चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस से हर बात पूरी तरह स्पष्ट, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बड़ा बयान
कमिश्नर और सभी सदस्यों की मौजूदगी में हुई चर्चा, विपक्ष के भ्रम और आशंकाओं पर लगा विराम: मुख्यमंत्री

रायपुर, 27 सितंबर।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने चुनाव आयोग की हालिया गतिविधियों और प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा बयान दिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि चुनाव आयोग ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आगामी प्रक्रियाओं को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है, जिससे अब किसी भी तरह के भ्रम या आशंका की कोई गुंजाइश नहीं बची है।
मुख्यमंत्री ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “कल चुनाव आयोग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की है, जिसमें कमिश्नर के साथ सभी सदस्य भी मौजूद थे। आयोग ने अपनी पूरी बात देश और प्रदेश के सामने बेहद स्पष्टता के साथ रख दी है।” मुख्यमंत्री के इस बयान को राजनीतिक हलकों में बेहद दमदार माना जा रहा है, क्योंकि इसने चुनाव प्रक्रियाओं पर सवाल उठाने वाले विपक्षी दलों को सीधा और सटीक जवाब दिया है।
पूरी पारदर्शिता के साथ सामने आई हकीकत
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि जब मुख्य चुनाव आयुक्त (कमिश्नर) और आयोग के सभी सम्मानित सदस्य एक साथ मंच पर आकर हर बिंदु का जवाब देते हैं, तो प्रशासनिक पारदर्शिता की एक मजबूत मिसाल पेश होती है। उन्होंने कहा कि आयोग ने नियमों, तैयारियों और भावी योजनाओं को लेकर जो खाका खींचा है, वह लोकतंत्र को और अधिक मजबूती प्रदान करने वाला है।
अफवाहों और भ्रम फैलाने वालों को करारा जवाब
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री का यह बयान उन ताकतों के लिए एक बड़ा झटका है जो चुनाव प्रणाली और प्रशासनिक तैयारियों पर उंगली उठाकर जनता के बीच अविश्वास पैदा करने की कोशिश कर रहे थे। श्री साय ने साफ कर दिया कि जब देश की सर्वोच्च चुनावी संस्था ने खुद सामने आकर वस्तुस्थिति स्पष्ट कर दी है, तो अब इस विषय पर किसी भी प्रकार की राजनीति या बयानबाजी का कोई औचित्य नहीं रह जाता।
छत्तीसगढ़ सरकार पूरी तरह तैयार
मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि छत्तीसगढ़ में आगामी चुनावी या प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी तरह से शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न होंगी। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को भी निर्देशित किया है कि चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए ताकि आम जनता का भरोसा लोकतंत्र पर और गहरा हो सके।
