रायपुर में बाढ़ और भारी बारिश का तांडव: 571 गांव प्रभावित, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने युद्ध स्तर पर राहत और तत्काल मुआवजे (RBC 6-4) का दिया कड़ा निर्देश

रायपुर, 28 सितंबर। छत्तीसगढ़ में पिछले दिनों से जारी मूसलाधार और अनवरत बारिश ने प्रदेश के एक बड़े हिस्से में भारी तबाही मचाई है। बाढ़ और जलभराव की इस भीषण आपदा से राज्य के 571 गांव पूरी तरह प्रभावित हुए हैं, जिससे 22,377 लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। संकट की इस घड़ी में संवेदनशीलता दिखाते हुए राज्य सरकार ने तुरंत मोर्चा संभाला है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रभावितों को हरसंभव मदद पहुंचाने और पुनर्वास कार्यों में कोई भी कसर न छोड़ने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।
🚨 संकट में देवदूत बना प्रशासन: 16,000 लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू
बाढ़ की विभीषिका का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जलमग्न हो चुके गांवों से अब तक 16,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया है। आपदा प्रबंधन, होमगार्ड और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने विपरीत परिस्थितियों में काम करते हुए इन जिंदगियों को सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाया है।
बेघर हुए परिवारों के लिए शासन द्वारा त्वरित रूप से 173 राहत शिविर (Relief Camps) स्थापित किए गए हैं। इन शिविरों में प्रभावित परिवारों के रहने, शुद्ध पेयजल, भोजन और आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं का पूरा प्रबंध किया गया है। मुख्यमंत्री खुद पल-पल की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
💰 मुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान: RBC 6-4 के तहत मिलेगा त्वरित मुआवजा
आपदा की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने उच्च स्तरीय अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में उन्होंने स्पष्ट शब्दों में हिदायत दी कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लालफीताशाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है:
- क्षति का तत्काल आकलन: बाढ़ और भारी बारिश के कारण फसलों, मकानों, मवेशियों और सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान का पारदर्शी और त्वरित सर्वे किया जाए।
- मुआवजे में न हो देरी: राजस्व पुस्तक परिपत्र (RBC) 6-4 के कड़े प्रावधानों के तहत पीड़ितों को मिलने वाली मुआवजा राशि का निर्धारण कर, उसे शीघ्र से शीघ्र उनके खातों में ट्रांसफर किया जाए।
- संवेदनशीलता सर्वोपरि: प्रशासन संकटग्रस्त परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता से पेश आए और पुनर्वास की प्रक्रिया को युद्ध स्तर पर पूरा करे।
🌧️ जमीनी स्तर पर मुस्तैद सरकार
मुख्यमंत्री के इस कड़े रुख के बाद पूरे प्रदेश का प्रशासनिक अमला अलर्ट मोड पर है। प्रभावित क्षेत्रों में जलस्तर उतरने के साथ ही बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें तैनात की जा रही हैं। सरकार का पूरा ध्यान अब प्रभावितों के जल्द से जल्द सामान्य जीवन में लौटने और बुनियादी ढांचे को दुरुस्त करने पर केंद्रित है। मुख्यमंत्री के इस त्वरित और प्रभावी कदम से आपदा पीड़ितों को बड़ी राहत मिली है और उनमें सुरक्षा का भाव जागा है।
