लोकतंत्र को सबसे बड़ा खतरा कांग्रेस और इंडी गठबंधन की दोहरी राजनीति से : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
लोकतंत्र की हत्या करने वाली कांग्रेस आज लोकतंत्र बचाने की बात कर रही है, इससे बड़ा राजनीतिक विरोधाभास क्या होगा : मुख्यमंत्री श्री साय
आपातकाल लगाकर लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन करने और चुनी हुई सरकारों को बर्खास्त करने का कांग्रेस का रहा है इतिहास
चुनाव हारने पर ईवीएम और निर्वाचन आयोग पर सवाल, जीतने पर उन्हीं संस्थाओं पर भरोसा कांग्रेस की दोहरी नीति : मुख्यमंत्री
कांग्रेस और इंडी गठबंधन की दोहरी राजनीति से जनता को अवगत कराने के लिए आयोजित की जा रही ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा
महादेव सट्टा ऐप मामले में सौरभ चंद्राकर से सीबीआई की पूछताछ में हो सकते हैं कई बड़े खुलासे : मुख्यमंत्री श्री साय
सौरभ चंद्राकर को हीरो बताने संबंधी अमित जोगी के बयान पर मुख्यमंत्री श्री साय का तीखा पलटवार, कहा – ऐसे बयान उनकी सोच और मानसिकता को उजागर करते हैं

रायपुर 4 नवंबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर तीखा राजनीतिक प्रहार करते हुए कहा है कि देश के लोकतंत्र को सबसे बड़ा खतरा उन लोगों से है, जिन्होंने अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए बार-बार लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक व्यवस्थाओं को कमजोर करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि जिस कांग्रेस ने देश में आपातकाल लगाकर लोकतंत्र का गला घोंटा, विपक्षी नेताओं को जेलों में डाला और मीडिया की स्वतंत्रता छीन ली, आज वही कांग्रेस लोकतंत्र बचाने की बात कर रही है। यह अपने आप में बेहद हास्यास्पद और कांग्रेस की दोहरी राजनीति का परिचायक है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने आज जशपुर में आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा में शामिल होने के लिए रवाना होने से पूर्व पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस का इतिहास लोकतांत्रिक संस्थाओं और जनादेश के प्रति उसके वास्तविक रवैये को उजागर करता है। आपातकाल के दौरान कांग्रेस ने देश के गैर-कांग्रेसी नेताओं को जेलों में डालने और प्रेस की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाने का काम किया। इतना ही नहीं, कांग्रेस ने कई अवसरों पर संविधान के अनुच्छेद 356 का दुरुपयोग कर जनता द्वारा चुनी गई गैर-कांग्रेसी सरकारों को बर्खास्त किया। आज उसी कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों द्वारा लोकतंत्र की दुहाई देना राजनीतिक अवसरवादिता की पराकाष्ठा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन के नेता अपनी चुनावी पराजय को स्वीकार करने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करते हैं। कभी वोट चोरी का आरोप लगाते हैं, कभी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पर प्रश्नचिह्न लगाते हैं और कभी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) तथा निर्वाचन आयोग को कटघरे में खड़ा करने का प्रयास करते हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की दोहरी नीति का सबसे बड़ा उदाहरण यह है कि जब चुनाव परिणाम उनके पक्ष में आते हैं, तब उन्हें उसी ईवीएम और उसी निर्वाचन आयोग पर पूरा भरोसा होता है, लेकिन जब जनता उन्हें नकार देती है, तो वे अपनी हार का ठीकरा संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ने लगते हैं। लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति यह दोहरा रवैया कांग्रेस की राजनीतिक हताशा को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन की इसी दोहरी राजनीति को जनता के सामने उजागर करने तथा लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि लोकतंत्र की रक्षा की बात करने वालों का अपना राजनीतिक इतिहास क्या रहा है।
महादेव सट्टा ऐप मामले में सीबीआई की पूछताछ से सामने आ सकते हैं कई बड़े नाम
महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि इस प्रकरण के मुख्य अभियुक्त सौरभ चंद्राकर को विदेश से लाया गया है। अब सीबीआई उससे पूछताछ करेगी, जिससे इस पूरे मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। उन्होंने संभावना जताई कि जांच के दौरान इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी उजागर हो सकती है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री अमित जोगी द्वारा सौरभ चंद्राकर को लेकर दिए गए बयान पर भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अमित जोगी सौरभ चंद्राकर को हीरो बता रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ऐसे बयान संबंधित नेताओं की तुच्छ सोच को स्वयं उजागर करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्ति को हीरो बताने के पीछे कैसी सोच काम कर रही है, इसका आकलन प्रदेश की जनता स्वयं कर सकती है।
