पुणे, 13 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ में बेटियों की सुरक्षा, लगातार बढ़ रही गुमशुदगी और अपराधियों के बढ़ते हौसलों के खिलाफ ‘आयरन लेडी’ गुरमीत कौर धानी ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से शिष्टाचार मुलाकात की। पुणे में हुई इस उच्च स्तरीय मुलाकात के दौरान उन्होंने प्रदेश में कानून-व्यवस्था की बदहाली और बेखौफ अपराधियों द्वारा की जा रही चाकूबाजी की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अपराधियों पर सख्त लगाम लगाने के लिए पूर्व राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप करने का पुरजोर निवेदन किया।

छत्तीसगढ़ में बेटियों की गुमशुदगी और चाकूबाजी पर ‘आयरन लेडी’ का बड़ा कदम: पुणे में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से की मुलाकात, अपराधियों पर सख्त लगाम लगाने की अपील
विशेष संवाददाता, पुणे/रायपुर
13 अक्टूबर
छत्तीसगढ़ में महिलाओं व बेटियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों, संदिग्ध परिस्थितियों में युवतियों के लापता होने और प्रदेश में तेजी से पैर पसार रहे चाकूबाजी के आतंक पर अब देश के सर्वोच्च स्तर पर चिंता जताई गई है। छत्तीसगढ़ की प्रखर सामाजिक कार्यकर्ता और ‘आयरन लेडी’ के नाम से विख्यात गुरमीत कौर धानी ने आज महाराष्ट्र के पुणे प्रवास के दौरान देश के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से एक सौजन्य मुलाकात की। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ में कानून-व्यवस्था की लगातार बिगड़ती स्थिति और विशेष रूप से बेटियों की सुरक्षा को लेकर पूर्व राष्ट्रपति का ध्यान आकर्षित करना था।

बेटियों के लापता होने और चाकूबाजी की घटनाओं पर जताई गंभीर चिंता
मुलाकात के दौरान ‘आयरन लेडी’ गुरमीत कौर धानी ने पूर्व राष्ट्रपति को अवगत कराया कि छत्तीसगढ़ जैसे शांत राज्य में पिछले कुछ समय से बेटियों के गुमशुदा और लापता होने के मामलों में अप्रत्याशित बाढ़ आ गई है। उन्होंने बेहद आक्रामक और भावुक शब्दों में कहा कि अपराधी तत्व पूरी तरह से बेखौफ हो चुके हैं। आए दिन बीच सड़क पर हो रही चाकूबाजी की घटनाओं ने आम जनता, विशेषकर महिलाओं और कॉलेज जाने वाली छात्राओं के भीतर गहरे डर का माहौल पैदा कर दिया है। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें कानून का कोई खौफ नजर नहीं आ रहा है।

पूर्व राष्ट्रपति को सौंपा गया मांग पत्र, त्वरित कार्रवाई का आग्रह
गुरमीत कौर धानी ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को छत्तीसगढ़ की धरातलीय स्थिति से रूबरू कराते हुए एक विस्तृत मांग पत्र भी सौंपा। उन्होंने मांग की कि बेटियों की सुरक्षा के लिए राज्य और केंद्रीय स्तर पर एक विशेष कार्यबल (स्पेशल टास्क फोर्स) का गठन किया जाना चाहिए जो मानव तस्करी और गुमशुदगी के मामलों की तह तक जाकर त्वरित कार्रवाई करे। इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय स्तर पर बढ़ रहे चाकूबाजी और अवैध हथियारों के कारोबार पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए पुलिस प्रशासन को और अधिक सख्त व जवाबदेह बनाने का आग्रह किया।

अपराधियों में कानून का खौफ होना जरूरी: गुरमीत कौर धानी
मुलाकात के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए ‘आयरन लेडी’ गुरमीत कौर धानी ने कहा, “छत्तीसगढ़ की बेटियां आज खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। अपराधियों के बढ़ते हौसले राज्य के विकास और शांति पर एक बड़ा धब्बा हैं। जब तक अपराधियों के मन में कानून का खौफ पैदा नहीं होगा, तब तक हमारी बेटियां खुलकर सांस नहीं ले पाएंगी। मैंने पूर्व राष्ट्रपति जी से निवेदन किया है कि वे इस संवेदनशील विषय पर संज्ञान लें ताकि राज्य की कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए निर्णायक कदम उठाए जा सकें।”

पूर्व राष्ट्रपति ने दिया सकारात्मक आश्वासन
सूत्रों के मुताबिक, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ‘आयरन लेडी’ गुरमीत कौर धानी की बातों को बेहद गंभीरता और ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने छत्तीसगढ़ में बेटियों की सुरक्षा से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर अपनी चिंता व्यक्त की और आश्वासन दिया कि वे इस विषय में उचित स्तर पर चर्चा कर बेटियों की सुरक्षा और कानून का राज मजबूत करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन और संदेश प्रेषित करेंगे।
इस मुलाकात के बाद राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि ‘आयरन लेडी’ के इस दमदार प्रयास के बाद अब छत्तीसगढ़ प्रशासन को बेटियों की सुरक्षा और बेलगाम अपराधियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और अधिक तेज करना ही होगा।
