मुख्य सचिव ने की केंद्र प्रवर्तित योजनाओं की समीक्षा: समय पर भुगतान और डिजिटल मॉनिटरिंग पर जोर
- समीक्षा बैठक: मंत्रालय महानदी भवन, रायपुर में मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक संपन्न।
- मुख्य निर्देश: लाभार्थियों और वेंडर्स का भुगतान समयबद्ध हो, योजनाओं की स्वीकृतियां तय समयसीमा में मिलें।
- डिजिटल प्रणाली (SNA स्पर्श): फंड के दुरुपयोग को रोकने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए डिजिटल ऑन-बोर्डिंग पर विशेष बल।
- प्रमुख उपस्थिति: वित्त सचिव डॉ. रोहित यादव सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव और सचिवगण रहे मौजूद।

रायपुर 11 अगस्त : छत्तीसगढ़ में केंद्र सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और वित्तीय पारदर्शिता को सुनिश्चित करने के लिए शासन स्तर पर सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव श्री विकासशील ने विभिन्न विभागों के अंतर्गत संचालित केंद्र प्रवर्तित योजनाओं (CSS) की मैराथन समीक्षा बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर स्तर पर कसावट लाई जाए।
भुगतान और समयसीमा पर विशेष फोकस
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि केंद्र प्रवर्तित योजनाओं के वास्तविक लाभार्थियों और विभिन्न वेंडर्स को समय पर भुगतान मिलना सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए विभागों को एक मजबूत और व्यवस्थित प्रणाली (Systematic System) विकसित करने को कहा गया है। योजनाओं के संचालन के लिए आवश्यक सभी वैधानिक स्वीकृतियां निर्धारित समयसीमा के भीतर प्राप्त की जाएं, ताकि विकास कार्यों या कल्याणकारी योजनाओं की गति प्रभावित न हो। साथ ही, अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे मैदानी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित मॉनिटरिंग करें।
SNA स्पर्श ऑन-बोर्डिंग और वित्तीय पारदर्शिता
बैठक में केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए ‘एस.एन.ए. स्पर्श’ (SNA Sparsh) ऑन-बोर्डिंग स्थिति की गहन समीक्षा की गई।
- क्या है SNA? यह केंद्र सरकार द्वारा राज्यों में लागू की गई एक अत्याधुनिक डिजिटल प्रणाली है, जिसके माध्यम से मनरेगा सहित तमाम केंद्रीय योजनाओं का फंड ट्रांसफर किया जाता है।
- लाभ: इस प्रणाली का मुख्य उद्देश्य सरकारी फंड के किसी भी प्रकार के दुरुपयोग को रोकना और वित्तीय लेन-देन में शत-प्रतिशत पारदर्शिता लाना है।
बैठक के दौरान योजनाओं की मातृ स्वीकृतियों (Parent Sanctions) और लंबित परिचालन मामलों की भी विस्तार से समीक्षा की गई। वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने इस संबंध में एक विस्तृत और डेटा-आधारित प्रस्तुतीकरण दिया।
त्वरित कार्रवाई के निर्देश
मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे योजनाओं की ऑन-बोर्डिंग से जुड़ी सभी औपचारिकताएं जल्द से जल्द पूरी करें। भुगतान प्रक्रिया को अत्यधिक तीव्र और पारदर्शी बनाने के लिए सभी विभागों को एक सुदृढ़ कार्ययोजना (Action Plan) तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में इनकी रही प्रमुख उपस्थिति
इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में शासन के कई वरिष्ठ अधिकारी प्रमुख रूप से शामिल हुए, जिनमें:
- श्री सोनमणि बोरा (प्रमुख सचिव, आदिम जाति विकास विभाग)
- सुश्री रीना बाबा साहेब कंगाले (सचिव, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग)
- डॉ. कमलप्रीत सिंह (सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग)
- श्री अमित कटारिया (सचिव, स्वास्थ्य विभाग)
- श्री रजत कुमार (सचिव, उद्योग, वाणिज्य एवं सामान्य प्रशासन विभाग)
- श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी (सचिव, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग)
- श्री हिमशिखर गुप्ता (सचिव, श्रम विभाग)
- श्री भूवनेश यादव (सचिव, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग)
- डॉ. एस. भारतीदासन (सचिव, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग)
- श्रीमती शम्मी आबिदी (सचिव, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग)
- श्री राजेश सुकुमार टोप्पो (सचिव, जल संसाधन विभाग)
- श्री चंदन कुमार (विशेष सचिव, वित्त विभाग)
सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
