भ्रष्टाचार और बदसलूकी पर बड़ी कार्रवाई: बिलाईगढ़ नगर पंचायत के प्रभारी मुख्य नगरपालिका अधिकारी यशवंत देवांगन तत्काल प्रभाव से निलंबित

नवा रायपुर अटल नगर 26 सितम्बर :
संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास छत्तीसगढ़ द्वारा प्रशासनिक हलके में एक बड़ी और सख्त कार्रवाई की गई है। वित्तीय अनियमितता, एजेंडे में हेरफेर (कूटरचना) और स्वच्छता दीदियों के साथ अभद्र व अशोभनीय व्यवहार के गंभीर आरोपों के चलते श्री यशवंत देवांगन, प्रभारी मुख्य नगरपालिका अधिकारी, नगर पंचायत बिलाईगढ़ (मूल पद- लेखापाल) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
यह आदेश संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास के संचालक नीलेशकुमार महादेव क्षीरसागर (IAS) द्वारा जारी किया गया है। विभाग की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई से प्रदेश के नगरीय निकायों में हड़कंप मच गया है।
क्या हैं गंभीर आरोप?
जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, यशवंत देवांगन पर प्रशासनिक और नैतिक स्तर पर गंभीर लापरवाही और कदाचार के आरोप लगे हैं, जो निम्नलिखित हैं:
- वूमेन फॉर ट्री भुगतान में लापरवाही: महिलाओं के रोजगार और सम्मान से जुड़े ‘वूमेन फॉर ट्री’ कार्यक्रम के भुगतान को जानबूझकर लंबित रखने का आरोप।
- परिषद के एजेंडे में जालसाजी (कूटरचना): परिषद द्वारा निर्धारित आधिकारिक एजेंडा क्रमांक 21 में दुर्भावनापूर्ण तरीके से फेरबदल कर मूल विषय को गायब कर दिया गया। उसकी जगह मनमाने ढंग से अन्य विषयों को प्रस्तुत किया गया, जो सीधे तौर पर धोखाधड़ी और नियमों का उल्लंघन है।
- स्वच्छता दीदियों से अमर्यादित व्यवहार: शहर को साफ-सुथरा रखने वाली और जमीनी स्तर पर काम करने वाली ‘स्वच्छता दीदियों’ के साथ यशवंत देवांगन द्वारा अत्यंत अमर्यादित, अशोभनीय और अमानवीय व्यवहार किया गया।
इन तीनों गंभीर मामलों को संज्ञान में लेते हुए विभाग ने उन्हें प्रथम दृष्टया दोषी माना और बिना कोई ढील दिए तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया।
बिलासपुर मुख्यालय अटैच, केवल जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा
निलंबन की अवधि के दौरान श्री यशवंत देवांगन का मुख्यालय कार्यालय क्षेत्रीय संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास, बिलासपुर नियत किया गया है। उन्हें बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने की पाबंदी रहेगी। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निलंबन काल में उन्हें नियमानुसार केवल जीवन निर्वाह भत्ता ही पात्रता होगी।
प्रशासन की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का कड़ा संदेश
इस आदेश की प्रतिलिपि प्रमुख सचिव (छ.ग. शासन, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, मंत्रालय), कलेक्टर (जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़), संयुक्त संचालक (बिलासपुर) और अध्यक्ष/मुख्य नगरपालिका अधिकारी (नगर पंचायत बिलाईगढ़) समेत सभी संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई हेतु भेज दी गई है।
जानकारों का कहना है कि सरकार और संचालनालय ने इस आदेश के जरिए साफ कर दिया है कि शासकीय कार्यों में भ्रष्टाचार, एजेंडे में हेरफेर जैसी धोखाधड़ी और विशेषकर महिला कर्मचारियों (स्वच्छता दीदियों) के साथ दुर्व्यवहार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस कार्रवाई को शासकीय सेवा में अनुशासन और शुचिता बनाए रखने की दिशा में एक बेहद दमदार और कड़ा कदम माना जा रहा है।
