महादेव ऐप कांड: मुख्य सरगना सौरभ चंद्राकर का भारत प्रत्यर्पण जांच एजेंसियों की ऐतिहासिक सफलता, खुलेंगे संरक्षण देने वालों के राज: CM विष्णु देव साय
“गैंग के पूरे नेटवर्क और प्रोटेक्शन मनी डकारने वाले चेहरों का होगा पर्दाफाश, कोई भी पापी नहीं बचेगा” — मुख्यमंत्री
रायपुर, 2 नवंबर 2026।
करोड़ों रुपये के बहुचर्चित और देश के सबसे बड़े ऑनलाइन सट्टेबाजी घोटालों में से एक ‘महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप’ मामले में कानून के हाथ आखिरकार मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर के गिरेबान तक पहुंच ही गए हैं। लंबे समय से विदेश में बैठकर भारत के युवाओं की गाढ़ी कमाई और देश की अर्थव्यवस्था को चूना लगा रहे इस सिंडिकेट के मास्टरमाइंड को ओमान से प्रत्यर्पित (Extradite) कर भारत लाना मोदी सरकार और देश की केंद्रीय जांच एजेंसियों की एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक कूटनीतिक जीत है।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस बड़ी कामयाबी पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI), प्रवर्तन निदेशालय (ED) और तमाम केंद्रीय जांच एजेंसियों के समन्वित और अथक प्रयासों की जमकर सराहना की है। मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि सौरभ चंद्राकर के भारत आते ही अब इस पूरे अवैध साम्राज्य की रीढ़ टूट जाएगी और उन रसूखदारों के चेहरों से नकाब उतरना तय है, जो अब तक पर्दे के पीछे रहकर ‘प्रोटेक्शन मनी’ की मलाई खा रहे थे।
भ्रष्टाचार और अवैध नेटवर्क पर वज्रपात: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बेहद दमदार अंदाज में कहा, “सौरभ चंद्राकर लंबे समय से विदेशों की धरती का इस्तेमाल कर कानून की आंखों में धूल झोंक रहा था। हमारी केंद्रीय एजेंसियां, विशेष रूप से सीबीआई, लगातार उसे भारत लाने के प्रयास में जुटी हुई थीं। उसका भारत प्रत्यर्पण देश में वित्तीय अपराधों और सट्टेबाजी के काले कारोबार के खिलाफ एक निर्णायक प्रहार है।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि यह सिर्फ एक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं है, बल्कि यह उस पूरे तंत्र पर वज्रपात है जिसने छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश में अवैध सट्टे का जाल बिछाया था।
🔍 मुख्य बिंदु: पूछताछ से थर्राएगा ‘महादेव’ का पूरा सिंडिकेट
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- बेपर्दा होंगे ‘सफेदपोश’ मददगार: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सौरभ चंद्राकर से होने वाली कड़ी पूछताछ में सबसे बड़ा खुलासा ‘प्रोटेक्शन मनी’ (संरक्षण राशि) को लेकर होगा। जांच एजेंसियों को अब यह पता चलेगा कि इस काले धंधे को सुचारू रूप से चलाने के लिए किन-किन राजनेताओं, अधिकारियों और रसूखदारों को करोड़ों रुपये की घूस और प्रोटेक्शन मनी दी जाती थी।
- पूरे नेटवर्क का होगा खात्मा: चंद्राकर के पास इस ऐप के पूरे ग्लोबल नेटवर्क, बेनामी बैंक खातों, शेल कंपनियों और हवाला ऑपरेटरों की पूरी कुंडली है। उसकी जुबान खुलते ही इस सिंडिकेट से जुड़े छोटे-बड़े सभी मोहरे और सटोरिए सलाखों के पीछे होंगे।
- जांच को मिलेगी ‘रोकेट’ जैसी रफ्तार: अब तक विदेश में होने के कारण मुख्य कड़ियों को जोड़ने में जो अड़चनें आ रही थीं, वे चंद्राकर के भारत आते ही समाप्त हो जाएंगी। इससे जांच एजेंसियों के पास पुख्ता कानूनी सबूत हाथ लगेंगे।
सियासी गलियारों और नौकरशाही में हड़कंप
सौरभ चंद्राकर के भारत आते ही छत्तीसगढ़ से लेकर दिल्ली तक के सियासी और प्रशासनिक गलियारों में भारी बेचैनी देखी जा रही है। माना जा रहा है कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय इस ऐप को जो कथित राजनीतिक संरक्षण मिला था, चंद्राकर के कबूलनामे के बाद कई बड़े नामों पर गाज गिर सकती है। मुख्यमंत्री के इस तीखे बयान ने साफ कर दिया है कि साय सरकार इस मामले में “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर काम कर रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
अंतिम सत्य: कानून के लंबे हाथों से बचना नामुमकिन
इस पूरी कार्रवाई ने अपराधियों को एक कड़ा संदेश दिया है कि वे दुनिया के किसी भी कोने में छिप जाएं, नए भारत की जांच एजेंसियों और मजबूत इच्छाशक्ति वाली सरकार के रहते वे बच नहीं सकते। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जनता को आश्वस्त किया है कि इस सट्टा ऐप के जरिए जिन लोगों ने युवाओं का भविष्य बर्बाद किया है, उन्हें उनके कर्मों की पूरी सजा भुगतनी होगी।
