मातृशोक: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पूज्य माताजी काशी बाई जी का निधन, एम्स में ली अंतिम सांस
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जताया गहरा शोक, कहा— ‘माँ का जाना अपूरणीय क्षति, बाबा महाकाल दिवंगत पुण्यात्मा को चरणों में दें स्थान’

भोपाल/रायपुर, 30 अक्टूबर 30 अक्टूबर :
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की पूज्य माताजी श्रीमती काशी बाई जी का आज सुबह निधन हो गया। उन्होंने भोपाल के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में उपचार के दौरान अंतिम सांस ली, जहाँ वे पिछले कुछ दिनों से वेंटिलेटर सपोर्ट पर थीं। माताजी के निधन की खबर से राजनीतिक गलियारों सहित पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। उनका अंतिम संस्कार आज दोपहर 3 बजे उनके पैतृक गांव जैत (जिला सीहोर) में किया जाएगा। [1, 2, 3, 4, 5]
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अत्यंत दुःखद समाचार पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए अपनी भावभीनी संवेदनाएं प्रकट की हैं। मुख्यमंत्री साय ने अपने शोक संदेश में माँ के स्थान को रेखांकित करते हुए कहा, “माँ का स्नेह और आशीर्वाद जीवन का सबसे बड़ा संबल होता है। उनका जाना पूरे परिवार के लिए एक ऐसी अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकती।” [1, 2]
मुख्यमंत्री ने दुःख की इस अत्यंत कठिन घड़ी में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनके समस्त शोकाकुल परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने बाबा महाकाल से प्रार्थना करते हुए कहा, “बाबा महाकाल दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार को यह असहनीय दुःख सहन करने की शक्ति व संबल प्रदान करें। ॐ शांति!” [1, 2]
शिवराज सिंह चौहान ने बयां किया दर्द: ‘जीवन में आई कभी न भरने वाली रिक्तता’
अपनी माँ के अवसान पर गहरी पीड़ा व्यक्त करते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया पर लिखा, “आज हमारे पूरे परिवार के लिए अत्यंत दुःख और शोक का दिन है। हमारी पूज्य माताजी श्रीमती काशी बाई जी हमें छोड़कर अपनी अनंत यात्रा पर प्रस्थान कर गईं। माँ का जाना जीवन में एक ऐसी रिक्तता छोड़ जाता है, जिसे दुनिया का कोई भी वैभव नहीं भर सकता।” [1, 2]
एम्स में चल रहा था इलाज, पैतृक गांव में दी जाएगी मुखाग्नि
चिकित्सकों के अनुसार, श्रीमती काशी बाई जी को उम्र संबंधी अस्वस्थता के चलते एक सप्ताह पहले भोपाल एम्स में भर्ती कराया गया था। स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टरों की विशेष टीम उनकी निगरानी कर रही थी, लेकिन तमाम प्रयासों के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका। माताजी के पार्थिव देह को उनके पैतृक गांव जैत ले जाया जा रहा है, जहाँ दोपहर को पूर्ण धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ उनका अंतिम संस्कार संपन्न होगा। इस दुखद घड़ी में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों, केंद्रीय मंत्रियों और पक्ष-विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं ने भी शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं। [1, 2, 3]
“संस्कारों की प्रतिमूर्ति थीं माताजी”
राजनीतिक विश्लेषकों और करीबियों का कहना है कि शिवराज सिंह चौहान जी के जन-कल्याणकारी दृष्टिकोण और सादगी के पीछे उनकी पूज्य माताजी श्रीमती काशी बाई जी के दिए हुए उच्च संस्कार ही थे। उनका शांत और ममतामयी स्वभाव हमेशा पूरे परिवार और क्षेत्र के लोगों के लिए प्रेरणास्रोत रहा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित देश के शीर्ष नेतृत्व ने इस दुखद घड़ी में चौहान परिवार को ढांढस बंधाया है। [1, 2, 3]
