेज करें।
- बच्चों और बुजुर्गों का रखें विशेष ख्याल: अभिभावक अपने बच्चों को उफनती नालियों या जलभराव वाले क्षेत्रों के पास बिल्कुल न जाने दें। बुजुर्गों और बीमार सदस्यों का विशेष ध्यान रखें।
- बिजली के तारों से रहें सावधान: गिरे हुए विद्युत पोल या लटके हुए बिजली के तारों से सुरक्षित दूरी बनाएं रखें। किसी भी खतरे की सूचना तुरंत बिजली विभाग या पुलिस को दें।
- भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अलर्ट: पहाड़ी और ढलान वाले इलाकों में रहने वाले लोग अतिरिक्त सतर्कता बरतें।
📞 आपातकालीन स्थिति में तुरंत करें संपर्क
किसी भी संकट या दुर्घटना की स्थिति में घबराएं नहीं। तुरंत सहायता के लिए इन माध्यमों का उपयोग करें:
- डायल 112 (आपातकालीन सेवा) पर कॉल करें।
- अपने नजदीकी स्थानीय प्रशासन, थाना या जिला नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) से संपर्क करें।
- केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें: सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक संदेशों पर ध्यान न दें और न ही उन्हें आगे बढ़ाएं। केवल शासन-प्रशासन द्वारा जारी अधिकृत अपडेट्स पर ही विश्वास करें।
मुख्यमंत्री ने अंत में प्रदेशवासियों से अपील की है कि इस कठिन परिस्थिति में एक-दूसरे के मददगार बनें। यदि आपके आस-पास किसी को भी मदद की आवश्यकता है, तो उसकी यथासंभव सहायता करें और तुरंत प्रशासन को सूचित करें। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें!
