छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने श्रद्धेय दिलीप सिंह जूदेव को दी श्रद्धांजलि, राष्ट्र और समाज के लिए उनके योगदान का किया स्मरण

रायपुर, 14 अगस्त: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में श्रद्धेय स्वर्गीय श्री दिलीप सिंह जूदेव की पुण्यतिथि पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राष्ट्र, समाज और सनातन संस्कृति के उत्थान में श्री जूदेव के ऐतिहासिक योगदान को याद किया।
“जन-जन के हृदय में बसते थे दिलीप सिंह जूदेव”
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि श्रद्धेय दिलीप सिंह जूदेव का संपूर्ण जीवन राष्ट्र, समाज और सनातन संस्कृति की सेवा के लिए समर्पित था। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज के अधिकारों की रक्षा, उनके स्वाभिमान की बहाली और समाज में जन-जागरण लाने के लिए उन्होंने अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। समाज के सबसे अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के प्रति उनकी संवेदनशीलता और जनसेवा की अटूट प्रतिबद्धता ने उन्हें छत्तीसगढ़ के जन-जन के दिलों में एक विशिष्ट और अमर स्थान दिलाया है।
छत्तीसगढ़ की माटी से था गहरा आत्मीय जुड़ाव
श्री साय ने कहा कि जूदेव जी का छत्तीसगढ़ की माटी और यहां के मेहनतकश लोगों से आत्मीय और गहरा रिश्ता था। विशेष तौर पर जनजातीय बहुल अंचलों में उन्होंने समाज को एकजुट करने, लोगों के भीतर आत्मविश्वास की अलख जगाने और उनकी आवाज को शासन-प्रशासन तक मजबूती से पहुंचाने का अभूतपूर्व कार्य किया। उनका पूरा जीवन राष्ट्रसेवा, सामाजिक सरोकारों और अपनी संस्कृति व परंपराओं के प्रति अटूट निष्ठा का एक जीवंत और प्रेरक उदाहरण है। उनके आदर्श और विचार आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रहित में कार्य करने के लिए हमेशा प्रेरित करते रहेंगे।
प्रमुख हस्तियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस श्रद्धांजलि सभा के दौरान कई गणमान्य नागरिक और विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से:
- श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव
- श्रीमती प्रियंवदा सिंह जूदेव (सदस्य, राज्य महिला आयोग)
- डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी (प्रसिद्ध फिल्म निर्माता-निर्देशक)
- श्री शशांक शर्मा (अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी)
इन सभी ने भी स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव के चित्र पर पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि प्रेषित की।
