महादेव ऐप कांड: अब उगलेगा राज, कई बड़े चेहरों की बढ़ेगी धड़कनें! सीएम विष्णु देव साय बोले- ‘मुख्य अभियुक्त सौरभ चंद्राकर से पूछताछ करेगी CBI, कई और लोग भी फसेंगे’
विशेष संवाददाता, रायपुर (4 नवंबर 2026):
छत्तीसगढ़ के सबसे चर्चित और बहु-करोड़ों रुपये के ‘महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप’ घोटाले में एक बहुत बड़ा और निर्णायक मोड़ आ चुका है। ओमान से प्रत्यर्पण के बाद भारत लाए गए इस घोटाले के मुख्य मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर को सीबीआई की विशेष टीम राजधानी रायपुर लेकर पहुंच चुकी है। इस महा-घोटाले को लेकर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने एक बेहद दमदार और कड़ा बयान दिया है, जिसने प्रदेश की राजनीति से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक में हड़कंप मचा दिया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दो टूक शब्दों में कहा, “जो मुख्य अभियुक्त था सौरभ चंद्राकर, उससे सीबीआई पूछताछ करेगी। हो सकता है कई और लोग उसमें फंसे।” मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद यह साफ हो गया है कि अब इस मामले की आंच उन रसूखदारों तक पहुंचने वाली है, जो अब तक पर्दे के पीछे रहकर इस अवैध कारोबार को संरक्षण दे रहे थे।
एयरपोर्ट की लाइटें बंद कर लाया गया रायपुर, अभेद्य सुरक्षा में मास्टरमाइंड
सूत्रों के मुताबिक, महादेव ऐप के संचालक सौरभ चंद्राकर को लेकर दिल्ली की अदालत से दो दिनों की ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद सीबीआई की टीम मंगलवार रात रायपुर पहुंची। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा के इतने कड़े इंतजाम थे कि रायपुर एयरपोर्ट की लाइटें तक बंद करा दी गई थीं, ताकि मीडिया या किसी अन्य माध्यम से सुरक्षा में कोई चूक न हो।
रायपुर के वीआईपी रोड स्थित सीबीआई के प्रादेशिक दफ्तर में सौरभ चंद्राकर को भारी सुरक्षा घेरे के बीच रखा गया है। आज 4 नवंबर को सीबीआई उसे विशेष अदालत में पेश कर पूछताछ के लिए अपनी कस्टडी रिमांड मांगेगी।
खुलेगा ‘प्रोटेक्शन मनी’ का कच्चा चिट्ठा, कई सफेदपोशों पर गिरेगी गाज
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पहले भी संकेत दिया था कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) लगातार इस बात की कोशिश कर रही थी कि विदेश में छिपा यह मुख्य आरोपी भारत लाया जाए। अब जब सौरभ चंद्राकर जांच एजेंसी के शिकंजे में है, तो उन तमाम लोगों के नाम उजागर होने वाले हैं जिन्हें इस अवैध साम्राज्य को बेधड़क चलाने के लिए करोड़ों रुपये की ‘प्रोटेक्शन मनी’ (संरक्षण राशि) पहुंचाई जाती थी।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि सौरभ चंद्राकर के मुंह खोलते ही छत्तीसगढ़ के कई पूर्व रसूखदार, बड़े नेता, पुलिस अधिकारी और नौकरशाह सीधे तौर पर सीबीआई के रडार पर आ जाएंगे। मुख्यमंत्री का यह बयान कि “कई और लोग इसमें फंस सकते हैं” यह साफ इशारा करता है कि आने वाले दिनों में प्रदेश में बड़ी गिरफ्तारियां देखने को मिल सकती हैं।
दुबई से ओमान और अब रायपुर का सफर: कानून के लंबे हाथ
साल 2023 से ही सौरभ चंद्राकर दुबई में ऐशो-आराम की जिंदगी काट रहा था और वहीं से इस सट्टा नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा था। जांच एजेंसियों के दबाव के बाद उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया गया। हाल ही में रॉयल ओमान पुलिस ने उसे ओमान में डिटेन किया, जिसके बाद भारत सरकार और सीबीआई के प्रयासों से उसका प्रत्यर्पण संभव हो सका।
करीब 7 साल बाद रायपुर की धरती पर कदम रखने वाले सौरभ चंद्राकर की हेकड़ी अब सीबीआई के दफ्तर में ढीली पड़ती नजर आ रही है। छत्तीसगढ़ पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) से इस मामले की जांच अपने हाथों में लेने के बाद से ही सीबीआई इस बड़े सिंडिकेट के अंतिम छोर तक पहुंचने की तैयारी में थी।
पूछताछ के मुख्य बिंदु जिन पर टिकी हैं सबकी नजरें:
- प्रोटेक्शन मनी: किन-किन नेताओं और शीर्ष पुलिस अफसरों को हर महीने सट्टे की कमाई का हिस्सा जाता था?
- हवाला नेटवर्क: भारत से विदेशों में पैसा भेजने के लिए किन कूरियर और हवाला ऑपरेटरों का इस्तेमाल हुआ?
- सिंडिकेट पार्टनर: छत्तीसगढ़ और देश के अन्य हिस्सों में इस सट्टे की फ्रेंचाइजी चलाने वाले मुख्य चेहरे कौन हैं?
- बेनामी संपत्तियां: सट्टे की अवैध कमाई से देश-विदेश में कहां-कहां आलीशान होटल और संपत्तियां खरीदी गईं?
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के इस आक्रामक और स्पष्ट रुख से साफ है कि वर्तमान राज्य सरकार इस भ्रष्टाचार और अवैध धंधे के खात्मे के लिए पूरी तरह गंभीर है। अब देखना यह होगा कि सीबीआई की रिमांड के दौरान सौरभ चंद्राकर के बयानों से वह कौन सा ‘पंडोरा बॉक्स’ खुलता है, जो छत्तीसगढ़ की सियासत में नया सियासी भूचाल लेकर आएगा।
