नवरात्रि में फिर सजेगी चैतन्य देवियों की दिव्य झांकी: ब्रह्माकुमारीज के ‘ज्ञान मानसरोवर’ में उमड़ेगा आस्था का सैलाब, 11 अक्टूबर से दर्शन

राजनांदगांव, 5 अक्टूबर। संस्कारधानी राजनांदगांव में शारदीय नवरात्रि के पावन और अलौकिक अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा इस वर्ष भी चैतन्य देवियों की अत्यंत भव्य और आकर्षक झांकी सजाई जाएगी। पिछले वर्षों की अपार सफलता और जन-आस्था को देखते हुए इस बार भी श्रद्धालुओं को एक अनूठे आध्यात्मिक, अलौकिक और भक्तिमय वातावरण में साक्षात देवियों के स्वरूप का दर्शन करने का परम सौभाग्य प्राप्त होगा। इस वर्ष यह भव्य और विशाल आयोजन ब्रह्माकुमारीज के नवनिर्मित, सर्वसुविधायुक्त व भव्य भवन ‘ज्ञान मानसरोवर’ में किया जा रहा है, जिसे लेकर शहर और आसपास के अंचलों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
9 दिनों तक बहेगी अध्यात्म की गंगा, नोट कर लें समय
ब्रह्माकुमारीज राजनांदगांव सेवाकेंद्र की संचालिका श्रद्धेय ब्रह्माकुमारी पुष्पा दीदी जी ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि इस अलौकिक चैतन्य झांकी का भव्य शुभारंभ 11 अक्टूबर, रविवार से होने जा रहा है, जो 19 अक्टूबर, सोमवार तक अनवरत रूप से चलेगा। नवरात्रि के इन पावन नौ दिनों में प्रतिदिन शाम 7:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक श्रद्धालु देवियों के इस अनुपम स्वरूप का दर्शन-लाभ ले सकेंगे। यह समय पूरे परिवार के साथ आकर आध्यात्मिक ऊर्जा ग्रहण करने के लिए बेहद अनुकूल रखा गया है।
क्या है ‘चैतन्य झांकी’ की खासियत?
आम तौर पर मूर्तियों की झांकियां हर जगह देखने को मिलती हैं, लेकिन ब्रह्माकुमारीज की ‘चैतन्य झांकी’ अपने आप में अनूठी और चमत्कारी होती है। इसमें ब्रह्माकुमारी बहनें पूर्णतः पवित्रता, एकाग्रता और राजयोग की गहन साधना में लीन होकर, बिना हिले-डुले कई घंटों तक साक्षात देवी स्वरूप में विराजमान रहती हैं। उनके चेहरों पर दिखने वाला दिव्य तेज, शांति और मंद मुस्कान श्रद्धालुओं को यह अहसास कराती है कि वे किसी जड़ मूर्ति के सामने नहीं, बल्कि साक्षात जाग्रत देवियों के सम्मुख खड़े हैं। इस अलौकिक दृश्य को देखकर हर कोई मंत्रमुग्ध हो जाता है।
दर्शन के साथ मिलेगा जीवन बदलने वाला आध्यात्मिक संदेश
पुष्पा दीदी जी ने आगे बताया कि इस भव्य आयोजन का मुख्य उद्देश्य केवल प्रदर्शन मात्र नहीं, बल्कि देवी मां के नौ स्वरूपों के पीछे छिपे गहरे आध्यात्मिक रहस्यों और भारतीय संस्कृति के महान मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाना है। झांकी के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि कैसे आज के तनावपूर्ण युग में हर मनुष्य अपने भीतर की आसुरी वृत्तियों (क्रोध, मोह, लोभ, अहंकार) का नाश कर दैवीय गुणों को जागृत कर सकता है। यहां आने वाले हर श्रद्धालु को आध्यात्मिक शांति, असीम सकारात्मक ऊर्जा और आंतरिक शक्ति का दिव्य अनुभव होगा।
शहरवासियों और अंचल के श्रद्धालुओं को भावभीनी आमंत्रण
इस गरिमामयी और भव्य आयोजन को लेकर संस्था के स्वयंसेवक और पदाधिकारी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। भव्य लाइटिंग, सुमधुर भक्ति संगीत और अनुशासित व्यवस्था के साथ ‘ज्ञान मानसरोवर’ को एक अलौकिक देवलोक का रूप दिया जा रहा है। ब्रह्माकुमारीज प्रबंधन और पुष्पा दीदी जी ने राजनांदगांव शहर सहित ग्रामीण व दूर-दराज के क्षेत्रों के सभी धर्मप्रेमी भाई-बहनों, माताओं और युवाओं से सपरिवार इस पावन झांकी के दर्शन करने और अपनी आत्मा को सकारात्मकता से सराबोर करने की भावभीनी अपील की है।
