कोलकाता पूजा पंडाल में दर्दनाक हादसा: चोरबागान की भगदड़ पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जताया गहरा शोक
‘अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है यह त्रासदी’ – घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने और दिवंगतों की आत्मा की शांति के लिए मुख्यमंत्री ने की माँ दुर्गा से प्रार्थना

विशेष संवाददाता, रायपुर
18 अक्टूबर, 2026
रायपुर/कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के प्रसिद्ध चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में महा-अष्टमी के पावन अवसर पर अचानक मची भीषण भगदड़ ने उत्सव के माहौल को गहरे मातम में बदल दिया है। इस दिल दहला देने वाली त्रासदी पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गहरा दुःख और अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। मुख्यमंत्री ने इस घटना को अत्यंत दुखद और हृदयविदारक बताते हुए घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।
उत्सव के बीच पसरा सन्नाटा, चीखों में बदलीं खुशियां
कोलकाता का चोरबागान पंडाल अपनी भव्यता और कलात्मकता के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है। शनिवार को श्रद्धा और उत्साह के साथ दर्शन करने पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ अचानक एक अनियंत्रित लहर में तब्दील हो गई। देखते ही देखते पंडाल का प्रवेश द्वार चीख-पुकार और अफरा-तफरी का केंद्र बन गया। इस अप्रत्याशित हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की भावुक संवेदना
रायपुर से जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस घटना पर गहरा शोक प्रकट करते हुए कहा, “कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ का समाचार अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है। आस्था के इस पावन पर्व पर ऐसा हादसा मन को भारी आघात पहुंचाने वाला है। इस भयानक त्रासदी में अपनों को खोने वाले सभी शोकाकुल परिवारों के प्रति मेरी गहरी और आत्मीय संवेदनाएं हैं।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि दुःख की इस अत्यंत कठिन घड़ी में छत्तीसगढ़ की जनता पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने जगत जननी माँ दुर्गा से प्रार्थना की है कि वे दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिजनों को इस असहनीय आघात व वज्रपात को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
घायलों के त्वरित उपचार और स्वास्थ्य लाभ की कामना
हादसे में घायल हुए दर्जनों श्रद्धालुओं को तुरंत स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कइयों की हालत गंभीर बनी हुई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने घायलों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए माँ दुर्गा से उनके शीघ्र और पूर्ण स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना की है, ताकि वे जल्द से जल्द स्वस्थ होकर अपने घरों को लौट सकें।
प्रशासनिक सतर्कता पर उठ रहे सवाल
इस दर्दनाक हादसे के बाद त्योहारों के दौरान पंडालों में भीड़ प्रबंधन (क्राउड मैनेजमेंट) और सुरक्षा इंतजामों को लेकर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, क्षमता से अधिक भीड़ का अचानक उमड़ना और निकासी द्वारों पर भारी दबाव ही इस भीषण भगदड़ की मुख्य वजह बना। फिलहाल स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल राहत व बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश की नजरें इस वक्त कोलकाता के इस घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।
