⚡ खाकी का रौब, साड़ी का वैभव! नीली साड़ी में IPS अंकिता शर्मा ने थामी AK-47, दनादन फायरिंग से गूंज उठी पुलिस लाइन
💥 ‘शस्त्र भी हमारा, शास्त्र भी हमारा’… विजयादशमी पर छत्तीसगढ़ की इस जांबाज लेडी सिंघम ने पेश की नारी शक्ति की सबसे भव्य और रोंगटे खड़े कर देने वाली तस्वीर!

ब्यूरो,22 अक्टूबर राजनांदगांव
राजनांदगांव 22 अक्टूबर । जब भारतीय संस्कृति की मर्यादा और आधुनिक पराक्रम की शक्ति एक साथ एक ही फ्रेम में समा जाए, तो इतिहास बनता है। कुछ ऐसा ही हैरतअंगेज और रोंगटे खड़े कर देने वाला नजारा राजनांदगांव की पुलिस लाइन में देखने को मिला, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। राजनांदगांव की निडर और तेजतर्रार पुलिस अधीक्षक (SP) आईपीएस अंकिता शर्मा ने विजयादशमी के पावन पर्व पर एक ऐसा जुदा और सिंह-गर्जना जैसा अंदाज दिखाया, जिसने सोशल मीडिया से लेकर सत्ता के गलियारों तक तहलका मचा दिया है।
आमतौर पर लोहे के अनुशासन और सख्त खाकी वर्दी में अपराधियों के छक्के छुड़ाने वाली लेडी सिंघम इस बार पारंपरिक, बेहद शालीन नीली साड़ी पहने नजर आईं। लेकिन चौंकाने वाली बात यह थी कि उनके कोमल हाथों में कोई सजावटी सामान नहीं, बल्कि दुनिया की सबसे घातक राइफलों में शुमार AK-47 थी।

🎯 अचूक निशाना, फौलादी इरादे: जब गूंज उठी AK-47
दशहरे के मौके पर राजनांदगांव पुलिस लाइन में पारंपरिक वार्षिक शस्त्र पूजन का भव्य आयोजन किया गया था। मंत्रोच्चार के बीच सभी हथियारों और पुलिस वाहनों की पूजा-अर्चना विधि-विधान से संपन्न हुई। लेकिन असली रोमांच तब शुरू हुआ जब परंपरा के अनुसार हवाई फायरिंग की बारी आई।
साड़ी के पल्लू को संभालते हुए, असीम आत्मविश्वास से लबरेज एसपी अंकिता शर्मा कदम आगे बढ़ाती हैं। वो बिना एक पल गंवाए भारी-भरकम, अत्याधुनिक AK-47 राइफल को अपने हाथों में उठाती हैं। उनकी उंगली जैसे ही ट्रिगर पर दबती है, आसमान की तरफ दनादन गोलियां बरसने लगती हैं। फायरिंग की कड़कड़ाहट से पूरी पुलिस लाइन गूंज उठती है। अचूक निशाना और चेहरे पर बिना किसी शिकन के फौलादी इरादे—इस जांबाज अफसर का यह रूप देखकर वहां मौजूद हर एक जवान और अधिकारी का सीना गर्व से चौड़ा हो गया।
📱 सोशल मीडिया पर तूफान: “यही है नए भारत की दुर्गा!”
इस अद्भुत और अद्वितीय पल की तस्वीरें जैसे ही अख़बारों और इंटरनेट पर आईं, मानो देश भर के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भूचाल आ गया। लोग इस तस्वीर को ‘भारतीय परिधान और शक्ति का अनूठा संगम’ कह रहे हैं।
- किसी यूजर ने लिखा— “वर्दी में तो रौब देखा ही था, आज साड़ी में शक्ति का साक्षात रूप देख लिया।”
- एक अन्य ने लिखा— “यह तस्वीर अपराधियों के दिल में खौफ और देश की बेटियों के दिल में नया हौसला भरने के लिए काफी है। यही नए भारत की मां दुर्गा हैं।”
आमतौर पर पुलिस के वीआईपी दौरों या त्योहारों पर महिला अधिकारियों को सूट या फॉर्मल कपड़ों में देखा जाता है, लेकिन अंकिता शर्मा ने भारतीय संस्कृति को सर्वोपरि रखते हुए साड़ी में इस हैरतअंगेज कारनामे को अंजाम देकर एक नई मिसाल पेश की है।
🛡️ “हथियार हमारा आभूषण, जनता की सुरक्षा हमारा धर्म”
इस ऐतिहासिक और दमदार आयोजन के बाद जिले के नागरिकों और बल के जवानों को संबोधित करते हुए एसपी अंकिता शर्मा ने बेहद कड़े और प्रभावशाली शब्दों में कहा:
“पुलिस बल के लिए हथियार केवल एक उपकरण या लोहा नहीं हैं। यह समाज में न्याय, कानून-व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा को अभेद्य बनाने का सबसे पवित्र साधन हैं। विजयादशमी पर शस्त्र पूजा का मतलब यही है कि हम अपनी इस ताकत को याद रखें और हर परिस्थिति में जनता की ढाल बनकर खड़े रहें।”
संपादकीय टिप्पणी: राजनांदगांव से आई यह शानदार तस्वीर सिर्फ एक उत्सव की नहीं है, बल्कि यह इस बात का सीधा प्रमाण है कि भारत की बेटियां जब घर संभाल सकती हैं, तो देश की सुरक्षा के लिए काल बनकर दुश्मनों पर बरस भी सकती हैं। यह समाचार इतिहास के पन्नों में दर्ज होने वाला है!
