गोबरधन योजना: ₹23,731 करोड़ के ऐतिहासिक निवेश से चमकेगी छत्तीसगढ़ सहित देश के गांवों की किस्मत
At a Glance:
- योजना का नाम: गोबरधन (GOBARdhan) योजना
- कुल बजट: ₹23,731 करोड़
- प्रमुख उद्देश्य: किसानों और पशुपालकों की आय में वृद्धि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सशक्तीकरण और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन।
- विशेष उपलब्धि: घरेलू कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) क्षमता में लगभग 10 गुना वृद्धि।
- प्रेरणा स्रोत: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘हरित विकास’ का संकल्प।
गोबरधन योजना: ₹23,731 करोड़ के ऐतिहासिक निवेश से चमकेगी छत्तीसगढ़ सहित देश के गांवों की किस्मत
रायपुर / नई दिल्ली 7 अगस्त : जैविक संपदा अब देश के हरित विकास और आत्मनिर्भर भारत की नई ऊर्जा बन गई है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा ₹23,731 करोड़ की भारी-भरकम राशि के साथ गोबरधन (GOBARdhan) योजना को दी गई मंजूरी ने ग्रामीण भारत के आर्थिक कायाकल्प का मार्ग प्रशस्त कर दिया है।

इस योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जैविक संसाधनों के वैज्ञानिक और बेहतर उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, यह पहल कृषकों एवं पशुपालकों की आमदनी बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को अभूतपूर्व मजबूती प्रदान करने में मील का पत्थर साबित होगी।
हरित ऊर्जा और आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम
विशेषज्ञों के अनुसार, इस योजना के तहत घरेलू कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) क्षमता में लगभग 10 गुना वृद्धि होने का अनुमान है। इससे न केवल देश की आयातित ऊर्जा पर निर्भरता कम होगी, बल्कि गांवों में ही स्वच्छ और हरित ऊर्जा का बड़े पैमाने पर उत्पादन संभव हो सकेगा। यह कदम पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ देश को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के प्रधानमंत्री मोदी के संकल्प को सीधी मजबूती देगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जताया आभार
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस दूरदर्शी और ऐतिहासिक निर्णय के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति हार्दिक अभिनंदन एवं आभार व्यक्त किया है।
“गांवों की समृद्धि, किसानों की खुशहाली और एक सुरक्षित हरित भविष्य के निर्माण की दिशा में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का यह निर्णय अत्यंत वंदनीय और क्रांतिकारी है। यह योजना छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश के किसानों और पशुपालकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाएगी।” — श्री विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़
योजना के मुख्य लाभ:
- अतिरिक्त आय: किसानों और पशुपालकों को गोबर और जैविक कचरे से अतिरिक्त आमदनी।
- स्वच्छ गांव, हरित गांव: गांवों में स्वच्छता का प्रसार और प्रदूषण मुक्त पर्यावरण।
- जैविक खाद की उपलब्धता: कृषि के लिए किफायती और उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद की सहज उपलब्धता।
- रोजगार सृजन: ग्रामीण स्तर पर बायोगैस संयंत्रों के संचालन से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर।
