मुख्यमंत्री की बड़ी पहल: छत्तीसगढ़ में गन्ना किसानों की हड़ताल खत्म, मूल्य बढ़ाकर ₹425 प्रति क्विंटल किया गया
रायपुर 10 अक्टूबर । छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशीलता और त्वरित पहल के चलते राज्य में गन्ने की कीमत को लेकर चल रहा किसानों का आंदोलन और हड़ताल पूरी तरह समाप्त हो गई है। राज्य सरकार और किसान नेताओं के बीच दोनों उपमुख्यमंत्रियों की उपस्थिति में हुई उच्च स्तरीय सकारात्मक वार्ता के बाद सरकार ने गन्ने का समर्थन मूल्य बढ़ाकर ₹425 प्रति क्विंटल करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री के इस फैसले के बाद किसान संगठनों ने अपनी हड़ताल वापस ले ली है।
ऐतिहासिक फैसला: छत्तीसगढ़ में गन्ना किसानों की हड़ताल खत्म, ₹425 प्रति क्विंटल हुआ दाम
- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर दोनों उपमुख्यमंत्रियों और किसान लीडर्स के बीच हुई सकारात्मक बातचीत
- दाम बढ़ने से किसानों में हर्ष की लहर, हड़ताल वापस लेकर सरकार के फैसले का किया स्वागत
विशेष संवाददाता, रायपुर
छत्तीसगढ़ के गन्ना उत्पादक किसानों के लिए आज का दिन एक बड़ी सौगात लेकर आया। गन्ने की कीमतों में बढ़ोतरी की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसान नेताओं और राज्य सरकार के बीच कड़वाहट आखिरकार खत्म हो गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की विशेष पहल पर हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में सरकार ने गन्ने की कीमत बढ़ाकर ₹425 प्रति क्विंटल करने का बड़ा ऐलान किया है। इस घोषणा के तुरंत बाद आंदोलनकारी किसानों ने अपनी हड़ताल खत्म करने का आधिकारिक फैसला कर लिया।
दोनों उपमुख्यमंत्रियों की मौजूदगी में बनी सहमति
इस गतिरोध को सुलझाने के लिए मुख्यमंत्री निवास में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्रियों (श्री अरुण साव और श्री विजय शर्मा) की उपस्थिति में किसान नेताओं के साथ बेहद सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक माहौल में बातचीत हुई। सरकार ने किसानों की मांगों और उनकी लागत को ध्यान में रखते हुए गन्ने के दामों में सम्मानजनक वृद्धि करने का प्रस्ताव रखा, जिसे किसान नेताओं ने सहर्ष स्वीकार कर लिया।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी
इस सफल वार्ता की जानकारी खुद मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने साझा की। उन्होंने कहा, “गन्ने की कीमत को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों के लीडर्स से मुलाकात हुई। दोनों उपमुख्यमंत्रियों की उपस्थिति में उनके साथ सकारात्मक वार्ता हुई। हमने गन्ने की कीमत बढ़ाकर 425 रुपये प्रति क्विंटल कर दी है, जिसके बाद किसानों ने अपना हड़ताल तोड़ दिया है।” मुख्यमंत्री ने यह भी साफ किया कि उनकी सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
किसानों में जश्न का माहौल, सरकार का जताया आभार
सरकार के इस फैसले के बाद प्रदेश के गन्ना उत्पादक क्षेत्रों और चीनी मिल परिसरों के बाहर आंदोलन कर रहे किसानों ने मिठाइयां बांटकर खुशी का इजहार किया। किसान नेताओं का कहना है कि ₹425 प्रति क्विंटल का यह दाम देश के कई राज्यों की तुलना में बेहद प्रतिस्पर्धी और किसानों को आर्थिक मजबूती देने वाला है। उन्होंने त्वरित और संवेदनशीलता से निर्णय लेने के लिए मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्रियों के प्रति आभार व्यक्त किया है।
राजनीतिक और आर्थिक गलियारों में चर्चा
विशेषज्ञों के अनुसार, मुख्यमंत्री साय का यह कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने और किसानों के बीच सरकार की विश्वसनीयता को और मजबूत करने वाला साबित होगा। गन्ने की पेराई का सीजन शुरू होने से ठीक पहले हड़ताल खत्म होने से चीनी मिलों में भी काम सुचारू रूप से शुरू हो सकेगा, जिससे हजारों मजदूरों और परिवहन से जुड़े लोगों को भी राहत मिलेगी।
