‘मुद्दाविहीन कांग्रेस को नक्सलवाद पर बोलने का हक नहीं’— मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का विपक्ष पर सबसे बड़ा प्रहार
विशेष संवाददाता, 3 नवम्बर रायपुर
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विपक्ष की घेराबंदी करते हुए अब तक का सबसे तीखा और सीधा हमला बोला है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए दो टूक शब्दों में कहा कि कांग्रेस पूरी तरह से मुद्दाविहीन हो चुकी है। उन्होंने अतीत का आईना दिखाते हुए कहा कि जिन लोगों ने अपने सत्ताकाल में नक्सलवाद के खिलाफ कभी मजबूती से लड़ाई नहीं लड़ी, उन्हें आज कानून-व्यवस्था या नक्सल मोर्चे पर किसी भी तरह की बात करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
मुख्यमंत्री साय का यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार बस्तर सहित पूरे प्रदेश में नक्सलवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री के इस तेवर से साफ है कि सरकार विपक्ष के हर वार का जवाब दुगुनी आक्रामकता से देने के मूड में है।
खोखली राजनीति कर रही है कांग्रेस: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि कांग्रेस के पास जनता के बीच जाने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है। यही वजह है कि वह अनर्गल और भ्रामक बयानबाजी कर अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन तलाशने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि जब छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार थी, तब नक्सल विरोधी अभियानों में वह राजनीतिक इच्छाशक्ति पूरी तरह गायब थी जो आज दिख रही है। जिन्होंने खुद नक्सलवाद के सामने घुटने टेके, वे आज सरकार की नीयत पर सवाल उठा रहे हैं, जो बेहद हास्यास्पद है।
साय सरकार की नीति से बौखलाया विपक्ष
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले कुछ समय में नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षाबलों को मिली ऐतिहासिक सफलताओं और चौतरफा घेराबंदी ने कांग्रेस की चिंता बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री साय ने संकेत दिया कि सरकार नक्सलवाद की कमर तोड़ने के साथ-साथ अंदरूनी गांवों तक सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और अस्पताल पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार की इस तेज रफ्तार और विकासपरक नीतियों से बौखलाकर ही विपक्ष अपनी खीझ मिटाने के लिए इस तरह की बयानबाजी का सहारा ले रहा है।
राजनीतिक गलियारों में मची खलबली
मुख्यमंत्री के इस सीधे प्रहार के बाद प्रदेश की सियासत पूरी तरह गर्मा गई है। सत्तापक्ष ने मुख्यमंत्री के इस बयान को हाथों-हाथ लिया है और इसे कांग्रेस की ‘कथनी और करनी’ पर करारा तमाचा बताया है। वहीं, इस तीखे हमले के बाद विपक्षी खेमे में खलबली मच गई है। साफ है कि मुख्यमंत्री साय के इस बयान के बाद आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीतिक जंग और भी ज्यादा तेज होने वाली है।
